उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर क्षेत्र के निवासियों और इस मार्ग से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक जरूरी खबर है। धामपुर में रोडवेज बस स्टैंड के पास स्थित नहटौर रेलवे फाटक (Nehtaur Railway Crossing) पर सोमवार से रेलवे का मरम्मत कार्य शुरू हो गया है। इस मरम्मत कार्य के चलते आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस महत्वपूर्ण रेलवे फाटक को 12 मार्च 2026 तक यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
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इस अचानक हुए शटडाउन से जहां एक ओर शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया है, वहीं रेलवे द्वारा यह कदम ट्रैक की सुरक्षा और ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए बेहद जरूरी बताया जा रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह कार्य क्यों हो रहा है, इससे कौन-कौन से रूट प्रभावित होंगे और रेलवे ने सुरक्षा के क्या इंतजाम किए हैं। 
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सीटीआर (CTR) कार्य क्या है और यह क्यों जरूरी है?

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नहटौर रेलवे फाटक पर जो कार्य किया जा रहा है, उसे तकनीकी भाषा में सीटीआर यानी 'कंप्लीट ट्रैक रिनूवल' (Complete Track Renewal) कहा जाता है। भारतीय रेलवे के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक निश्चित समय सीमा के बाद पटरियों और स्लीपरों (पटरियों के नीचे बिछे कंक्रीट के ब्लॉक) को बदलना अनिवार्य होता है ताकि किसी भी तरह की रेल दुर्घटना से बचा जा सके।
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रेलवे स्टेशन के पास स्थित इस फाटक पर प्वाइंट क्रॉसिंग (वह स्थान जहां ट्रेन एक लाइन से दूसरी लाइन पर जाती है) की मरम्मत की जा रही है। वर्षों के उपयोग के बाद पटरियों के जोड़ और स्लीपर कमजोर हो जाते हैं। इस सीटीआर कार्य के तहत लगभग 75 मीटर के दायरे में पुरानी रेलवे लाइन और स्लीपरों को उखाड़कर उनकी जगह पूरी तरह से नई और आधुनिक लाइन बिछाई जा रही है। यह कार्य चार दिन तक चलेगा, जिसके कारण फाटक को बंद रखना अनिवार्य हो गया है।
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शहर के यातायात पर सीधा असर: प्रमुख मार्ग हुए प्रभावित

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नहटौर रेलवे फाटक धामपुर शहर की लाइफलाइन माना जाता है। यह कोई साधारण क्रॉसिंग नहीं है, बल्कि शहर के कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सार्वजनिक स्थलों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है।
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इस फाटक के बंद होने से लोगों को निम्नलिखित स्थानों तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है:
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    एसडीएम कार्यालय और तहसील: प्रशासनिक कार्यों के लिए रोजाना सैकड़ों लोग गांवों से यहां आते हैं। फाटक बंद होने से उन्हें लंबा चक्कर लगाकर आना पड़ रहा है।
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    सीओ कार्यालय और पुलिस स्टेशन: सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े कार्यों के लिए भी लोगों को दिक्कतें आ रही हैं।
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    अस्पताल और स्कूल: इस मार्ग का उपयोग स्कूली बच्चे और मरीज भी करते हैं। वैकल्पिक रास्तों पर जाम लगने से एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के भी प्रभावित होने का खतरा बना रहता है।
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    नहटौर और नूरपुर मार्ग: यह फाटक धामपुर को सीधे नहटौर और नूरपुर जैसे कस्बों से जोड़ता है। रोजाना अप-डाउन करने वाले व्यापारी और नौकरीपेशा लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं।
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यातायात पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे 12 मार्च तक इस रास्ते का उपयोग करने से बचें और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए शहर के अन्य वैकल्पिक मार्गों या बाईपास का सहारा लें।
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ट्रेनों की आवाजाही और सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम

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धामपुर से गुजरने वाला यह रेलवे ट्रैक उत्तर भारत के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेल मार्गों में से एक है। यह मार्ग सीधे तौर पर हरिद्वार, सहारनपुर, नजीबाबाद और मुरादाबाद को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और बरेली जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ता है। इस रूट से रोजाना दर्जनों एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और मालगाड़ियां गुजरती हैं। (External link: source URL)
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चूंकि ट्रैक पर भारी मशीनरी और मजदूरों द्वारा सीटीआर का काम चल रहा है, इसलिए रेलवे ने ट्रेनों के संचालन को लेकर विशेष सतर्कता बरती है।
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    गति सीमा (Speed Limit): कार्य के दौरान ट्रेनों और रेलवे लाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बीच वाली लाइन (जहां काम चल रहा है या उसके करीब) से गुजरने वाली सभी ट्रेनों की गति सीमा को घटाकर मात्र 20 किलोमीटर प्रति घंटा कर दिया गया है।
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    सावधानी आदेश (Caution Order): लोको पायलटों (ट्रेन ड्राइवरों) को इस सेक्शन से गुजरते समय विशेष 'कॉशन ऑर्डर' दिए गए हैं, ताकि वे साइट पर मौजूद कर्मचारियों की सुरक्षा का ध्यान रख सकें। धीमी गति के कारण कुछ ट्रेनों के समय में मामूली देरी भी देखी जा सकती है।
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रेलवे अधिकारियों का आधिकारिक बयान

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इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE) श्री आलोक रंजन ने कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया, "सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्वाइंट क्रॉसिंग रेलवे नेटवर्क का सबसे संवेदनशील हिस्सा होता है। यहां लाइन, स्लीपर और जोड़ बदले जाने हैं। चूंकि यह एक बहुत ही जटिल तकनीकी काम है, इसलिए इसमें 4 दिन का समय लग रहा है।"
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अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्थानीय लोगों की असुविधा को रेलवे समझता है। इसलिए इंजीनियरों और कर्मचारियों की टीम दिन-रात काम कर रही है ताकि तय समय सीमा (12 मार्च) से पहले या ठीक समय पर काम पूरा करके फाटक को यातायात के लिए दोबारा खोल दिया जाए।
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धामपुर में नहटौर रेलवे फाटक का बंद होना भले ही अगले कुछ दिनों के लिए स्थानीय नागरिकों और राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है, लेकिन दीर्घकालिक नजरिए से यह रेलवे सुरक्षा के लिए उठाया गया एक बेहद आवश्यक कदम है। सीटीआर कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन और अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगा, जिससे भविष्य में पटरियों के खिसकने या दुर्घटनाओं की आशंका खत्म हो जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से 12 मार्च तक धैर्य बनाए रखने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर सहयोग करने की अपील की है।
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बिजनौर के धामपुर स्थित नहटौर रेलवे फाटक को सीटीआर (ट्रैक नवीनीकरण) कार्य के चलते 12 मार्च 2026 तक बंद कर दिया गया है। 75 मीटर क्षेत्र में प्वाइंट क्रॉसिंग और स्लीपर बदलने के इस काम के कारण एसडीएम कार्यालय और तहसील जाने वाले मुख्य मार्ग का यातायात बाधित है। यात्रियों और ट्रैक की सुरक्षा के लिए इस रूट से गुजरने वाली हरिद्वार-लखनऊ मार्ग की ट्रेनों को 20 किमी/घंटा की धीमी गति से गुजारा जा रहा है।
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