मुंबई। रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ की रिलीज से पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म को ऑनलाइन पाइरेसी से बचाने के लिए अंतरिम कॉपीराइट सुरक्षा प्रदान की है। कोर्ट ने अज्ञात लोगों, संस्थाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को फिल्म या उसके किसी हिस्से की बिना अनुमति रिकॉर्डिंग, अपलोडिंग, होस्टिंग, स्ट्रीमिंग और वितरण करने से रोक दिया है। दूसरी ओर, फिल्म की एडवांस बुकिंग में भी तेजी देखने को मिल रही है। Sacnilk के 3 नवंबर दोपहर के आंकड़ों के अनुसार, फिल्म की भारत में एडवांस बुकिंग का ग्रॉस कलेक्शन 75.56 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी फिल्म

‘रामायण: पार्ट 1’ 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। रिलीज से पहले ही फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता दिखाई दे रही है। एडवांस बुकिंग के आंकड़े भी इसकी ओर इशारा कर रहे हैं। Sacnilk के लाइव ट्रैकर के मुताबिक, 3 नवंबर दोपहर 12 बजे तक फिल्म के लिए करीब 19.13 लाख टिकटों की बुकिंग दर्ज की गई थी। ये टिकट 61,835 शोज के लिए बुक हुए थे और बुकिंग लगभग 711 शहरों में जारी थी।

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इन आंकड़ों में सिनेमाघरों की ओर से ब्लॉक की गई सीटें भी शामिल हैं। ब्लॉक सीटों को हटाने के बाद एडवांस बुकिंग का ग्रॉस कलेक्शन करीब 60.09 करोड़ रुपये और टिकटों की संख्या लगभग 15.22 लाख थी। हिंदी वर्जन की बुकिंग सबसे आगे बताई गई है। फिल्म को हिंदी के साथ कन्नड़, तेलुगु, तमिल और मलयालम भाषाओं में भी रिलीज किया जाना है। ये आंकड़े ऑनलाइन टिकट बिक्री के ट्रैकर पर आधारित हैं, आधिकारिक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन नहीं हैं।

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गॉडपावर मीडिया की याचिका पर कोर्ट का आदेश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह अंतरिम आदेश गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर दिया। कंपनी ने फिल्म की स्क्रिप्ट, पटकथा, संवाद, किरदारों, फुटेज, संगीत, गीतों और रिकॉर्डिंग सहित उससे जुड़ी कॉपीराइट सामग्री को अनधिकृत इस्तेमाल और ऑनलाइन प्रसार से सुरक्षित रखने की मांग की थी।

याचिका में कंपनी ने आशंका जताई थी कि फिल्म या उसके हिस्सों को चोरी-छिपे रिकॉर्ड करके डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, केवल आमंत्रित लोगों के लिए आयोजित प्रीव्यू स्क्रीनिंग में गोपनीयता की शर्तें लागू थीं, इसके बावजूद फिल्म के दो ट्रेलर कथित तौर पर रिकॉर्ड करके ऑनलाइन प्रसारित किए गए।

अज्ञात लोगों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी रोक

जस्टिस माधव जामदार की पीठ ने प्रथम दृष्टया माना कि फिल्म की रिकॉर्डिंग और उसके हिस्सों को विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से प्रसारित किए जाने की वास्तविक आशंका है। कोर्ट ने ‘जॉन डो’ यानी ऐसे अज्ञात व्यक्तियों और संस्थाओं को भी आदेश के दायरे में रखा है, जिनकी पहचान अभी सामने नहीं आई है।

आदेश के अनुसार, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को फिल्म से संबंधित पाइरेटेड कंटेंट, वीडियो और लिंक की सूचना मिलने पर उन्हें ब्लॉक करने या हटाने की कार्रवाई करनी होगी। इसमें मिरर और प्रॉक्सी वेबसाइट्स के जरिए उपलब्ध कराई गई अनधिकृत प्रतियां भी शामिल हैं। गॉडपावर मीडिया को संबंधित URL की जानकारी प्लेटफॉर्म्स और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स तक पहुंचानी होगी, ताकि वे कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई कर सकें।

मामले में गूगल एलएलसी और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की ओर से पेश वकीलों ने अंतरिम राहत दिए जाने पर आपत्ति नहीं जताई और सूचना मिलने पर कार्रवाई का भरोसा दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर 2026 तय की है। तब तक अंतरिम सुरक्षा प्रभावी रहेगी।

दोनों भागों का बजट करीब 4,000 करोड़ रुपये बताया गया

याचिका में फिल्म के निर्माण पर बड़े निवेश का भी उल्लेख किया गया। कंपनी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि ‘रामायण’ के पहले भाग पर करीब 2,000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जबकि दोनों भागों का कुल बजट लगभग 4,000 करोड़ रुपये बताया गया है। ऐसे में रिलीज से पहले पाइरेसी रोकने और फिल्म की कॉपीराइट सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई थी।

इस तरह रिलीज से ठीक पहले ‘रामायण: पार्ट 1’ को एक ओर एडवांस बुकिंग में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है, वहीं दूसरी ओर बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश से फिल्म के अनधिकृत ऑनलाइन प्रसार पर रोक लगाने की कानूनी प्रक्रिया को मजबूती मिली है।

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