हीमपुर बुजुर्ग, बिजनौर। जिले के हीमपुर बुजुर्ग में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को महिलाओं के लिए दीनि व इस्लाहि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम नमाज-ए-जुहर के बाद मस्जिद अबूबकर सिद्दीक के मकतब तजवीदुल कुरान में हुआ। इसमें महिलाओं को दीनि तालीम और समाज सुधार के महत्व के बारे में बताया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मकतब के शिक्षक कारी निजामुद्दीन ने पवित्र कुरान की तिलावत से की। इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद धर्मगुरुओं ने महिलाओं को संबोधित किया और दीनि व सामाजिक जीवन से जुड़े विषयों पर नसीहतें दीं।

दीनि तालीम और समाज सुधार पर दिया मार्गदर्शन

इस अवसर पर मस्जिद अबूबकर सिद्दीक के इमाम व खतीब मुफ्ती मोहम्मद कासिम कासमी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अमरोहा की मदीना मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद असजद साहब ने भी शिरकत की।

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दोनों धर्मगुरुओं ने महिलाओं को दीनि तालीम हासिल करने और समाज में सुधार की अहमियत समझाई। उन्होंने इस्लाह यानी सुधार से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी और महिलाओं का मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के बीच दीनि शिक्षा के महत्व को सामने रखना और समाज सुधार से संबंधित बातों पर जागरूकता बढ़ाना था। हालांकि, आयोजकों की ओर से कार्यक्रम में शामिल महिलाओं की संख्या या संबोधन में उठाए गए विषयों की विस्तृत सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है।

दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में मुफ्ती मोहम्मद कासिम कासमी ने दुआ कराई। इस दौरान अल्लाह तआला से कार्यक्रम को अपनी बारगाह में शर्फे कुबूलियत अता फरमाने की दुआ की गई।

इस आयोजन की जानकारी मुफ्ती मोहम्मद कासिम कासमी मकसूदपुरी ने दी। उन्होंने अपना परिचय खादिम, मकतब दारुल उलूम कासमिया, चांदपुर, बिजनौर के रूप में दिया।

हीमपुर बुजुर्ग में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए महिलाओं को दीनि तालीम और सामाजिक सुधार के विषय पर मार्गदर्शन देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक दुआ के साथ हुआ।

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