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बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ दी है। जिले के धामपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव अलादीनपुर में मधुमक्खियों के हमले से पंडित दयाराम शर्मा की मौत (Main Keyword) हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब वह एक विवाह समारोह में फेरे करवाकर अपने घर लौट रहे थे। अचानक हुए इस हमले में पंडित जी को संभलने का मौका भी नहीं मिला और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
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खुशियों के माहौल के बीच पसरा मातम

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जानकारी के मुताबिक, पंडित दयाराम शर्मा क्षेत्र के एक सम्मानित ब्राह्मण थे और पूजा-पाठ करवाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। घटना वाले दिन वह एक यजमान के यहां शादी में फेरे (विवाह की रस्म) संपन्न करवाने गए थे। हंसी-खुशी रस्में पूरी करवाने के बाद जब वह वापस अपने गंतव्य की ओर लौट रहे थे, तभी रास्ते में मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने उन पर हमला बोल दिया।
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धामपुर के अलादीनपुर के पास हुए इस हादसे में मधुमक्खियों ने उन्हें बुरी तरह काट लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पंडित जी ने खुद को बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन मधुमक्खियों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि वे बच नहीं सके। विषैले डंकों के कारण उनका शरीर बुरी तरह प्रभावित हुआ और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।READ ALSO:-बिजनौर: काम के बोझ तले दबी सांसे? SIR फॉर्म भरते वक्त बिगड़ी तबीयत, हार्ट अटैक से BLO शोभा रानी की मौत
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परिजनों में मचा कोहराम

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पंडित दयाराम शर्मा की मौत की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची, वहां कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर से वह आशीर्वाद देकर निकले थे, वहां भी इस खबर से सन्नाटा पसर गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पंडित दयाराम शर्मा अत्यंत मृदुभाषी और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी अकस्मात मृत्यु से पूरा गांव स्तब्ध है।
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सूचना मिलते ही आसपास के लोग और शुभचिंतक उनके निवास पर इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जंगली इलाकों और रास्तों में मधुमक्खियों के छत्तों को हटाने के लिए वन विभाग उचित कदम उठाए, ताकि भविष्य में किसी और के साथ ऐसा हादसा न हो।
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बिजनौर में मधुमक्खियों का आतंक
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बिजनौर और इसके आसपास के इलाकों में मधुमक्खियों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी जिले के नगीना और अन्य क्षेत्रों में किसानों और राहगीरों पर मधुमक्खियों के जानलेवा हमले की खबरें सामने आती रही हैं। अक्सर खेतों या सुनसान रास्तों से गुजरते वक्त किसी वजह से मधुमक्खियां आक्रामक हो जाती हैं, जिसका खामियाजा आम लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी और मौसम में बदलाव के कारण मधुमक्खियां अधिक आक्रामक हो सकती हैं। प्रशासन को इस दिशा में जागरूकता फैलाने और संवेदनशील स्थानों को चिन्हित करने की आवश्यकता है।
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धामपुर के अलादीनपुर में हुई पंडित दयाराम शर्मा की मौत (Main Keyword) ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष के खतरे को उजागर किया है। एक व्यक्ति जो समाज में शुभ कार्यों का साक्षी बनता था, उसका इस तरह चले जाना बेहद दुखद है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन को मामले की जानकारी दे दी गई है, और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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बिजनौर के धामपुर (अलादीनपुर) में शादी के फेरे करवाकर लौट रहे पंडित दयाराम शर्मा की मधुमक्खियों के हमले से मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना से उनके परिवार और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
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