उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में रोशनी और पावन पर्व दीपावली को पूरी तरह सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जिलाधिकारी श्री उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सोमवार, 3 नवंबर 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनपद की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा के कड़े इंतजामों और त्योहार के दौरान आमजन को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सर्राफा बाजारों और ज्वेलर्स की सुरक्षा पर विशेष जोर बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले ज्वेलर्स और सर्राफा व्यापारियों के साथ बैठकें आयोजित करें। व्यापारियों की समस्याओं और आवश्यकताओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें हरसंभव प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया जाए। त्योहार के सीजन में सर्राफा बाजारों, ज्वेलर्स की दुकानों और प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, बाजारों और दुकानों पर पहले से लगे सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता (क्रियाशीलता) की जांच करने तथा सुरक्षा के मद्देनजर व्यापारियों को अतिरिक्त कैमरे लगवाने के लिए प्रेरित करने को भी कहा गया है।

जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶

अग्नि सुरक्षा और पटाखों की बिक्री के लिए कड़े मानक दीपावली के पर्व पर होने वाली आतिशबाजी को ध्यान में रखते हुए अग्नि सुरक्षा के तमाम पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश अग्निशमन विभाग को दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पटाखों की बिक्री केवल निर्धारित और सुरक्षित स्थलों पर ही की जाए तथा सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या असामाजिक गतिविधि पर पुलिस प्रशासन की पैनी नजर रहेगी और सूचना मिलते ही तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

बाजारों में अतिक्रमण और यातायात प्रबंधन पर कार्ययोजना त्योहार के दिनों में बाजारों में उमड़ने वाली भारी भीड़ और जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाजारों में लगने वाली अस्थायी दुकानों और ठेलों की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कर लें। यह सुनिश्चित किया जाए कि दुकानें और ठेले केवल व्यवस्थित और निर्धारित स्थानों पर ही लगें, ताकि अतिक्रमण के कारण आम जनता या राहगीरों के आवागमन में कोई बाधा उत्पन्न न हो। प्रमुख मार्गों, फुटपाथों और चौराहों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त रखा जाए ताकि सुगम यातायात व्यवस्था बनी रहे।

इस उच्चस्तरीय बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री के.के. विश्नोई (KK Vishnoi), अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अंशिका दीक्षित, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) देवेंद्र पाल सिंह, उप जिलाधिकारी सदर सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य प्रमुख विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि जनपद में दीपावली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मने।

विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें