बिजनौर: अगर आप लंबे समय से किसी अदालती मामले या कानूनी विवाद में उलझे हुए हैं और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटकर परेशान हो चुके हैं, तो आपके लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। बिजनौर में लंबित मुकदमों को तेजी से निपटाने और आम जनता को सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से आगामी 12 सितम्बर, 2026 को 'राष्ट्रीय लोक अदालत' (National Lok Adalat) का भव्य आयोजन किया जा रहा है।READ ALSO:-2015 मैगी विवाद में दिल्ली हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: दुकानदारों और सप्लायरों के खिलाफ दर्ज सभी क्रिमिनल केस रद्द
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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के कड़े निर्देशों के अनुपालन में यह आयोजन किया जा रहा है।
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\r\n\r\nसुबह 10 बजे से शुरू होगा मुकदमों का निपटारा
\r\n\r\nप्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (बिजनौर) की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को प्रातः 10:00 बजे से जनपद न्यायालय बिजनौर परिसर के साथ-साथ जिले की अन्य बाह्य स्थित अदालतों में भी किया जाएगा। यह पूरी न्यायिक प्रक्रिया माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिजनौर के कुशल मार्गदर्शन और देखरेख में संपन्न होगी।
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\r\n\r\nकिन मामलों की होगी सुनवाई?
\r\n\r\nराष्ट्रीय लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मामलों का निपटारा दोनों पक्षों की आपसी सहमति (सुलह-समझौते) के आधार पर किया जाता है। इस बार प्री-लिटिगेशन (मुकदमा दायर होने से पहले के मामले) और न्यायालयों में पहले से लंबित समझौतायोग्य मुकदमों का निस्तारण किया जाएगा।
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\r\n\r\nलोक अदालत में मुख्य रूप से इन मुकदमों को सुना जाएगा:
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- \r\n चेक बाउंस के मामले: धारा-138 एन.आई. एक्ट (N.I. Act) से जुड़े वाद।\r\n \r\n
- \r\n बैंक रिकवरी: बैंकों के कर्ज और रिकवरी से संबंधित विवाद।\r\n \r\n
- \r\n दुर्घटना क्लेम: मोटर वाहन दुर्घटना दावा (MACT) के मामले।\r\n \r\n
- \r\n पारिवारिक विवाद: वैवाहिक और पारिवारिक कलह या भरण-पोषण के मामले।\r\n \r\n
- \r\n बिल विवाद: बिजली और पानी के बकाया बिलों से जुड़े विवाद।\r\n \r\n
- \r\n श्रम विवाद: लेबर कोर्ट से संबंधित मामले।\r\n \r\n
- \r\n राजस्व व भूमि मामले: राजस्व वाद और भूमि अधिग्रहण से जुड़े प्रकरण।\r\n \r\n
- \r\n अन्य मामले: सेवा संबंधी प्रकरण, वेतन-भत्ते तथा अन्य सभी प्रकार के दीवानी (Civil) एवं आपराधिक शमनीय (Compoundable Criminal) वाद।\r\n \r\n
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समय और धन दोनों की होगी बचत
\r\n\r\nअदालती प्रक्रियाओं में अक्सर लोगों का काफी समय और पैसा खर्च होता है। लोक अदालत इस लंबी प्रक्रिया से बचने का एक शानदार विकल्प है। यहां मुकदमों का निस्तारण पूरी तरह से निःशुल्क (Free of cost) होता है और यहां सुनाए गए फैसले को अंतिम माना जाता है, जिसकी आगे किसी अदालत में अपील नहीं होती। इससे विवाद हमेशा के लिए खत्म हो जाता है।
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अधिकारियों की आम जनता से अपील
\r\n\r\nजिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बिजनौर के सभी वादकारियों (Litigants) और आम नागरिकों से यह पुरजोर अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में 12 सितंबर को इस राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित हों। अपने लंबित और उलझे हुए मामलों का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान कराएं, ताकि धन, समय और अनावश्यक मानसिक तनाव से बचा जा सके।



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