: उत्तर प्रदेश के बिजनौर कोतवाली शहर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पीएनबी (PNB) एटीएम में चोरी का प्रयास करने वाले 3 शातिर आरोपियों (एक बाल अपचारी सहित) को गिरफ्तार कर लिया है। चोरों के पास से 50
Published at : 21 Jul 2026, 04:50 PM IST
Updated : 07:40 AM IST
· 11 Sep 2026
Bijnor Police Arrests 3 for Attempted PNB ATM Theft in Civil Lines
ताजा और बेहद सनसनीखेज मामला उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले का है। यहाँ के सबसे पॉश और सुरक्षित माने जाने वाले इलाके सिविल लाइंस (Civil Lines) में स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के एटीएम को रातों-रात निशाना बनाने की कोशिश की गई। लेकिन, थाना कोतवाली शहर पुलिस ने गजब की फुर्ती (Prompt Action) दिखाते हुए न केवल इस अंधी वारदात का खुलासा किया, बल्कि घटना को अंजाम देने वाले 3 शातिर आरोपियों (जिसमें एक बाल अपचारी भी शामिल है) को गिरफ्तार कर लिया है।
\r\n\r\n
\r\n
#BijnorPolice \r\nथाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत पीएनबी एटीएम में क्षतिग्रस्त करने वाले तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर, जनपद बिजनौर की बाइट।#UPPolicepic.twitter.com/VSV3bBYEBW
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि युवाओं में महंगे शौक (जैसे R15 जैसी स्पोर्ट्स बाइक रखना) उन्हें किस तरह अपराध की काली दुनिया में धकेल रहे हैं। आइए, बिजनौर पुलिस के इस शानदार गुडवर्क, अपराधियों के काम करने के तरीके (Modus Operandi) और पूरी वारदात की इनसाइड स्टोरी (Inside Story) को विस्तार से जानते हैं।
\r\n\r\n
\r\n
#BijnorPolice \r\nथाना कोतवाली शहर पुलिस द्वारा तत्परता से कार्यवाही करते हुए 03 अभियुक्तो को चोरी किये गए सामान व चोरी की घटना मे प्रयुक्त उपकरण सहित गिरफ्तार किया गया। #UPPolicepic.twitter.com/3srIc6I5IV
वारदात की वो खौफनाक रात: जब R15 से एटीएम लूटने पहुंचे 3 युवक
\r\n\r\n
यह पूरी वारदात 20 और 21 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि की है। बिजनौर शहर गहरे सन्नाटे में डूबा हुआ था। इसी सन्नाटे का फायदा उठाते हुए तीन युवक एक बेहद महंगी और तेज रफ्तार स्पोर्ट्स बाइक (Yamaha R15) पर सवार होकर सिविल लाइंस इलाके में पहुंचे। उनका निशाना था— पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का एटीएम।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
एटीएम में प्रवेश और तोड़फोड़: चोरों ने योजनाबद्ध तरीके से रात के उस पहर को चुना जब सड़कों पर पुलिस की गश्त के अलावा किसी और की आवाजाही नहीं होती।
तीनों ने एटीएम बूथ के अंदर प्रवेश किया। उनके हाथों में लोहे का एक भारी पाइप (Iron Pipe) और पेचकस (Screwdriver) था।
\r\n
\r\n
\r\n
उनका मुख्य उद्देश्य एटीएम मशीन के कैश वॉल्ट (Cash Vault) को तोड़कर उसमें रखे लाखों रुपये नकद चुराना था।
\r\n
\r\n
\r\n
चोरों ने लोहे के पाइप और पेचकस की मदद से मशीन के बाहरी हिस्से को बुरी तरह क्षतिग्रस्त (Damaged) कर दिया और कैश बॉक्स तक पहुंचने की पूरी कोशिश की।
\r\n
\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
जब कैश नहीं मिला तो उखाड़ लिया SNG लॉक: चोरों ने काफी देर तक मशक्कत की, लेकिन एटीएम की मजबूत स्टील बॉडी और आधुनिक सुरक्षा प्रणाली के सामने वे पूरी तरह पस्त हो गए। जब वे कैश (Cash) निकालने में असफल रहे, तो उनके भीतर झुंझलाहट और खुन्नस भर गई।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
खाली हाथ वापस लौटना उन्हें गंवारा नहीं था। इसलिए, जाते-जाते उन्होंने एटीएम मशीन में लगा हुआ एक बेहद महत्वपूर्ण और कीमती पुर्जा 'SNG लॉक / की-बोर्ड' (SNG Lock) पेचकस से उखाड़ लिया। बैंक के अधिकारियों के अनुसार, इस लॉक और उसके सॉफ्टवेयर की कीमत लगभग 50,000 रुपये है। इसे अपने साथ लेकर वे उसी R15 बाइक से रातों-रात अंधेरे में फरार हो गए।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
सुबह हुआ खुलासा: बैंक अधिकारी की तहरीर और नए कानून (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज
\r\n\r\n
दिनांक 21 जुलाई 2026 की सुबह जब स्थानीय लोग और बैंक कर्मचारी वहां पहुंचे, तो एटीएम की टूटी हुई हालत देखकर उनके होश उड़ गए। एटीएम मशीन का महत्वपूर्ण हिस्सा गायब था और बूथ में लोहे के औजारों से की गई तोड़फोड़ के निशान साफ नजर आ रहे थे।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
वादी मनीष भारती ने दी पुलिस को सूचना: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) सिविल लाइन्स शाखा की ओर से वादी मनीष भारती (पुत्र अनिल भारती) ने बिना कोई समय गंवाए थाना कोतवाली शहर का रुख किया। उन्होंने पुलिस को पूरी घटना से अवगत कराते हुए लिखित तहरीर (Written Complaint) दी।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
BNS के तहत दर्ज हुई FIR: तहरीर मिलते ही कोतवाली शहर पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। देश में लागू हुए नए और सख्त आपराधिक कानूनों के तहत, पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या (FIR No.) 563/26 दर्ज किया।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
\r\n
\r\n
यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(E) और 324(4) के तहत पंजीकृत किया गया। नए कानूनों में संपत्ति के खिलाफ अपराधों (Offences against property) को बेहद गंभीरता से लिया गया है।
\r\n
\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
24 घंटे का अल्टीमेटम: एसएचओ अवनीत मान ने बिछाया मुखबिरों का जाल
\r\n\r\n
बिजनौर के पुलिस अधीक्षक (SP Bijnor) के सख्त निर्देशों और शहर में कानून-व्यवस्था कायम रखने की जिम्मेदारी को निभाते हुए, थाना कोतवाली शहर के तेजतर्रार थानाध्यक्ष (SHO) श्री अवनीत मान ने इस मामले को चुनौती के रूप में लिया।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
सिविल लाइंस जैसे पॉश इलाके में हुई इस दुस्साहसिक वारदात का खुलासा करना पुलिस के इकबाल (Police Pride) का सवाल था।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
\r\n
\r\n
टीमें गठित: SHO अवनीत मान ने तुरंत थाने के कुशल उप-निरीक्षकों (Sub-Inspectors) और सिपाहियों की अलग-अलग टीमें गठित कीं।
\r\n
\r\n
\r\n
सीसीटीवी और सर्विलांस: सबसे पहले घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footage) की गहराई से जांच की गई। इसी फुटेज में पुलिस को एक R15 बाइक की धुंधली सी तस्वीर और संदिग्धों का हुलिया मिल गया।
\r\n
\r\n
\r\n
मुखबिर तंत्र सक्रिय: पुलिस का 'ह्यूमन इंटेलिजेंस' (Human Intelligence) यानी मुखबिर तंत्र सबसे मजबूत हथियार होता है। इलाके के सभी प्रमुख मुखबिरों को एक्टिव कर दिया गया और हुलिए के आधार पर संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई।
\r\n
\r\n
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
शहर छोड़ने की फिराक में थे चोर, तभी पड़ गई पुलिस की रेड
\r\n\r\n
21 जुलाई 2026 (यानी घटना के ही दिन) की दोपहर/शाम को पुलिस को अपने मुखबिरों से एक बेहद पक्की सूचना (Tip-off) मिली। सूचना यह थी कि एटीएम में चोरी का प्रयास करने वाले वही संदिग्ध युवक अपनी R15 बाइक के साथ शहर से भागने की फिराक में किसी सुनसान जगह पर खड़े हैं।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
बिना एक पल की भी देरी किए, SHO अवनीत मान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी (Cordon off) कर दी। पुलिस को अपनी ओर तेजी से आते देख अपराधियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर कर दबोच लिया।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण (Details of Arrested Accused): पुलिस ने मौके से 3 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से दो बालिग और एक बाल अपचारी (नाबालिग) है। इनके नाम और पते इस प्रकार हैं:
\r\n\r\n
\r\n\r\n\r\n
\r\n
अनित उर्फ अमित: पुत्र मेघराम, निवासी गुड़ियापुर, थाना कोतवाली शहर, जनपद बिजनौर। (यह गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है)।
एक बाल अपचारी (Minor): इसे किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के तहत पुलिस अभिरक्षा (Police Custody) में लिया गया है।
\r\n
\r\n\r\n\r\n
\r\n\r\n
पूछताछ में उगले सारे राज: "कैश नहीं निकला तो खुन्नस में उखाड़ लिया था लॉक"
\r\n\r\n
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने इन शातिरों से कड़ाई से पूछताछ (Interrogation) की, तो वे ज्यादा देर तक पुलिस के सवालों के सामने टिक नहीं पाए और टूट गए। उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
अभियुक्तों का चौंकाने वाला कबूलनामा: पूछताछ में उन्होंने बताया कि, "साहब! हमने 20 और 21 जुलाई की रात को सिविल लाइन वाले PNB एटीएम को लूटने का पूरा प्लान बनाया था। हम अपनी R15 बाइक से वहां पहुंचे थे। हमें लगा था कि मशीन आसानी से टूट जाएगी और हम एक ही रात में लाखों रुपये कैश लूटकर अमीर बन जाएंगे। हमने लोहे की रॉड और पेचकस से खूब जोर लगाया, लेकिन मशीन टूटी ही नहीं। जब हमें लगा कि कैश नहीं निकल पाएगा, तो हमें बहुत गुस्सा आया। खाली हाथ जाने से अच्छा हमें मशीन में लगा वह की-बोर्ड (SNG लॉक) कीमती लगा। हमने खुन्नस में उसे ही उखाड़ लिया और अपने साथ ले गए।"
\r\n\r\n
\r\n\r\n
चोरों ने आगे बताया कि उन्हें इस बात का एहसास हो गया था कि उन्होंने बहुत बड़ा कांड कर दिया है, इसलिए वे आज (21 जुलाई को) शहर छोड़कर भागने वाले थे, लेकिन पुलिस की फुर्ती ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
बरामदगी और नया आपराधिक इतिहास (Criminal Records)
\r\n\r\n
पुलिस ने पकड़े गए इन अभियुक्तों के पास से न केवल चोरी किया गया कीमती सामान बरामद किया, बल्कि वारदात में इस्तेमाल हथियार और वाहन भी जब्त कर लिए।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
बरामदगी का विस्तृत विवरण (Recoveries Made):
\r\n\r\n
\r\n
\r\n
चोरी का सामान: एटीएम मशीन से चोरी गया बहुमूल्य SNG लॉक (की-बोर्ड), जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 50,000 रुपये है।
\r\n
\r\n
\r\n
वारदात का वाहन: अपराध को अंजाम देने और भागने के लिए इस्तेमाल की गई एक स्पोर्ट्स R15 बाइक (Yamaha R15)।
\r\n
\r\n
\r\n
हथियार/उपकरण: एटीएम तोड़ने में प्रयुक्त एक भारी लोहे का पाइप और एक पेचकस।
\r\n
\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
इन ठोस बरामदगियों के आधार पर पुलिस ने दर्ज अभियोग (FIR) में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की एक और गंभीर धारा 317(2) की बढ़ोतरी (Sections Added) कर दी है। यह धारा चोरी के माल की बरामदगी से संबंधित है।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
अभियुक्त अनित का पुराना आपराधिक इतिहास (Criminal History): पुलिस की पड़ताल में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार अभियुक्त 'अनित उर्फ अमित' कोई नौसिखिया नहीं है, बल्कि उसका एक आपराधिक इतिहास भी है। उसके खिलाफ पहले से ही कोतवाली शहर में गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है:
\r\n\r\n
\r\n\r\n\r\n
\r\n
मु0अ0सं0 558/22: धारा 323, 324, 325, 504 भादवि (IPC) - थाना कोतवाली शहर, बिजनौर। (यह मारपीट, गाली-गलौज और गंभीर चोट पहुंचाने का मामला है)।
\r\n
\r\n
\r\n
मु0अ0सं0 563/26: धारा 305(E), 324(4), 317(2) बीएनएस (BNS) - थाना कोतवाली शहर (वर्तमान एटीएम चोरी का मामला)।
\r\n
\r\n\r\n\r\n
\r\n\r\n
इस शानदार गुडवर्क को अंजाम देने वाली 'सुपरकॉप' टीम
\r\n\r\n
किसी भी बड़ी वारदात का महज 24 घंटे के अंदर, वह भी शत-प्रतिशत बरामदगी (100% Recovery) के साथ खुलासा करना, स्थानीय पुलिस की कार्यकुशलता और उनके पेशेवर रवैये को दर्शाता है। इस पूरे ऑपरेशन को सफलता के मुकाम तक पहुंचाने में बिजनौर पुलिस (थाना कोतवाली शहर) की जिस जांबाज टीम ने अहम भूमिका निभाई, वह इस प्रकार है:
\r\n\r\n
\r\n\r\n\r\n
\r\n
श्री अवनीत मान - थानाध्यक्ष (SHO), थाना कोतवाली शहर, जनपद बिजनौर। (ऑपरेशन के नेतृत्वकर्ता)
\r\n
\r\n
\r\n
श्री शेखर कुमार - उप-निरीक्षक (Sub-Inspector)
\r\n
\r\n
\r\n
श्री अंकुर राठी - उप-निरीक्षक (Sub-Inspector)
\r\n
\r\n
\r\n
मोहित (590) - हेड कांस्टेबल (Head Constable)
\r\n
\r\n
\r\n
अर्पित कुमार (1319) - कांस्टेबल (Constable)
\r\n
\r\n
\r\n
अश्वनी (1475) - कांस्टेबल (Constable)
\r\n
\r\n\r\n\r\n
\r\n\r\n
बिजनौर के पुलिस अधीक्षक और उच्चाधिकारियों ने इस त्वरित और सफल कार्रवाई के लिए थाना कोतवाली शहर पुलिस की पूरी टीम की पीठ थपथपाई है और उनके उत्कृष्ट कार्य (Excellent Work) की सराहना की है।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
युवाओं में बढ़ते महंगे शौक और अपराध की दुनिया का खतरनाक कॉकटेल
\r\n\r\n
यह घटना केवल एक एटीएम चोरी के प्रयास तक सीमित नहीं है; यह हमारे समाज के लिए एक गहरी चेतावनी भी है। एक तरफ जहाँ युवा एक लाख रुपये से अधिक कीमत की स्पोर्ट्स बाइक (R15) की सवारी कर रहे हैं, वहीं रातों-रात लखपति बनने की अंधी दौड़ में वे लोहे का पाइप लेकर एटीएम तोड़ने जैसे संगीन अपराध करने से भी नहीं हिचक रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात इस गिरोह में एक बाल अपचारी (Minor) का शामिल होना है, जो यह दर्शाता है कि किशोर किस तरह गलत संगत का शिकार हो रहे हैं।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
बहरहाल, बिजनौर की थाना कोतवाली शहर पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश कर एक बड़ा संदेश दिया है— "अपराधी चाहे कितनी भी तेज बाइक पर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथ और पुलिस की नजरों से वह बच नहीं सकता।" फिलहाल पकड़े गए बालिग आरोपियों को पुलिस रिमांड के बाद जेल भेजने की तैयारी की जा रही है, जबकि बाल अपचारी को किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) के समक्ष पेश किया जाएगा। शहर में एटीएम और बैंकों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने रात्रि गश्त (Night Patrolling) को और भी अधिक सघन कर दिया है।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
(बिजनौर जिले की पल-पल की और सबसे सटीक क्राइम अपडेट्स के लिए खबरीलाल न्यूज़ नेटवर्क से जुड़े रहें।)
Sabse pehle comment karne wale banein.