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\r\n\r\nवर्ष 2026 की शुरुआत उत्तर प्रदेश वासियों के लिए एक कड़ी परीक्षा बनकर आई है। समूचा उत्तर भारत और विशेषकर उत्तर प्रदेश इस समय प्रकृति के तीखे तेवरों का सामना कर रहा है। हिमालय से आ रही बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों को 'फ्रीजर' में तब्दील कर दिया है। हालात ये हैं कि दिन और रात के तापमान का अंतर मिटता जा रहा है और सूरज के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं।READ ALSO:-UP School News: यूपी में 'कोल्ड अटैक' के बीच योगी सरकार का बड़ा फैसला; 2 जनवरी से बदल जाएगा आपके बच्चे के स्कूल का टाइम, प्राइमरी में 14 तक तालाबंदी
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शुक्रवार की सुबह जब प्रदेश के लोग सोकर उठे, तो उन्होंने अपने शहरों को कोहरे की एक मोटी सफेद चादर में लिपटा हुआ पाया। यह कोहरा सिर्फ धुंध नहीं, बल्कि मुसीबतों का सबब बनकर आया है। विजिबिलिटी शून्य होने के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है, तो वहीं अस्पतालों में मरीजों की संख्या में अचानक भारी इजाफा हुआ है।
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इस विस्तृत रिपोर्ट में हम आपको यूपी के हर कोने का हाल, हादसों की भयावहता, स्वास्थ्य पर पड़ रहे जानलेवा असर और मौसम विभाग की भविष्यवाणियों के बारे में विस्तार से बताएंगे।
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कानपुर में 'मेडिकल इमरजेंसी' - दिल और दिमाग पर ठंड का प्रहार
\r\n\r\nकानपुर, जो प्रदेश की औद्योगिक राजधानी है, इस समय स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति से गुजर रहा है। यहां ठंड ने लोगों के दिल (Heart) और दिमाग (Brain) पर सीधा हमला किया है।
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हार्ट अटैक के चौंकाने वाले आंकड़े
\r\n\r\nएलपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी (LPS Institute of Cardiology) द्वारा जारी किए गए आंकड़े डराने वाले हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, जैसे ही तापमान गिरता है, शरीर की नसें सिकुड़ने लगती हैं (Vasoconstriction), जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
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- \r\n 24 घंटे का हाल: बीते गुरुवार को कार्डियोलॉजी विभाग में हार्ट अटैक के 65 गंभीर मरीज भर्ती किए गए।\r\n \r\n
- \r\n इलाज से पहले मौत: दुखद पहलू यह है कि 6 मरीज ऐसे थे, जिन्हें अस्पताल पहुंचने तक का समय भी नहीं मिला और वे 'ब्रॉट डेड' (मृत अवस्था में) लाए गए।\r\n \r\n
- \r\n ओपीडी में भीड़: ओपीडी में सीने में दर्द और भारीपन की शिकायत लेकर 509 मरीज पहुंचे, जिनकी जांच की गई।\r\n \r\n
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ब्रेन स्ट्रोक का खतरा
\r\n\r\nसिर्फ दिल ही नहीं, ठंड का असर दिमाग की नसों पर भी हो रहा है। हैलट अस्पताल (Hallet Hospital) की इमरजेंसी में ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में भारी उछाल आया है।
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- \r\n शुक्रवार को 15 नए मरीज ब्रेन स्ट्रोक की शिकायत के साथ भर्ती हुए।\r\n \r\n
- \r\n इनमें से एक मरीज की मौत हो गई, जबकि 7 की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिन्हें वेंटिलेटर या आईसीयू सपोर्ट पर रखा गया है।\r\n \r\n
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विशेषज्ञों की राय: वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोलॉजिस्ट का कहना है कि यह मौसम बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों (कोमोरबिडिटी) के लिए बेहद खतरनाक है। सुबह के समय ठंड सबसे ज्यादा होती है और उसी समय ब्लड प्रेशर भी नेचुरल रूप से हाई होता है। ऐसे में 'मॉर्निंग वॉक' जानलेवा साबित हो सकती है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि जब तक धूप न निकले, बुजुर्ग घर से बाहर न निकलें।
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सड़कों पर मौत का तांडव (हादसों की रिपोर्ट)
\r\n\r\nघना कोहरा ड्राइवरों के लिए 'ब्लाइंड फोल्ड' (आंखों पर पट्टी) का काम कर रहा है। विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम होने के कारण शुक्रवार को प्रदेश में कई दिल दहला देने वाले हादसे हुए।
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इटावा: लोहे के पिंजरे में जिंदा जला ड्राइवर
\r\n\r\nइटावा में नेशनल हाईवे पर जो हुआ, उसने मानवता को झकझोर कर रख दिया। घने कोहरे के कारण दो भारी भरकम ट्रकों की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक ट्रक के डीजल टैंक में विस्फोट हो गया और देखते ही देखते ट्रक आग का गोला बन गया।
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- \r\n विवशता: ट्रक का ड्राइवर केबिन में बुरी तरह फंस गया था। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कोई उसे बचाने के लिए पास भी नहीं जा सका। वह चीखता रहा, लेकिन अंततः वह आग में जिंदा जल गया।\r\n \r\n
- \r\n सिर्फ हड्डियां बचीं: जब दमकल विभाग ने आग बुझाई और पुलिस ने केबिन की जांच की, तो वहां मांस का लोथड़ा नहीं, बल्कि ड्राइवर का सिर्फ कंकाल (Skeleton) मिला। यह दृश्य इतना भयावह था कि पुलिसकर्मियों के भी रोंगटे खड़े हो गए।\r\n \r\n
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हरदोई: गन्ने की ट्रॉली बनी काल
\r\n\r\nहरदोई जिले में भी कोहरे ने कहर बरपाया। यहां सड़क किनारे जा रही गन्ने से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से आ रही तेज रफ्तार क्रेटा कार ने टक्कर मार दी। कोहरे के कारण कार चालक को ट्रॉली दिखाई नहीं दी।
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- \r\n इस हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए।\r\n \r\n
- \r\n कार में सवार 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया।\r\n \r\n
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फतेहपुर: ठंड से मजदूर की मौत
\r\n\r\nफतेहपुर में भी एक दर्दनाक खबर आई, जहां खुले आसमान के नीचे काम करने वाले एक मजदूर की ठंड लगने से मौत हो गई। यह घटना प्रशासन द्वारा किए जा रहे रैन बसेरों और अलाव के दावों पर सवालिया निशान खड़ा करती है।
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पहियों पर 'ब्रेक' - ट्रांसपोर्ट सिस्टम ध्वस्त
\r\n\r\nघने कोहरे ने भारतीय रेलवे और एविएशन सेक्टर की कमर तोड़ दी है। जो ट्रेनें अपनी समयबद्धता के लिए जानी जाती थीं, वे अब घंटों की देरी से चल रही हैं।
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रेलवे का हाल: मुसाफिरों की मुसीबत
\r\n\r\nगोरखपुर, लखनऊ और कानपुर सेंट्रल पर हजारों यात्री प्लेटफार्म पर ठंड में ठिठुरते हुए अपनी ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं। 100 से ज्यादा ट्रेनें अपने निर्धारित समय से पीछे चल रही हैं।
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- \r\n गोरखधाम एक्सप्रेस (12556): यह ट्रेन 12 घंटे 26 मिनट की रिकॉर्ड देरी से चल रही है। यानी जो यात्री सुबह पहुंचने वाले थे, वे रात में पहुंचेंगे।\r\n \r\n
- \r\n वैशाली एक्सप्रेस (15566): 5 घंटे 50 मिनट लेट।\r\n \r\n
- \r\n कैफियत एक्सप्रेस (12226): 6 घंटे 37 मिनट लेट।\r\n \r\n
- \r\n कोटा-पटना एक्सप्रेस (13240): 7 घंटे 44 मिनट लेट।\r\n \r\n
- \r\n मरुधर एक्सप्रेस (14866): 3 घंटे 54 मिनट लेट।\r\n \r\n
- \r\n तेजस और शताब्दी: भारत की प्रीमियम ट्रेनें भी कोहरे से नहीं बच सकीं। लखनऊ से नई दिल्ली जाने वाली तेजस एक्सप्रेस 8 घंटे 55 मिनट लेट हुई, जबकि शताब्दी एक्सप्रेस (12004) करीब 2 घंटे की देरी से चली।\r\n \r\n
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हवाई यात्रा: रनवे पर सन्नाटा
\r\n\r\nविजिबिलिटी कम होने के कारण लखनऊ और वाराणसी एयरपोर्ट पर कई फ्लाइट्स लैंड नहीं कर सकीं।
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- \r\n 10 से ज्यादा फ्लाइट्स को पूरी तरह कैंसिल (रद्द) करना पड़ा।\r\n \r\n
- \r\n दर्जनों फ्लाइट्स अपने समय से 2 से 4 घंटे की देरी से उड़ान भर रही हैं। कई यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही पूरी रात गुजारनी पड़ी।\r\n \r\n
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स्कूल बंद - बच्चों को मिली राहत
\r\n\r\nकड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए अभिभावकों की चिंता को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। नन्हे-मुन्ने बच्चों को सुबह की ठिठुरन से बचाने के लिए कई जिलों में 'विंटर वेकेशन' या स्कूलों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया गया है।
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जिलावार स्कूलों की स्थिति:
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- \r\n गोरखपुर व कानपुर: जिलाधिकारी के आदेशानुसार, आज (शुक्रवार) सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।\r\n \r\n
- \r\n बुलंदशहर: यहाँ प्रशासन ने लंबा अवकाश घोषित किया है। कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल 14 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे। यह फैसला बढ़ते कोहरे और गिरते तापमान को देखते हुए लिया गया है।\r\n \r\n
- \r\n बदायूं: यहाँ भी जिलाधिकारी ने 14 जनवरी तक स्कूलों की छुट्टी के आदेश जारी कर दिए हैं।\r\n \r\n
- \r\n अन्य जिले: जिन जिलों में पूर्ण अवकाश नहीं है, वहां स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब स्कूल सुबह 10:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक ही संचालित होंगे, ताकि बच्चों को सुबह के कोहरे का सामना न करना पड़े।\r\n \r\n
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मौसम का 'गणित' और वैज्ञानिक विश्लेषण
\r\n\r\nआखिर यूपी में इतनी ठंड क्यों पड़ रही है? इसके पीछे क्या वैज्ञानिक कारण हैं? मौसम विभाग (IMD) और मौसम वैज्ञानिकों ने इसके पीछे की वजहों का खुलासा किया है।
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ला-नीना (La Niña) का असर
\r\n\r\nमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रशांत महासागर में चल रही 'ला-नीना' परिस्थितियां इस बार की ठंड का मुख्य कारण हैं। हालांकि, यह अब धीरे-धीरे कमजोर हो रही है और जनवरी-फरवरी-मार्च में यह 'तटस्थ' (Neutral) स्थिति में बदल सकती है। लेकिन फिलहाल इसका असर यूपी के बड़े हिस्से में दिख रहा है, जिससे न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।
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पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
\r\n\r\nपहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और वहां से आ रही ठंडी हवाओं के साथ-साथ एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इसके प्रभाव से:
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- \r\n मथुरा, हाथरस, बदायूं और फर्रुखाबाद में हल्की बारिश और बूंदाबांदी हुई है।\r\n \r\n
- \r\n बारिश के बाद वातावरण में नमी (Humidity) बढ़ गई है, जिससे 'गलन' वाली ठंड महसूस हो रही है।\r\n \r\n
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प्रदूषण और कोहरा (Smog)
\r\n\r\nसहारनपुर और गाजियाबाद जैसे शहरों में कोहरा और प्रदूषण मिलकर 'स्मॉग' (Smog) बना रहे हैं, जो सेहत के लिए जहर समान है।
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- \r\n सहारनपुर: AQI 325 (बेहद खराब श्रेणी)।\r\n \r\n
- \r\n गाजियाबाद: AQI 300 के पार।\r\n \r\n
- \r\n संभल: AQI 205। ठंडी हवाएं प्रदूषकों (Pollutants) को ऊपर जाने से रोकती हैं, जिससे वे जमीन के पास जमा हो जाते हैं और सांस लेने में दिक्कत पैदा करते हैं।\r\n \r\n
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'ग्राउंड रिपोर्ट' - यूपी के प्रमुख शहरों का हाल
\r\n\r\nआइए जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पिछले 24 घंटों में मौसम का मिजाज कैसा रहा:
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1. लखनऊ (राजधानी का हाल)
\r\n\r\nनवाबों के शहर लखनऊ में सूरज देवता के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं।
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- \r\n तापमान: न्यूनतम पारा 8.6°C दर्ज किया गया।\r\n \r\n
- \r\n स्थिति: दोपहर 12 बजे तक शहर घने कोहरे में डूबा रहा। ठंडी हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। हजरतगंज और पुराने लखनऊ के बाजारों में रौनक कम दिखाई दी।\r\n \r\n
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2. बाराबंकी और हरदोई (सबसे ठंडे शहर)
\r\n\r\nबीते 24 घंटों में ये दोनों जिले यूपी के 'कोल्ड पोल' (Cold Pole) साबित हुए।
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- \r\n रिकॉर्ड: यहाँ न्यूनतम तापमान 6.0°C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम था।\r\n \r\n
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3. बुलंदशहर (किसानों की चिंता)
\r\n\r\nयहाँ ठंड सिर्फ शरीर को नहीं, बल्कि आजीविका को भी चोट पहुंचा रही है।
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- \r\n आलू की खेती: घना कोहरा और पाला (Frost) आलू की फसल के लिए दुश्मन साबित हो रहा है। किसानों को डर है कि अगर यही मौसम रहा, तो 'झुलसा रोग' (Late Blight) लग सकता है, जिससे पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। किसान रात-रात भर जागकर खेतों में धुआं कर रहे हैं ताकि फसल को पाले से बचाया जा सके।\r\n \r\n
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4. मेरठ (बारिश के आसार)
\r\n\r\nमेरठ में मौसम थोड़ा अलग मिजाज दिखा रहा है।
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- \r\n पूर्वानुमान: मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, आने वाले तीन दिनों तक बारिश की संभावना है। बारिश होने के बाद यहां ठंड और गलन में जबरदस्त इजाफा होगा।\r\n \r\n
- \r\n तापमान: अधिकतम तापमान 14.1°C रहा।\r\n \r\n
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5. संभल (हवा जहरीली)
\r\n\r\nसंभल में हालांकि विजिबिलिटी में थोड़ा सुधार हुआ है और 15 दिनों बाद दृश्यता सामान्य हुई है, लेकिन यहाँ की हवा की गुणवत्ता (AQI 205) अभी भी चिंताजनक है।
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भविष्य की चेतावनी (अगले 7 दिन कैसे रहेंगे?)
\r\n\r\nअगर आप सोच रहे हैं कि ठंड से जल्द राहत मिलेगी, तो मौसम विभाग के पास आपके लिए बुरी खबर है।
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- \r\n चेतावनी: मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक भीषण 'कोल्ड वेव' (Cold Wave) का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।\r\n \r\n
- \r\n 7 जनवरी तक: ठंड और कोहरे का असर ज्यों का त्यों बना रहेगा।\r\n \r\n
- \r\n तापमान: न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहेगा। कुछ इलाकों में बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।\r\n \r\n
- \r\n पूरा जनवरी: इस बार जनवरी में शीतलहर के दिनों की संख्या औसत से 3 दिन अधिक रहने की संभावना है। यानी पूरा महीना ठिठुरन भरा रहेगा।\r\n \r\n
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खबरीलाल विशेष - जान है तो जहान है (एडवाइजरी)
\r\n\r\nइस जानलेवा मौसम में पाठकों के लिए हमारी विशेष स्वास्थ्य और सुरक्षा एडवाइजरी:
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हार्ट और बीपी के मरीजों के लिए:
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- \r\n सुबह की सैर बंद करें: जब तक धूप न निकले, बाहर टहलने न जाएं। घर के अंदर ही हल्का व्यायाम करें।\r\n \r\n
- \r\n दवाएं समय पर लें: अपनी बीपी और हार्ट की दवाएं नियमित रूप से लें।\r\n \r\n
- \r\n शरीर को गर्म रखें: सिर और कान को अच्छे से ढककर रखें, क्योंकि ठंड का सबसे पहला असर यहीं होता है।\r\n \r\n
- \r\n लक्षणों को पहचानें: अगर सीने में भारीपन, बाएं हाथ में दर्द, जबड़े में दर्द या अचानक पसीना आए, तो इसे गैस समझकर नजरअंदाज न करें। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।\r\n \r\n
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वाहन चालकों के लिए:
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- \r\n फॉग लाइट्स का प्रयोग: कोहरे में लो-बीम और फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करें। हाई-बीम लाइट कोहरे में रिफ्लेक्ट होकर वापस आती है, जिससे कुछ नहीं दिखता।\r\n \r\n
- \r\n धीमी गति: अपनी गति सीमा 30-40 किमी/घंटा रखें।\r\n \r\n
- \r\n पार्किंग: सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करने से बचें। अगर करना पड़े, तो पार्किंग इंडिकेटर (Hazard Lights) जरूर जलाएं।\r\n \r\n
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किसानों के लिए:
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- \r\n सिंचाई: पाले से फसल को बचाने के लिए खेत में हल्की सिंचाई करें। नमी होने से तापमान में गिरावट कम होती है।\r\n \r\n
- \r\n धुआं: रात के समय खेत के उत्तर-पश्चिम दिशा में धुआं करें, जिससे फसल के ऊपर एक आवरण बन जाए।\r\n \r\n
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उत्तर प्रदेश इस समय शीत ऋतु के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। प्रशासन अपने स्तर पर रैन बसेरे और अलाव की व्यवस्था कर रहा है, लेकिन नागरिकों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। यह मौसम लापरवाही की गुंजाइश नहीं देता। चाहे आप सड़क पर हों या घर पर, सतर्कता ही बचाव है।
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हम अपने पाठकों से अपील करते हैं कि वे ठंड से बचें, जरूरतमंदों की मदद करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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Sabse pehle comment karne wale banein.