बिजनौर (Bijnor Crime News): उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के समूल नाश के लिए चलाए जा रहे 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) अभियान के तहत बिजनौर जिले की नजीबाबाद थाना पुलिस ने एक बेहद शानदार और साहसिक कार्य किया है। पुलिस की मुस्तैदी ने जिले को एक बड़ी और खौफनाक वारदात से बचा लिया है। नजीबाबाद पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बाग (बगीचे) की घेराबंदी की और वहां किसी गंभीर वारदात की साजिश रच रहे 4 खूंखार और शातिर अपराधियों को धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए इन अपराधियों का पुराना और बेहद संगीन आपराधिक इतिहास रहा है। इनके पास से पुलिस ने अवैध हथियारों और कारतूसों का एक बड़ा जखीरा भी बरामद किया है, जो इस बात की तस्दीक करता है कि ये किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की पूरी तैयारी में थे।READ ALSO:-बिजनौर में खाकी का खौफ: नूरपुर पुलिस ने किया 'बंटी-बबली' जैसे शातिर चोर गिरोह का भंडाफोड़, महिला समेत दो खूंखार अपराधी गिरफ्तार!
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कैसे बिछाया गया अपराधियों के लिए जाल: मुखबिर की सटीक सूचना और पुलिस का 'ऑपरेशन'

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घटना 26 अप्रैल 2026 (रविवार) की है। थाना नजीबाबाद पुलिस की टीमें अपने नियमित गश्त और वाहन चेकिंग अभियान पर थीं। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान, पुलिस टीम को अपने सबसे भरोसेमंद 'मुखबिर खास' (Secret Informer) से एक बेहद चौंकाने वाली और अहम सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि इलाके के एक सुनसान बाग में कुछ संदिग्ध किस्म के लोग इकट्ठा हुए हैं। उनके हाव-भाव और गतिविधियों से ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे वे किसी गंभीर आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं।
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इस सूचना को बेहद गंभीरता से लेते हुए, नजीबाबाद थाने के जांबाज पुलिस अधिकारियों ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। बिना एक भी पल गंवाए, पुलिस टीम ने पूरी रणनीति के साथ उस बाग की ओर कूच किया। पुलिस ने अपनी गाड़ियों को कुछ दूरी पर ही रोक दिया ताकि अपराधियों को पुलिस के आने की भनक न लगे। इसके बाद, पुलिसकर्मियों ने चारों तरफ से उस जगह की घेराबंदी कर ली, जहाँ ये अपराधी छिपे बैठे थे।
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हथियारों का जखीरा बरामद: 315 बोर के तमंचे और कारतूस

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जैसे ही पुलिस ने बाग में बैठे इन अपराधियों को ललकारा, उनमें हड़कंप मच गया। इससे पहले कि वे भागने की कोशिश करते या पुलिस पर हमला करते, नजीबाबाद पुलिस की टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए चारों को मौके पर ही दबोच लिया।
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जब इन चारों संदिग्धों की तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। इन अपराधियों ने अपने पास अवैध हथियारों का पूरा जखीरा जमा कर रखा था। पुलिस ने इनके कब्जे से 04 अवैध तमंचे (315 बोर) और कुल 14 जिंदा कारतूस (315 बोर) बरामद किए। 315 बोर के ये तमंचे और इतने सारे जिंदा कारतूस इस बात का स्पष्ट प्रमाण थे कि ये अपराधी किसी हत्या, डकैती या किसी बड़ी गैंगवार को अंजाम देने के इरादे से वहां जमा हुए थे। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने निश्चित रूप से जिले में एक बड़ा खून-खराबा होने से रोक लिया।
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पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा: श्यामपुर बॉर्डर का कनेक्शन

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गिरफ्तारी के बाद जब इन चारों अपराधियों को थाने लाया गया और उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने कई अहम राज उगले। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही थी कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में ये अवैध हथियार और कारतूस उनके पास कहाँ से आए। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने कबूल किया कि उन्होंने ये सभी 315 बोर के अवैध तमंचे और कारतूस श्यामपुर थाने के बॉर्डर इलाके से किसी अज्ञात हथियार तस्कर से खरीदे थे। पुलिस अब इस इनपुट के आधार पर उस अज्ञात हथियार तस्कर की तलाश में भी जुट गई है, ताकि हथियारों की इस अवैध सप्लाई चेन (Illegal Arms Supply Chain) को पूरी तरह से नष्ट किया जा सके।
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इन चारों के खिलाफ थाना नजीबाबाद में मु0अ0सं0- 196/2026 के तहत धारा 3/25 आर्म्स एक्ट (Arms Act) का गंभीर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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गिरफ्तार किए गए खूंखार अपराधियों का प्रोफाइल और उनकी 'क्राइम कुंडली'

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इस पूरे ऑपरेशन की सबसे चौंकाने वाली बात इन अपराधियों का आपराधिक इतिहास है। पकड़े गए चारों अपराधी कोई नौसिखिए नहीं हैं, बल्कि ये बिजनौर जिले के अलग-अलग थानों के 'मोस्ट वांटेड' और हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं। इन पर हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती और गैंगस्टर एक्ट जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इनकी क्राइम कुंडली:
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1. अमन चौहान (गैंगस्टर और हत्यारोपी)

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    पिता का नाम: गजेन्द्र सिंह चौहान
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    निवासी: ग्राम उमरपुर आशा, थाना शेरकोट, जनपद बिजनौर।
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    आपराधिक इतिहास: अमन चौहान इस गैंग का एक बेहद खतरनाक सदस्य है। इसके खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 11 संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
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      वर्ष 2017 में थाना शेरकोट में इसके खिलाफ हत्या (धारा 302 भादवि) का मुकदमा दर्ज हुआ था।
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      इसके अलावा इस पर हत्या का प्रयास (धारा 307), डकैती/लूट (धारा 392), और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं।
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      लगातार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण वर्ष 2019 में थाना शेरकोट पुलिस ने इस पर गैंगस्टर एक्ट (2/3 Gangster Act) के तहत भी कार्रवाई की थी।
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      हाल ही में 2024 और 2025 में भी इस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भादवि के तहत मंडावली, नांगल और नहटौर थानों में गंभीर मामले दर्ज हुए हैं।
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2. अक्षय (हत्या और लूट का मास्टरमाइंड)

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    पिता का नाम: मंगल सिंह
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    निवासी: ग्राम अभीपुरा, थाना नांगल, जनपद बिजनौर।
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    आपराधिक इतिहास: अक्षय भी जरायम की दुनिया का एक बड़ा नाम है। इसके खिलाफ कुल 8 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
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      वर्ष 2018 में थाना स्योहारा में इसके खिलाफ हत्या (धारा 302), हत्या का प्रयास (307), और बलवा (147, 148, 149) का मुकदमा दर्ज किया गया था।
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      थाना किरतपुर में इस पर लूट (394), चोरी का माल रखने (411, 413, 414), और हत्या के प्रयास के कई मुकदमे दर्ज हैं।
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      वर्ष 2024 में थाना नांगल और नहटौर में भी इसके खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे पंजीकृत हुए हैं।
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3. हेमेन्द्र (गैंगस्टर एक्ट का मुजरिम)

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    पिता का नाम: मदन सिंह
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    निवासी: अलावलपुर नैनू, थाना कोतवाली शहर, जनपद बिजनौर।
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    आपराधिक इतिहास: हेमेन्द्र के खिलाफ कुल 4 संगीन मामले दर्ज हैं।
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      थाना कोतवाली देहात में इस पर वर्ष 2022 में लूट का प्रयास (394/511), हत्या का प्रयास (307), और आर्म्स एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं।
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      इसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए कोतवाली देहात पुलिस ने वर्ष 2023 में इस पर भी गैंगस्टर एक्ट लगाया था।
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4. केशव (बलवा और मारपीट का आरोपी)

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    पिता का नाम: राजेन्द्र सिंह
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    निवासी: ग्राम साहबपुरा रतन, थाना किरतपुर, जनपद बिजनौर।
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    आपराधिक इतिहास: इसके खिलाफ थाना किरतपुर में हत्या का प्रयास (307), बलवा (147, 148, 149), मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के 3 मुकदमे दर्ज हैं।
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इस साहसिक 'ऑपरेशन' को अंजाम देने वाली नजीबाबाद पुलिस टीम

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अपराधियों के इस खौफनाक मंसूबे को मिट्टी में मिलाने का श्रेय नजीबाबाद थाने की उस जांबाज पुलिस टीम को जाता है, जिसने अपनी जान की परवाह किए बिना इन हथियारों से लैस अपराधियों को धर दबोचा। इस सफल अभियान में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का विवरण इस प्रकार है:
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    उप-निरीक्षक (U.P.S.I.): अनीस अहमद, थाना नजीबाबाद
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    उप-निरीक्षक (U.P.S.I.): प्रमोद कुमार सिंह, थाना नजीबाबाद
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  4. \r\n
  5. \r\n
    कांस्टेबल (Constable) 2131: सुभाष, थाना नजीबाबाद
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  7. \r\n
    कांस्टेबल (Constable) 1841: अनुज शर्मा, थाना नजीबाबाद
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  8. \r\n
  9. \r\n
    कांस्टेबल (Constable) 2484: संदीप, थाना नजीबाबाद
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  10. \r\n
  11. \r\n
    कांस्टेबल (Constable) 2253: उत्तम धामा, थाना नजीबाबाद
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  12. \r\n
  13. \r\n
    कांस्टेबल (Constable) 236: रोहित कुमार, थाना नजीबाबाद
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  14. \r\n
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बिजनौर पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि जिले में किसी भी अपराधी या गैंग को पनपने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस अधीक्षक (SP) बिजनौर के निर्देशन में जिले के सभी थानों की पुलिस लगातार सक्रिय है। इन चारों अपराधियों की गिरफ्तारी से न केवल जिले की जनता ने राहत की सांस ली है, बल्कि जरायम की दुनिया में भी पुलिस का खौफ एक बार फिर स्थापित हुआ है। पकड़े गए सभी आरोपियों को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस का यह अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
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