उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का 'जीरो टॉलरेंस' अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में बिजनौर जिले की नूरपुर पुलिस ने एक बेहद ही शातिर और संगठित चोर गिरोह की कमर तोड़ दी है। यह गिरोह रात के अंधेरे में बंद घरों के ताले तोड़कर लाखों के आभूषण और नकदी साफ कर देता था। पुलिस ने हाल ही में हुई चोरी की तीन बड़ी वारदातों का सफल अनावरण करते हुए इस गिरोह के दो अहम सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक शातिर महिला भी शामिल है।READ ALSO:-बिजनौर में दर्दनाक हादसा: सरकारी राशन लेकर घर लौट रही महिला को रास्ते में आया हार्ट अटैक, मौके पर ही टूटी सांसें
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इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी ने इलाके के लोगों को बड़ी राहत दी है। इससे पहले इसी मामले में पुलिस ने गिरोह के 4 गुर्गों को भारी नकदी के साथ सलाखों के पीछे भेज दिया था। आइए, पुलिस की इस शानदार कामयाबी, 25 दिसंबर की उस खौफनाक रात और इन अपराधियों की पूरी कुंडली पर विस्तार से नजर डालते हैं।
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25 दिसंबर 2025 की वो सर्द रात: जब नंगली जाजू गांव में मचा था कोहराम

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इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत पिछले साल सर्दियों के मौसम में हुई थी। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का फायदा उठाते हुए इस शातिर गिरोह ने नूरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नंगली जाजू को अपना निशाना बनाया था। 25 दिसंबर 2025 की रात जब पूरा गांव गहरी नींद में सोया हुआ था, तब इन चोरों ने एक के बाद एक तीन अलग-अलग घरों में धावा बोला।
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चोरों ने बेहद ही पेशेवर तरीके से बंद पड़े घरों की रेकी की और फिर अपने मंसूबों को अंजाम दिया। अगली सुबह जब गांव वालों की आंख खुली, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
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तीन अलग-अलग घरों में हुई थी लाखों की चोरी
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पीड़ितों ने नूरपुर थाने में जाकर अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए:
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    देवेन्द्र सिंह के घर पड़ी डकैती (मु0अ0सं0 428/25): वादी देवेन्द्र सिंह पुत्र लटूर सिंह ने पुलिस को बताया कि अज्ञात चोरों ने उनके घर से जीवन भर की गाढ़ी कमाई यानी भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के कीमती आभूषण और कई महत्वपूर्ण सरकारी व निजी दस्तावेज चोरी कर लिए हैं। इस मामले में पुलिस ने धारा 305(A) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया।
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    कुलदीप के घर का टूटा ताला (मु0अ0सं0 429/25): उसी रात गांव के ही वादी कुलदीप पुत्र घासीराम के घर के ताले चटकाए गए। चोरों ने बड़ी ही चालाकी से घर में घुसकर अलमारी में रखे कीमती चांदी के आभूषण पार कर दिए। पुलिस ने इस मामले में धारा 331(4)/305(A) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की।
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    विजय सिंह के घर से मोबाइल चोरी (मु0अ0सं0 430/25): तीसरी वारदात विजय सिंह पुत्र नन्हे के घर हुई, जहां से चोर उनकी बेटी का कीमती मोबाइल फोन उड़ा ले गए। इसके लिए भी धारा 305(A) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
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एक ही रात में तीन वारदातों ने नूरपुर पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। पुलिस अधीक्षक बिजनौर के सख्त निर्देशों के बाद इस मामले को सुलझाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया।
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पुलिस की विवेचनात्मक कार्यवाही और पहली बड़ी सफलता (24 अप्रैल 2026)

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पुलिस ने इन मुकदमों की जांच के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, मुखबिर तंत्र और लोकल इंटेलिजेंस का सहारा लिया। महीनों की कड़ी मशक्कत और सबूतों को जोड़ने के बाद पुलिस को इस गिरोह का सुराग मिला।
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24 अप्रैल 2026 का दिन नूरपुर पुलिस के लिए पहली बड़ी कामयाबी लेकर आया। पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए इस गिरोह के 4 शातिर गुर्गों को धर दबोचा। पकड़े गए अपराधियों की पहचान मुजफ्फरनगर निवासी सतीश उर्फ गुलफाम, सत्यवीर, सौरभ और बिजनौर निवासी अनिल के रूप में हुई।
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सबसे बड़ी बात यह थी कि पुलिस ने इनके पास से चोरी का माल बेचकर हासिल किए गए 1,68,500/- रुपये (एक लाख अड़सठ हजार पांच सौ रुपये) नकद बरामद किए। इन चारों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। लेकिन असली मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे।
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लेडी डॉन और उसके साथी की गिरफ्तारी: मास्टरस्ट्रोक (26 अप्रैल 2026)

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4 गुर्गों के जेल जाने के बाद गिरोह के बाकी सदस्य अंडरग्राउंड होने की फिराक में थे। लेकिन नूरपुर पुलिस उनके हर कदम पर नजर रखे हुए थी। 26 अप्रैल 2026 को पुलिस को एक पुख्ता सूचना मिली, जिसके आधार पर छापेमारी की गई।
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इस छापेमारी में पुलिस ने चोरी की इन तीनों घटनाओं का पूरी तरह से अनावरण करते हुए मुख्य अभियुक्त जयवीर और उसकी महिला सहयोगी परमेश्वरी को गिरफ्तार कर लिया। एक महिला का इस तरह के संगठित अपराध में शामिल होना पुलिस के लिए भी चौंकाने वाला था। यह महिला न सिर्फ रेकी करने में माहिर थी, बल्कि चोरी के माल को ठिकाने लगाने में भी इसकी अहम भूमिका मानी जा रही है।
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गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:

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    पुरुष अभियुक्त: जयवीर (पुत्र मेहर सिंह), निवासी ग्राम बुडगरा, थाना किरतपुर, जनपद बिजनौर।
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    महिला अभियुक्ता: परमेश्वरी (पत्नी अशोक उर्फ अमरनाथ), निवासी ग्राम बुडगरा, थाना किरतपुर, जनपद बिजनौर।
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अपराधियों का काला चिट्ठा: महिला पर दर्ज हैं 7 गंभीर मुकदमे

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गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधी कोई नौसिखिए नहीं हैं, बल्कि जरायम की दुनिया के पुराने खिलाड़ी हैं। नूरपुर थाना पुलिस द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट में इनके आपराधिक इतिहास (Criminal History) का जो ब्यौरा दिया गया है, वह चौंकाने वाला है। महिला अपराधी परमेश्वरी पर तो एक या दो नहीं, बल्कि पूरे सात गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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अभियुक्त जयवीर का आपराधिक इतिहास:

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जयवीर पर नूरपुर थाने में ही तीनों ताजा वारदातों के मुकदमे दर्ज हैं:
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    मु0अ0सं0 428/2025: धारा 305(ए)/317(2)/61(2) बीएनएस
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  • \r\n
  • \r\n
    मु0अ0सं0 429/2025: धारा 331(4)/305(7)/317(2)/317(5)/61(2) बीएनएस
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  • \r\n
  • \r\n
    मु0अ0सं0 430/2025: धारा 305(5)/317(2)/317(5)/61(2) बीएनएस
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अभियुक्ता परमेश्वरी का खौफनाक आपराधिक इतिहास:

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इस शातिर महिला पर बिजनौर जिले के तीन अलग-अलग थानों (नूरपुर, नांगल और किरतपुर) में चोरी, सेंधमारी और आपराधिक साजिश रचने के मुकदमे दर्ज हैं:
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  • \r\n
    थाना नूरपुर: मु0अ0सं0 428/2025, 429/2025, और 430/2025 (चोरी और डकैती से संबंधित धाराएं)
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  • \r\n
  • \r\n
    थाना नांगल: मु0अ0सं0 95/2025, 96/2025, और 97/2025 (धारा 3(5), 309(4), 317(2), 331(4), 61(2) बीएनएस)
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  • \r\n
  • \r\n
    थाना किरतपुर: मु0अ0सं0 156/2025 (धारा 304(2)/317(2)/61(2) बीएनएस)
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  • \r\n
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इन मुकदमों की लंबी फेहरिस्त यह साबित करती है कि यह महिला एक पेशेवर अपराधी है और लंबे समय से पुलिस की राडार पर थी।
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इन जांबाजों ने किया गिरोह का सफाया: पुलिस टीम को सलाम
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इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने और बिजनौर की जनता को सुरक्षित माहौल देने में थाना नूरपुर की पुलिस टीम का अहम योगदान रहा है। दिन-रात एक करके इस गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम में निम्नलिखित पुलिसकर्मी शामिल रहे:
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    प्रवेज कुमार: (थानाध्यक्ष, थाना नूरपुर, जनपद बिजनौर) - जिनके कुशल नेतृत्व में यह पूरा ऑपरेशन अंजाम दिया गया।
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    सविन्द्र नागर: (कांस्टेबल 1264, थाना नूरपुर) - जिन्होंने जमीन पर उतरकर अपराधियों की घेराबंदी की।
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  • \r\n
    सविता चौधरी: (महिला कांस्टेबल 266, थाना नूरपुर) - जिन्होंने महिला अपराधी परमेश्वरी को काबू करने और गिरफ्तार करने में अपनी बहादुरी का परिचय दिया।
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आगे की कार्यवाही और जनता के लिए संदेश
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पुलिस ने गिरफ्तार किए गए जयवीर और परमेश्वरी को अदालत में पेश करने के लिए विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड पर पूछताछ के दौरान इनसे जिले में हुई कुछ और पुरानी चोरियों का भी खुलासा हो सकता है। साथ ही चोरी गए बाकी सामान की रिकवरी की भी कोशिशें तेज कर दी गई हैं।
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बिजनौर पुलिस की इस शानदार कार्रवाई ने इलाके के अपराधियों में खौफ पैदा कर दिया है। यह आम जनता के लिए भी एक संदेश है कि पुलिस उनके जान-माल की हिफाजत के लिए मुस्तैद है। आम नागरिकों को भी चाहिए कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति को देखते ही तुरंत यूपी पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दें, ताकि इस तरह के अपराधों को जड़ से खत्म किया जा सके।
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