मेरठ। मेरठ नगर निगम बोर्ड की बैठक हंगामेदार रही, जहाँ विकास कार्यों और हाउस टैक्स वसूली को लेकर तीखी बहस हुई। बैठक का मुख्य मुद्दा भाजपा पार्षद विक्रांत ढाका का एक प्रस्ताव था, जिसमें उन्होंने मांग की कि जिस वार्ड से जितना हाउस टैक्स वसूला जाए, उसी अनुपात में वहां विकास कार्य भी कराए जाएं। इस प्रस्ताव पर विपक्ष ने तीखा विरोध किया, लेकिन महापौर ने आखिरकार इस पर अपनी मुहर लगा दी।READ ALSO:-मेरठ में अवैध पटाखा फैक्ट्री पर छापा: भारी मात्रा में रॉ-मटीरियल मिला, FSL टीम ने लिए सैंपल
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टैक्स के हिसाब से विकास: नया फॉर्मूला
\r\n\r\nसपा पार्षदों ने जब अपने वार्डों में विकास का मुद्दा उठाया, तो भाजपा पार्षद विक्रांत ढाका ने पलटवार करते हुए पूछा कि उनके वार्डों से कितना हाउस टैक्स आ रहा है। इसके बाद नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने कई वार्डों का रिपोर्ट कार्ड सामने रख दिया, जिससे चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए।
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- \r\n वार्ड 76 (श्याम नगर पश्चिम): गृहकर से 37.38 लाख रुपये आए, जबकि विकास पर 88.73 लाख रुपये खर्च हुए।\r\n \r\n
- \r\n वार्ड 84 (फखरुद्दीन अली अहमद नगर पश्चिम): गृहकर 5.83 लाख रुपये जमा हुआ, और विकास पर 83 लाख रुपये खर्च किए गए।\r\n \r\n
- \r\n वार्ड 72 (पूर्वी इस्लामाबाद): गृहकर 2.27 लाख रुपये जमा हुआ, जबकि विकास पर 65.98 लाख रुपये खर्च हुए।\r\n \r\n
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ये आंकड़े दिखाते हैं कि इन वार्डों की वार्षिक गृहकर डिमांड करोड़ों में है, लेकिन वसूली बहुत कम है। इसी को आधार बनाकर भाजपा पार्षद के प्रस्ताव को पास कर दिया गया।
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'लापता' हुईं 15 हजार स्ट्रीट लाइटें?
\r\n\r\nबैठक में स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा भी गरमाया। पार्षदों ने शिकायत की कि दीपावली आ रही है, लेकिन कई वार्डों में लाइटें खराब पड़ी हैं। सबसे बड़ा सवाल तब उठा जब भाजपा पार्षद अनुज वशिष्ठ ने कहा कि पहले शहर में 72 हजार स्ट्रीट लाइटें बताई जाती थीं, लेकिन अब यह संख्या 57 हजार दी जा रही है। उन्होंने पूछा कि बाकी 15 हजार लाइटें कहाँ गायब हो गईं? महापौर ने इसे गंभीर मानते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया।
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फर्जी एफडीआर और भ्रष्टाचार का आरोप
\r\n\r\nपार्षद संजय सैनी ने ठेकेदारों पर फर्जी एफडीआर (फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद) लगाकर काम लेने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक फर्म का मामला सामने आया है, जिसकी जांच चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मिलीभगत से हो रहा है। इस पर मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि मामले की जांच हो रही है, लेकिन निगम को अभी तक कोई वित्तीय हानि नहीं हुई है।
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बैठक में उठे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे
\r\n\r\nबैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं:
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- \r\n जेलचुंगी चौराहे का चौड़ीकरण कर जाम से मुक्ति दिलाना।\r\n \r\n
- \r\n निगम में पारदर्शिता लाने के लिए ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करना।\r\n \r\n
- \r\n शोभापुर श्मशानघाट पर लाइटें लगवाना।\r\n \r\n
- \r\n पिलोखड़ी नाले पर अतिक्रमण हटाकर जल निकासी में सुधार करना।\r\n \r\n
- \r\n लोहिया नगर के कूड़े से भूगर्भ जल प्रदूषण रोकने की मांग।\r\n \r\n
- \r\n सोफीपुर में तालाब की जमीन पर कब्जे का मुद्दा।\r\n \r\n
- \r\n ओडियन नाले सहित सभी नालों की सफाई ठेके पर कराने का प्रस्ताव।\r\n \r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.