हापुड़: धौलाना विकास खंड के हसनपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक तस्नीम अली खान से जुड़ी शिकायतों के मामले में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने उन्हें अंतिम अवसर दिया है। 7 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में प्रधानाध्यापक को 12 अक्टूबर 2026 को विद्यालय में उपस्थित रहकर शिकायतों से संबंधित अभिलेख और साक्ष्य के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यही मामला Hapur School Complaint के तौर पर सामने आया है।

खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पत्र में बताया गया है कि शोषित क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत की ओर से प्रधानाध्यापक के संबंध में कई शिकायतें की गई थीं। इनमें मध्यान्ह भोजन में दूध में अधिक पानी मिलाने, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और बच्चों को अपेक्षाकृत कम भोजन दिए जाने के आरोप शामिल हैं।

शिकायत में विद्यालय के शौचालय की व्यवस्था, कुछ बच्चों को प्रवेश नहीं दिए जाने और सहायक अध्यापक गजेन्द्र के साथ कथित जातीय भेदभाव का मुद्दा भी उठाया गया है। इसके अलावा 25 अगस्त 2026 को कक्षा आठ की छात्रा के ऊपर छत का प्लास्टर गिरने से घायल होने तथा विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति को लेकर भी शिकायत की गई है।

इन सभी बिंदुओं को फिलहाल शिकायत के आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है। विभागीय पत्र में किसी आरोप को अंतिम रूप से प्रमाणित नहीं बताया गया है।

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पहले जारी हो चुका है कारण बताओ नोटिस

विभागीय पत्र के मुताबिक, इन शिकायतों के संबंध में प्रधानाध्यापक को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके जवाब में उनकी ओर से लिखित अभिकथन और स्पष्टीकरण भी कार्यालय में प्रस्तुत किया गया।

हालांकि, शिक्षा विभाग का कहना है कि स्पष्टीकरण में कुछ बिंदुओं के समर्थन में अपेक्षित और पर्याप्त अभिलेख या साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए गए। इसी कारण शिकायत का तथ्यपरक और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अभी संभव नहीं हो सका।

यह शिकायत आईजीआरएस संदर्भ संख्या 40020426021237 के माध्यम से भी प्राप्त होने का उल्लेख पत्र में किया गया है।

12 अक्टूबर को स्टाफ और एसएमसी की मौजूदगी

अंतिम अवसर के तहत प्रधानाध्यापक को ग्राम प्रधान या प्रशासक, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों और संबंधित अभिभावकों से समन्वय कर उन्हें भी बुलाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही विद्यालय के पूरे स्टाफ और रसोइया की 12 अक्टूबर को विद्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग ने मध्यान्ह भोजन, खाद्यान्न और सामग्री की उपलब्धता व उपयोग, प्रवेश रिकॉर्ड, विद्यालय भवन और सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज सहित अन्य उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है।

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि बिना पर्याप्त कारण निर्धारित तिथि पर अनुपस्थिति रहती है या स्पष्ट और साक्ष्ययुक्त पक्ष प्रस्तुत नहीं किया जाता, तो उपलब्ध रिकॉर्ड और पहले दिए गए स्पष्टीकरण के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतकर्ता ने बताया ‘लीपापोती’

शोषित क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत ने विभागीय निस्तारण पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे “लीपापोती” बताते हुए आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग प्रधानाध्यापक को संरक्षण दे रहा है।

रविकांत का कहना है कि छोटी-छोटी शिकायतों पर अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं के खिलाफ कार्रवाई होती है, जबकि इस मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि संगठन विभागीय निस्तारण के खिलाफ आईजीआरएस पोर्टल पर आपत्ति दर्ज कराएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन जल्द ही मुख्य विकास अधिकारी हापुड़ का घेराव करेगा।

हालांकि, शिकायतकर्ता के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं विभागीय पत्र से यह स्पष्ट है कि मामले में अंतिम अवसर देकर संबंधित पक्ष से दस्तावेज और साक्ष्य मांगे गए हैं। आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

हापुड़ जिला प्रशासन की वेबसाइट पर बेसिक शिक्षा विभाग और जिले के शिक्षा अधिकारियों से संबंधित आधिकारिक जानकारी उपलब्ध है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह खबर खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक कारण बताओ नोटिस और शिकायतकर्ता द्वारा मीडिया को दिए गए बयानों के आधार पर प्रकाशित की गई है। खबर में उल्लिखित आरोप जांच का विषय हैं और इन पर शिक्षा विभाग की वैधानिक कार्रवाई अभी जारी है। Khabreelal स्वतंत्र रूप से इन आरोपों की पुष्टि नहीं करता है।

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