Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले से एक बेहद गंभीर और तनावपूर्ण खबर सामने आई है। जिले के चांदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव तालिबपुर उर्फ तालमपुर में एक मांगलिक कार्यक्रम पल भर में खूनी संघर्ष के मैदान में तब्दील हो गया। रिपोर्टर शकील अहमद से मिली जानकारी के अनुसार, गांव में चल रहे 'कुंआ पूजन' (Kuan Pujan) कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के आरोप को लेकर दो समुदायों (Two Communities) के बीच हिंसक विवाद भड़क गया।

​बात इतनी बिगड़ गई कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान जमकर पत्थरबाजी भी हुई, जिससे पूरे गांव में अफरातफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया। इस भीषण खूनी संघर्ष में एक महिला समेत कुल 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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​कैसे शुरू हुआ विवाद? महिलाओं से छेड़छाड़ का आरोप

भारतीय ग्रामीण परंपराओं में बच्चे के जन्म के बाद 'कुंआ पूजन' एक बेहद पवित्र और खुशी का कार्यक्रम माना जाता है। जानकारी के मुताबिक, गांव तालिबपुर उर्फ तालमपुर में एक परिवार द्वारा कुंआ पूजन का आयोजन किया जा रहा था। इस कार्यक्रम में परिवार और मोहल्ले की महिलाएं मंगल गीत गाते हुए रस्म पूरी करने जा रही थीं।

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​आरोप है कि रास्ते में दूसरे समुदाय के कुछ युवकों ने कार्यक्रम में शामिल महिलाओं पर फब्तियां कसीं और उनके साथ छेड़छाड़ (Eve Teasing) का प्रयास किया। जब पीड़ित महिलाओं के परिजनों और कार्यक्रम में मौजूद पुरुषों ने युवकों की इस शर्मनाक हरकत का विरोध किया, तो विवाद शुरू हो गया। गाली-गलौज से शुरू हुई यह बहस देखते ही देखते बड़े बवाल में तब्दील हो गई।

​धारदार हथियार और पथराव: गांव बना छावनी

विरोध किए जाने से भड़के दूसरे समुदाय के युवकों ने अपने अन्य साथियों और परिजनों को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि उनके हाथों में लाठी-डंडे, धारदार हथियार और लोहे की रॉड थीं। हमलावरों ने बिना कुछ सोचे-समझे कुंआ पूजन कर रहे लोगों पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया।

जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान छतों और रास्तों से भारी पत्थरबाजी (Stone Pelting) भी की गई। हथियारों के वार और पथराव से पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। गांव की गलियां छावनी और संघर्ष के मैदान जैसी नजर आने लगीं।

​अस्पताल में मची अफरातफरी, 4 की हालत नाजुक

इस हिंसक झड़प में कुंआ पूजन कर रहे पक्ष के कई लोग लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना में एक महिला सहित कुल 9 लोग घायल बताए जा रहे हैं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कर घायलों को वहां से निकाला।

आनन-फानन में सभी 9 घायलों को इलाज के लिए पास के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्याऊ ले जाया गया। अस्पताल में एक साथ इतने लहूलुहान लोगों के पहुंचने से स्वास्थ्य कर्मियों में भी हड़कंप मच गया। चिकित्सकों ने सभी का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन सिर और शरीर पर धारदार हथियारों के गहरे घाव होने के कारण 4 लोगों की हालत बेहद गंभीर (Critical Condition) पाई गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उन चारों को बेहतर इलाज के लिए तुरंत हायर मेडिकल सेंटर (Higher Center) रेफर कर दिया है।

​पुलिस प्रशासन मुस्तैद, गांव में पुलिस फोर्स तैनात

दो अलग-अलग समुदायों से जुड़ा मामला होने और घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए। घटना की सूचना मिलते ही चांदपुर थाना पुलिस और आला अधिकारी भारी पुलिस बल (Police Force) के साथ तालिबपुर गांव पहुंच गए।

फिलहाल गांव में एहतियातन पुलिस और पीएसी (PAC) तैनात कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की आगे की हिंसक घटना को रोका जा सके। पुलिस ने पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया है और स्थिति अब तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण बताई जा रही है।

​पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। महिलाओं से छेड़छाड़, मारपीट और धारदार हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की सच्चाई पुलिस जांच और घायलों के बयान दर्ज होने के बाद ही पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन ने असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी दी है कि माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​डिस्क्लेमर (Disclaimer):

यह समाचार रिपोर्टर शकील अहमद (बिजनौर) से प्राप्त प्राथमिक सूचनाओं, चश्मदीदों के बयानों और पुलिस प्रशासन की प्रारंभिक कार्रवाई पर आधारित है। मामले में एफआईआर और विधिक जांच की प्रक्रिया अभी जारी है।

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