उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. मंगलवार सुबह से ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुककर हो रही तूफानी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है. शाम होते-होते लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, मथुरा, बस्ती और कुशीनगर जैसे प्रमुख शहरों में हुई मूसलाधार बारिश ने सड़कों को लबालब कर दिया और लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं. बारिश के साथ चलने वाली बर्फीली हवाओं ने तापमान में अचानक कई डिग्री की गिरावट ला दी है, जिससे भीषण ठंड का अहसास होने लगा है और लोग गर्म कपड़ों में सिमटने को मजबूर हो गए हैं.READ ALSO:-'वर्जिनिटी सर्टिफिकेट' कांड में फंसा मुरादाबाद का मदरसा, अब 'विदेशी फंडिंग' की रडार पर! DM ने बैठाई हाई-लेवल जांच, खंगाले जा रहे बैंक खाते
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20 से अधिक जिलों में हाई अलर्ट, 'मोंथा' तूफान की दस्तक!
\r\n\r\nमौसम विभाग ने गंभीर चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि जौनपुर, भदोही, आज़मगढ़ सहित राज्य के 20 से अधिक जिलों में घने बादल छाए हुए हैं और लगभग 11 जिलों के लिए 'भारी बारिश' का हाई अलर्ट जारी किया गया है. तेज़ हवाओं की रफ़्तार 20 किमी प्रति घंटे तक दर्ज की गई है, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ गया है. मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 29 से 31 अक्टूबर के बीच चक्रवाती तूफान 'मोंथा' का सबसे ज़्यादा असर देखने को मिलेगा. इसके प्रभाव से यूपी के कई इलाकों, खासकर दक्षिणी और बिहार से सटे पूर्वांचल के जिलों में गरज-चमक के साथ भीषण बारिश और तेज़ हवाएँ चलने की संभावना है.
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लखनऊ बेहाल: ट्रैफिक जाम और पानी-पानी सड़कें
\r\n\r\nलखनऊ में बीते सोमवार रात से ही बारिश का सिलसिला जारी है, जिसने राजधानी के जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. मंगलवार सुबह ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. सड़कों पर जाम और जलभराव के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने में लंबा समय लगा. शाम के समय हुई तूफानी बारिश ने शहर के निचले इलाकों को पानी से भर दिया, जिससे जनजीवन थम-सा गया.
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किसानों पर मौसम का क्रूर प्रहार: धान की फसल बर्बादी की कगार पर!
\r\n\r\nमौसम के इस अचानक और भीषण बदलाव ने प्रदेश के किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है. धान की फसल या तो कटकर खेतों में पड़ी है या कटाई के अंतिम चरण में खड़ी है. ऐसे में यह तूफानी बारिश किसानों के लिए किसी बड़े संकट से कम नहीं है. खेतों में पानी भरने और लगातार बारिश से धान की फसल के भीगने, अंकुरित होने और पूरी तरह से खराब होने का गंभीर ख़तरा मंडरा रहा है. किसानों को अपनी साल भर की मेहनत बर्बाद होने का डर सता रहा है, जो उनकी आर्थिक कमर तोड़ सकता है.
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तूफान के बाद ही मिलेगी राहत, लेकिन फिलहाल अलर्ट जारी
\r\n\r\nमौसम विभाग ने बताया है कि चक्रवाती तूफान 'मोंथा' के गुजर जाने के बाद 1 नवंबर से दिन के तापमान में थोड़ी वृद्धि देखने को मिल सकती है, जिससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, फिलहाल अगले 24 घंटों तक कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है. लोगों और खासकर किसानों को इस दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
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यह मौसमी आपदा न केवल किसानों की आजीविका पर संकट खड़ी कर रही है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रही है, जिससे प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है.
Sabse pehle comment karne wale banein.