नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क): अगर आप भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहक हैं और आपको बार-बार एटीएम या बैंक जाकर कैश निकालने की आदत है, तो अब आपको थोड़ा सतर्क होने की जरूरत है। अनावश्यक बैंक चार्ज से बचने के लिए अब कैश के बजाय ज्यादा से ज्यादा डिजिटल पेमेंट या यूपीआई (UPI) का इस्तेमाल करने का समय आ गया है।
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​बैंक ने स्पष्ट कर दिया है कि 1 अक्टूबर 2026 से फ्री लिमिट खत्म होने के बाद नकद निकासी महंगी हो जाएगी। आइए विस्तार से जानते हैं एसबीआई के नए नियमों के तहत क्या-क्या बदलाव होने जा रहे हैं।
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​4 फ्री ट्रांजैक्शन के बाद देना होगा इतना चार्ज

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​एसबीआई द्वारा जारी नए नियमों के मुताबिक, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खाताधारकों को अब हर महीने केवल 4 बार फ्री कैश विड्रॉल (Cash Withdrawals) की सुविधा मिलती रहेगी। यह सुविधा एटीएम (ATM) और बैंक शाखा (Branch) दोनों के लिए लागू होगी।
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    ​नया शुल्क: 1 अक्टूबर से, जैसे ही आप महीने में अपने 4 फ्री ट्रांजैक्शन की लिमिट पार करेंगे, उसके बाद हर बार कैश निकालने पर आपको 15 रुपये + अतिरिक्त जीएसटी (GST) का शुल्क देना होगा।
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AePS निकासी भी अब फ्री लिमिट में शामिल

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​इस नियम बदलाव का एक और अहम पहलू आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) से जुड़ा है।
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    ​पहले क्या था: पहले AePS के जरिए किए जाने वाले ट्रांजैक्शन को डिजिटल माना जाता था और उन्हें इन 4 फ्री कैश विड्रॉल की लिमिट से बाहर रखा गया था।
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    ​अब क्या होगा: 1 अक्टूबर 2026 से AePS के जरिए कैश निकालने को भी आपकी महीने की 4 फ्री ट्रांजैक्शन सीमा के भीतर ही गिना जाएगा।
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​राहत: डिजिटल लेनदेन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं

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​SBI ग्राहकों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि बैंक ने डिजिटल ट्रांजैक्शन पर कोई नई पाबंदी या अतिरिक्त चार्ज नहीं लगाया है।
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​"यूपीआई (UPI), इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से किए जाने वाले सभी लेनदेन पहले की तरह ही पूरी तरह से फ्री और अनलिमिटेड रहेंगे। ग्राहक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के जितनी बार चाहें, ऑनलाइन पेमेंट या फंड ट्रांसफर कर सकते हैं।"
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बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट (Bulk FD) की ब्याज दरों में संशोधन

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​कैश विड्रॉल नियमों के अलावा, स्टेट बैंक ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट की दरों में भी बदलाव किया है, जो लागू हो चुका है।
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    ​ब्याज दरों में बदलाव: बैंक ने ₹3 करोड़ और उससे अधिक की डोमेस्टिक बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट (Bulk FD) की ब्याज दरों में संशोधन किया है, जो 15 अगस्त 2026 से प्रभावी हो चुका है।
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    ​कटौती: 7 से 45 दिनों की छोटी अवधि वाली बल्क एफडी पर ब्याज दरों में 0.25% (25 बेसिस पॉइंट्स) तक की कटौती की गई है।
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    ​पेनल्टी: अगर कोई ग्राहक अपनी बल्क एफडी को समय से पहले (Premature) बंद कराता है या पैसे निकालता है, तो उस पर 1% की पेनल्टी लागू रहेगी।
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एसबीआई के इस कदम का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को नकदी पर निर्भरता कम करने और डिजिटल बैंकिंग (UPI, Net Banking) की ओर प्रोत्साहित करना है। 1 अक्टूबर के बाद बैंक के ब्रांच या एटीएम का रुख करने से पहले अपनी 4 फ्री ट्रांजैक्शन की लिमिट का ध्यान जरूर रखें ताकि आप किसी भी तरह के अतिरिक्त शुल्क से बच सकें।
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