नई दिल्ली/मुंबई | बिजनेस डेस्क
\r\n\r\nवर्ष 2026 का गणतंत्र दिवस भारतीय सर्राफा बाजार के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है, लेकिन खरीदारों के लिए यह किसी झटके से कम नहीं है। वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सोने और चांदी की कीमतों (Gold-Silver Prices) ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।READ ALSO:-'अंगूठा लगाने' का झंझट होगा खत्म: आधार में होने जा रहा है अब तक का सबसे बड़ा 'Tech-Upgrade', जानें क्या है सरकार का 'विजन 2032'
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सोना, जिसे संकट का साथी माना जाता है, ने अपनी चमक से निवेशकों की आंखों को चौंधिया दिया है। जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने $5,000 प्रति औंस का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है, वहीं घरेलू बाजार में यह ₹1,60,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ते हुए नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। चांदी की चमक भी कम नहीं हुई है और यह ₹3.34 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर को छू रही है। हालांकि, आज दिल्ली के बाजार में मामूली सी सुस्ती देखी गई, लेकिन पिछले एक हफ्ते की तेजी ने बाजार का पूरा गणित बदल कर रख दिया है।
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महा-विस्फोट: क्यों लगी है कीमतों में यह आग?
\r\n\r\nबाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण 'वैश्विक अनिश्चितता' (Global Uncertainty) है। जब भी दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव या आर्थिक अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक शेयर बाजार या मुद्रा बाजार से पैसा निकालकर 'सुरक्षित हेवन' (Safe Haven Assets) मानी जाने वाली संपत्तियों में लगाते हैं। सोना और चांदी सदियों से निवेश के सबसे सुरक्षित विकल्प माने जाते रहे हैं।
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आज के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति बेहद चौंकाने वाली है:
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- \r\n अंतरराष्ट्रीय बाजार: सोने ने पहली बार $5,000 प्रति औंस का ऐतिहासिक स्तर पार किया है। यह एक ऐसा मनोवैज्ञानिक बैरियर था, जिसके टूटने की कल्पना विश्लेषक साल के अंत तक कर रहे थे, लेकिन यह जनवरी में ही संभव हो गया।\r\n \r\n
- \r\n घरेलू बाजार (भारत): भारत में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव ₹1,60,250 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी ने भी लंबी छलांग लगाते हुए ₹3,34,900 प्रति किलोग्राम का स्तर छू लिया है।\r\n \r\n
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यह उछाल केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि निवेशकों का भरोसा कागजी मुद्रा (Currency) के मुकाबले ठोस धातुओं (Hard Assets) पर बढ़ रहा है।
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राजधानी दिल्ली का हाल: रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर आज ₹10 की मामूली राहत
\r\n\r\nदेश की राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज कीमतों में एक बेहद मामूली सुधार देखने को मिला, जिसे 'ऊंट के मुंह में जीरा' कहा जा सकता है। ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, आज यानी 26 जनवरी को सोने के भाव में मात्र ₹10 की गिरावट दर्ज की गई।
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- \r\n 24 कैरेट सोना (दिल्ली): आज ₹10 सस्ता होकर ₹1,60,040 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।\r\n \r\n
- \r\n 22 कैरेट सोना (दिल्ली): आभूषण बनाने में इस्तेमाल होने वाला यह सोना भी ₹10 टूटकर ₹1,47,040 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।\r\n \r\n
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हालांकि, यह गिरावट खरीदारों को कोई खास राहत देने वाली नहीं है, क्योंकि कीमतें अभी भी ₹1.60 लाख के स्तर के ऊपर बनी हुई हैं। यह गिरावट तकनीकी रूप से 'प्रोफिट बुकिंग' (Profit Booking) का नतीजा मानी जा सकती है, जहाँ निवेशक ऊंचे दामों पर थोड़ा मुनाफा वसूलते हैं।
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बीते हफ्ते की तूफानी तेजी: 7 दिनों में बदला पूरा मंजर
\r\n\r\nआज की ₹10 की गिरावट को समझने के लिए हमें पिछले एक हफ्ते (19 जनवरी से 25 जनवरी) के आंकड़ों को देखना होगा। यह हफ्ता सोने के लिए किसी 'रॉकेट' से कम नहीं था।
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- \r\n 24 कैरेट में उछाल: केवल 7 दिनों के भीतर 24 कैरेट सोने की कीमतों में ₹16,480 प्रति 10 ग्राम की भारी भरकम तेजी दर्ज की गई।\r\n \r\n
- \r\n 22 कैरेट में उछाल: ज्वैलरी गोल्ड यानी 22 कैरेट सोने में भी लगभग ₹15,100 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई।\r\n \r\n
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इतनी कम अवधि में इतना बड़ा उछाल बताता है कि बाजार में 'पैनिक बाइंग' (Panic Buying) की स्थिति बनी हुई थी।
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देश के 10 बड़े शहरों का 'गोल्ड मीटर': जानें कहाँ क्या है भाव
\r\n\r\nआज देश के प्रमुख महानगरों में सोने के भाव लगभग एक सीमित दायरे में बने हुए हैं, लेकिन कुछ शहरों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है। मुंबई और कोलकाता, जो सर्राफा व्यापार के बड़े केंद्र हैं, वहां भाव अपने चरम पर हैं।
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नीचे दी गई तालिका में आप अपने शहर के अनुसार आज (26 जनवरी) के सोने के भाव देख सकते हैं:
\r\n\r\n| \r\n शहर (City) \r\n | \r\n \r\n 24 कैरेट (10 ग्राम) \r\n | \r\n \r\n 22 कैरेट (10 ग्राम) \r\n | \r\n \r\n 18 कैरेट (10 ग्राम) \r\n | \r\n
| \r\n दिल्ली \r\n | \r\n \r\n ₹1,60,040 \r\n | \r\n \r\n ₹1,47,040 \r\n | \r\n \r\n ₹1,20,330 \r\n | \r\n
| \r\n मुंबई \r\n | \r\n \r\n ₹1,60,250 \r\n | \r\n \r\n ₹1,46,890 \r\n | \r\n \r\n ₹1,20,180 \r\n | \r\n
| \r\n कोलकाता \r\n | \r\n \r\n ₹1,60,250 \r\n | \r\n \r\n ₹1,46,890 \r\n | \r\n \r\n ₹1,20,180 \r\n | \r\n
| \r\n चेन्नई \r\n | \r\n \r\n ₹1,59,480 \r\n | \r\n \r\n ₹1,47,490 \r\n | \r\n \r\n ₹1,22,990 \r\n | \r\n
| \r\n बेंगलुरु \r\n | \r\n \r\n ₹1,60,250 \r\n | \r\n \r\n ₹1,46,890 \r\n | \r\n \r\n ₹1,20,180 \r\n | \r\n
| \r\n हैदराबाद \r\n | \r\n \r\n ₹1,60,250 \r\n | \r\n \r\n ₹1,46,890 \r\n | \r\n \r\n ₹1,20,180 \r\n | \r\n
| \r\n लखनऊ \r\n | \r\n \r\n ₹1,60,040 \r\n | \r\n \r\n ₹1,47,040 \r\n | \r\n \r\n ₹1,20,330 \r\n | \r\n
| \r\n पटना \r\n | \r\n \r\n ₹1,60,300 \r\n | \r\n \r\n ₹1,46,940 \r\n | \r\n \r\n ₹1,20,230 \r\n | \r\n
| \r\n जयपुर \r\n | \r\n \r\n ₹1,60,040 \r\n | \r\n \r\n ₹1,47,040 \r\n | \r\n \r\n ₹1,20,330 \r\n | \r\n
| \r\n अहमदाबाद \r\n | \r\n \r\n ₹1,60,300 \r\n | \r\n \r\n ₹1,46,940 \r\n | \r\n \r\n ₹1,20,230 \r\n | \r\n
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विश्लेषण:
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- \r\n सबसे महंगा सोना: पटना और अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना ₹1,60,300 के स्तर पर है, जो दिल्ली से थोड़ा अधिक है।\r\n \r\n
- \r\n चेन्नई में विरोधाभास: चेन्नई में 24 कैरेट सोना अन्य महानगरों के मुकाबले थोड़ा सस्ता (₹1,59,480) है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि वहां 22 कैरेट सोने का भाव (₹1,47,490) दिल्ली और मुंबई से भी ज्यादा है। यह वहां की स्थानीय मांग और ज्वैलरी मेकिंग चार्जेज की संरचना के कारण हो सकता है।\r\n \r\n
- \r\n समानता: मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में भाव एक समान ₹1,60,250 पर चल रहे हैं, जो एक एकीकृत बाजार धारणा (Market Sentiment) का संकेत देता है।\r\n \r\n
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चांदी की चाल: ₹3.34 लाख के पार, लेकिन आज थोड़ी नरमी
\r\n\r\nसोने की तरह चांदी भी निवेशकों की पसंदीदा बनी हुई है। औद्योगिक मांग और निवेश मांग के दोहरे इंजन ने चांदी की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है।
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आज की स्थिति:
\r\n\r\nएक दिन की स्थिरता के बाद आज चांदी की कीमतों में थोड़ी नरमी आई है।
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- \r\n दिल्ली, मुंबई और कोलकाता: यहाँ चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹3,34,900 प्रति किलोग्राम पर बिक रही है।\r\n \r\n
- \r\n चेन्नई का हाल: दक्षिण भारत में चांदी की चमक सबसे ज्यादा है। चेन्नई में चांदी का भाव ₹3,64,900 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है, जो उत्तर भारत के मुकाबले करीब ₹30,000 अधिक है।\r\n \r\n
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साप्ताहिक प्रदर्शन (The Weekly Rally):
\r\n\r\nचांदी ने पिछले कारोबारी हफ्ते (19-25 जनवरी) में जिस तरह की तेजी दिखाई, उसने विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया।
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- \r\n ₹40,000 की छलांग: केवल एक हफ्ते के उतार-चढ़ाव के दौरान चांदी की कीमतों में करीब ₹40,000 प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई।\r\n \r\n
- \r\n कारण: मजबूत रिटेल मांग (Strong Retail Demand), मोमेंटम आधारित निवेश (Momentum Trading) और फिजिकल मार्केट में सप्लाई की कमी (Supply Shortage) ने चांदी को रॉकेट बना दिया। विशेष रूप से ईवी (EV) सेक्टर और ग्रीन एनर्जी में चांदी के बढ़ते उपयोग ने इसकी औद्योगिक मांग को मजबूत किया है।\r\n \r\n
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निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
\r\n\r\nबाजार के जानकारों का मानना है कि मौजूदा दौर 'सोने की नई महामंदी' का नहीं, बल्कि 'महा-तेजी' (Super Cycle) का है। ₹1.60 लाख का स्तर पार करना भारतीय रुपये के कमजोर होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मजबूती दोनों का परिणाम है।
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- \r\n शादियों का सीजन: भारत में शादियों का सीजन चल रहा है। ऐसे में 22 कैरेट सोने का ₹1.47 लाख के पार जाना आम आदमी के बजट को बुरी तरह बिगाड़ सकता है।\r\n \r\n
- \r\n पोर्टफोलियो में बदलाव: जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में सोना था, उन्हें जबरदस्त रिटर्न मिला है। 18 कैरेट सोना, जो डायमंड ज्वैलरी में इस्तेमाल होता है, वह भी ₹1.20 लाख के पार है, जिससे डायमंड ज्वैलरी भी महंगी हो जाएगी।\r\n \r\n
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आगे क्या?
\r\n\r\nसोने और चांदी की यह ऐतिहासिक तेजी यह बताती है कि दुनिया अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही है। ₹10 या ₹100 की दैनिक गिरावट महज एक छोटा सा सुधार है, लेकिन दीर्घकालिक ट्रेंड (Long-term Trend) अभी भी बेहद मजबूत और ऊपर की ओर (Bullish) बना हुआ है। खरीदारों के लिए यह 'देखो और इंतजार करो' (Wait and Watch) की स्थिति हो सकती है, लेकिन निवेशकों के लिए यह अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने का एक प्रमाण है।
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अगले कुछ दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सोना ₹1.60 लाख के इस नए आधार (Base) को बनाए रखता है या यहां से कुछ मुनाफावसूली हावी होती है।
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(नोट: ऊपर दिए गए सोने और चांदी के रेट सांकेतिक हैं और इनमें जीएसटी (GST) या मेकिंग चार्जेज शामिल नहीं हैं। सटीक भाव के लिए कृपया अपने स्थानीय ज्वैलर से संपर्क करें।)
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