अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन ने टाटा और विप्रो समेत आठ आईटी कंपनियों को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड करने की कार्रवाई की है। इस कदम का सीधा असर अमेरिका में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों पर पड़ने की बात कही जा रही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में कार्रवाई की तारीख, आधिकारिक अधिसूचना संख्या और प्रभावित आठ कंपनियों की पूरी सूची शामिल नहीं है।
इस कार्रवाई से खासतौर पर उन भारतीय कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है, जो इन कंपनियों के जरिए अमेरिका में काम कर रहे हैं और स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया में शामिल हैं। रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड में नियोक्ता की भूमिका अहम होती है, इसलिए किसी कंपनी के प्रोग्राम से बाहर होने पर उसके कर्मचारियों की स्थायी निवास की राह प्रभावित हो सकती है।
ग्रीन कार्ड प्रोग्राम में नियोक्ता की भूमिका
अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिए आम तौर पर नियोक्ता को स्पॉन्सरशिप और लेबर सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके बाद कर्मचारी स्थायी निवास के लिए आवेदन कर सकता है। ग्रीन कार्ड मिलने तक भारतीय पेशेवर आम तौर पर एच-1बी जैसे वर्क वीजा पर अमेरिका में रहते और काम करते हैं।
ऐसे में किसी कंपनी का ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड होना उसके कर्मचारियों के लिए एक बड़ी अनिश्चितता पैदा कर सकता है। अमेरिकी बाजार भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अहम है और इन कंपनियों के हजारों कर्मचारी वहां परियोजनाओं पर तैनात रहते हैं।
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कंपनियों की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
इस खबर में टाटा और विप्रो की ओर से किसी आधिकारिक बयान का जिक्र नहीं है। अमेरिकी प्रशासन या संबंधित इमिग्रेशन एजेंसी की ओर से भी विस्तृत अधिसूचना अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। लिहाजा कार्रवाई का दायरा, अवधि और इससे जुड़ी शर्तें स्पष्ट नहीं हैं।
अमेरिका में इमिग्रेशन और वीजा से जुड़े प्रशासनिक फैसलों को कानूनी चुनौती दिए जाने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। ऐसी स्थिति में प्रभावित कंपनियां और कर्मचारी अपने उपलब्ध विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। हालांकि इस मामले में अब तक कोई औपचारिक कानूनी कदम उठाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
मामले की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत ब्योरे सामने आने के बाद ही इसका पूरा असर साफ हो पाएगा। तब तक भारतीय पेशेवरों और आईटी कंपनियों के लिए अमेरिकी एजेंसियों की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक अपडेट ही अहम होंगे।
Sabse pehle comment karne wale banein.