राजस्थान में विकास की गति को तेज करते हुए, जल्द ही एक नया 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (Greenfield Expressway) बनने जा रहा है, जो कोटपूतली को सीधे बीकानेर से जोड़ेगा। लगभग 295 किलोमीटर लंबा यह महत्वाकांक्षी मार्ग राजस्थान के 63 गांवों से होकर गुजरेगा, जिससे दिल्ली, जयपुर और गुजरात के औद्योगिक केंद्रों तक सीधा संपर्क स्थापित होगा। यह परियोजना न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि जमीन की कीमतें बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने वाली साबित होगी।READ ALSO:-सरदार पटेल जयंती पर गूंजा 'किसान उत्थान' का प्रण: नगीना रोड पर अराजनीतिक चौपाल, ₹30 गन्ना मूल्य बढ़ोतरी पर संघर्ष को सलाम
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सीकर जिले पर सबसे बड़ा प्रभाव

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यह प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे राजस्थान के सीकर जिले पर सबसे अधिक प्रभाव डालेगा। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है और वर्तमान में जमीन को चिह्नित करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
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    मुख्य रूट: एक्सप्रेस-वे कोटपूतली-बीकानेर के बीच बनाया जा रहा है और यह सीकर के नीमकाथाना, रींगस, श्रीमाधोपुर और पाटन जैसे महत्वपूर्ण इलाकों से होकर गुजरेगा।
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    गांवों की संख्या: यह एक्सप्रेस-वे अकेले सीकर जिले में 43 गांवों से होकर गुजरेगा, जिनमें नीमकाथाना उपखंड के 30 गांव शामिल हैं।
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    जमीन अधिग्रहण: भूमि अधिग्रहण के लिए गांवों की सूची जारी कर दी गई है और जगह-जगह पिलर लगाकर जमीन चिह्नित करने का काम जारी है।
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दिल्ली और गुजरात से सीधा औद्योगिक संपर्क

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इस एक्सप्रेस-वे के बन जाने के बाद, नीमकाथाना और रींगस जैसे क्षेत्रों का दिल्ली, जयपुर और गुजरात के औद्योगिक हब से सीधा और मजबूत संपर्क स्थापित होगा।
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    व्यापार में तेजी: नीमकाथाना से हर दिन टाइल्स निर्माण में उपयोग होने वाला पाउडर गुजरात की फैक्ट्रियों में भेजा जाता है। नए एक्सप्रेस-वे से यह परिवहन तेज और सस्ता हो जाएगा।
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    आर्थिक विकास: परिवहन लागत में कमी आने से व्यापारिक लाभ बढ़ेगा और इस क्षेत्र में नए उद्योगों के लिए रास्ता खुलेगा। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
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यातायात दबाव में कमी

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यह एक्सप्रेस-वे यात्रियों और किसानों दोनों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा।
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    यात्री लाभ: अभी दिल्ली या जयपुर जाने के लिए पाटन-कोटपूतली या अजीतगढ़-चौमूं मार्ग का उपयोग करना पड़ता है, जिससे इन सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बहुत बढ़ जाता है। नया 6-लेन मार्ग इन सड़कों पर दबाव कम करेगा।
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    सड़क सुरक्षा: उम्मीद है कि बेहतर कनेक्टिविटी और कम ट्रैफिक के कारण सड़क हादसों में भी कमी आएगी।
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    किसानों को फायदा: किसान अपने कृषि उत्पादों को जयपुर और दिल्ली जैसे बड़े बाजारों तक कम समय और कम लागत में पहुंचा सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
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जमीनों की कीमतों में उछाल

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किसी भी बड़े एक्सप्रेस-वे परियोजना की तरह, इस मार्ग के आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतें (Land Prices) तेजी से बढ़ने की संभावना है। यह बढ़ोतरी निवेशक और औद्योगिक इकाइयों को आकर्षित करेगी, जो क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
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इन तहसीलों के गांवों से गुजरेगा मार्ग (सीकर जिला)

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यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे सीकर जिले की निम्नलिखित तहसीलों के गांवों से होकर गुजरेगा:
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    तहसीलें: पाटन, नीमकाथाना, खंडेला, श्रीमाधोपुर और रींगस।
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    प्रमुख गांव: भराला, हीरानगर, गणेश्वर, प्रीतमपुरी, फतेहपुरा, कुरदिया, और रामसिंहपुरा आदि।
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