उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही चिलचिलाती धूप और झुलसाने वाली गर्मी के बीच अचानक मौसम ने एक बड़ा यू-टर्न लिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो रही राहत की बारिश ने आम जनजीवन को एक बड़ा सुकून दिया है। आसमान में छाए काले बादल और ठंडी हवाओं के झोंकों ने तापमान में भारी गिरावट ला दी है, जिसके चलते फिलहाल भीषण गर्मी से लोगों को निजात मिलती दिख रही है।Read also:-बिजनौर में ग्राम प्रधानों का महा-आंदोलन: कार्यकाल विस्तार की मांग को लेकर नूरपुर से कलेक्ट्रेट तक शंखनाद, कहा- 'गांवों का विकास न रुके'
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हालांकि, यह सुहावना मौसम अपने साथ कई खतरे भी लेकर आया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेशवासियों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। गुरुवार को भी यूपी के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। सबसे ज्यादा चिंता का विषय 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज रफ्तार से चलने वाली आंधी है, जो कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा सकती है। बुधवार से ही उत्तर प्रदेश के दोनों प्रमुख मौसम संभागों में कई स्थानों पर बारिश के साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे किसानों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं।
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इन टॉप 10 जिलों में मेहरबान हुए बदरा (बारिश के आंकड़े)

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मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी यूपी से लेकर बुंदेलखंड तक कई जिलों में अच्छी खासी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बीते 24 घंटों में जिन जिलों में सबसे ज्यादा पानी बरसा है, उनकी स्थिति इस प्रकार है:
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    सहारनपुर: 21.0 मिमी (प्रदेश में सर्वाधिक)
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    फिरोजाबाद: 20.3 मिमी
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    बागपत: 20.0 मिमी
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    सोनभद्र: 17.4 मिमी
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    एटा: 13.0 मिमी
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    हमीरपुर: 12.7 मिमी
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    चित्रकूट: 10.0 मिमी
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    मुजफ्फरनगर: 9.3 मिमी
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    मेरठ: 9.1 मिमी
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    प्रयागराज (इलाहाबाद): 8.4 मिमी
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    इटावा: 8.0 मिमी
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नोट: यह बारिश जहां एक ओर आम आदमी के लिए गर्मी से संजीवनी बनकर आई है, वहीं तेज हवाओं के कारण आम और लीची जैसी बागवानी फसलों को आंशिक नुकसान की भी खबरें हैं।
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खतरे की घंटी: 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

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राहत की इस बारिश के बीच आंधी का भी बड़ा अलर्ट है। मौसम विभाग के राडार और सैटेलाइट इमेजरी के मुताबिक, हवाओं का दबाव तेजी से बदल रहा है। जो तेज हवाएं शुरुआत में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थीं, वे अब और रौद्र रूप धारण कर सकती हैं। मौसम विभाग की चेतावनी है कि हवाओं की यह गति बढ़कर 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।
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इन जिलों में है आंधी का सबसे ज्यादा असर: देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और इसके आस-पास के सटे हुए ग्रामीण और शहरी क्षेत्र। इन इलाकों के लोगों को विशेष रूप से हिदायत दी गई है कि आंधी के समय पेड़ों के नीचे या जर्जर इमारतों के पास खड़े न हों।
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आकाशीय बिजली का रेड अलर्ट: घरों में रहने की सलाह

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तेज हवाओं के साथ-साथ आसमान से बरसती आफत यानी आकाशीय बिजली (वज्रपात) का भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। पूर्वांचल और तराई बेल्ट के कई जिलों में काले घने बादलों का डेरा है।
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बिजली गिरने की आशंका वाले जिले: आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकर नगर और आस-पास के क्षेत्र।
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सुरक्षा उपाय: प्रशासन ने अपील की है कि जब आसमान में तेज गड़गड़ाहट हो रही हो, तो खुले मैदानों, छतों या मोबाइल टावरों के पास जाने से बचें। किसान भाइयों को भी सलाह दी गई है कि मौसम खराब होने पर तुरंत खेतों से सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं।
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राजधानी लखनऊ का ग्राउंड रिपोर्ट: झमाझम बारिश और जलभराव

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नवाबों के शहर लखनऊ में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ है। राजधानी लखनऊ में गुरुवार सुबह से ही रुक-रुक कर झमाझम बारिश का दौर जारी है। अचानक हुई इस तेज बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे सुबह ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम और परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सुबह के समय शहर के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए रहे। इसके साथ ही 15 से लेकर 20 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज रफ्तार से ठंडी हवाएं भी चल रही हैं, जिससे मौसम में एक अजीब सी ठंडक घुल गई है। मौसम विभाग के क्षेत्रीय केंद्र के अनुसार, गुरुवार को पूरे दिन बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। शहर के कुछ हिस्सों में अचानक गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। राजधानी का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है।
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इससे पहले बुधवार को भी लखनऊ में सुबह और शाम के समय तेज रफ्तार हवाओं ने डेरा जमाए रखा था। हालांकि दिन के समय कुछ घंटों के लिए आसमान साफ हुआ और तेज धूप निकली, लेकिन शाम होते-होते बादलों ने फिर से वापसी कर ली। बुधवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो कि इस मौसम के सामान्य तापमान से 6.4 डिग्री सेल्सियस कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 3.3 डिग्री सेल्सियस कम है। यह भारी गिरावट दर्शाती है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर कितना गहरा है।
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तापमान का भारी उतार-चढ़ाव: बांदा सबसे गर्म, तो बिजनौर में सबसे ज्यादा ठंडक

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उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में मौसम की विविधता भी साफ देखने को मिल रही है। एक तरफ जहां बारिश ने कई जिलों को भिगोया है, वहीं बुंदेलखंड का कुछ हिस्सा अभी भी तप रहा है।
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    सबसे गर्म जिला (बांदा): बुधवार को उत्तर प्रदेश का बांदा जिला सबसे अधिक गर्म दर्ज किया गया। यहां का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि राहत की बात यह है कि यह 38 डिग्री भी बांदा के सामान्य तापमान से 5 डिग्री सेल्सियस कम है।
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    सबसे सर्द जिला (बिजनौर): दूसरी ओर, पश्चिमी यूपी के बिजनौर में मौसम सबसे ज्यादा मेहरबान रहा। यहां प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो कि सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस कम है। बिजनौर के लोगों ने इस दौरान हल्की ठंड का अहसास किया।
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मौसम वैज्ञानिक की राय: आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

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इस अचानक हुए मौसमी बदलाव के पीछे के वैज्ञानिक कारणों और आने वाले दिनों के पूर्वानुमान पर वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह ने विस्तार से जानकारी दी है।
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डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि, "वर्तमान में उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का प्रभाव अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। इसके बावजूद, अभी भी नमी और हवाओं के चक्रवात के चलते प्रदेश के तराई क्षेत्र और पूर्वांचल से सटे जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और हल्की वर्षा की आशंका बनी हुई है।"
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आगामी एक सप्ताह का पूर्वानुमान: डॉ. सिंह के अनुसार, कहीं-कहीं हो रही इस छिटपुट वर्षा को छोड़ दिया जाए, तो जल्द ही प्रदेश के अन्य भागों में मौसम पूरी तरह से साफ हो जाएगा। आसमान से बादल छंटने के साथ ही अधिकतम तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की जाएगी।
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    तापमान में वृद्धि: प्रदेश में हो रही वर्षा में उत्तरोत्तर कमी आएगी। 08 अप्रैल के बाद मौसम शुष्क (Dry) हो जाएगा। इसके परिणामस्वरूप, आगामी 1 सप्ताह के दौरान तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है।
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    'लू' (Heatwave) से फिलहाल राहत: मौसम विभाग ने एक बड़ी राहत भरी खबर यह भी दी है कि तापमान में 5 से 7 डिग्री के इस बड़े उछाल के बावजूद, वातावरण में मौजूद नमी के कारण फिलहाल प्रदेश में जानलेवा 'लू' (Heatwave) चलने की कोई संभावना नहीं है। यानी गर्मी बढ़ेगी, लेकिन लू के थपेड़ों से फिलहाल जनता सुरक्षित रहेगी।
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कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश का मौसम अगले 24 से 48 घंटों तक अत्यधिक संवेदनशील बना रहेगा। प्रदेशवासियों को बारिश और ठंडी हवाओं का आनंद लेने के साथ-साथ मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए आंधी और बिजली के अलर्ट को भी गंभीरता से लेना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखें और मौसम के अचानक बिगड़ने पर सुरक्षित आश्रय लें।
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