मुजफ्फरनगर। सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले मुजफ्फरनगर शहर में एक बार फिर माहौल तनावपूर्ण हो गया है। शहर के मुस्लिम बाहुल्य इलाके मीनाक्षी चौक पर कुछ तथाकथित हिंदूवादी संगठनों द्वारा रातों-रात "महर्षि वाल्मीकि चौक" का बोर्ड लगा दिए जाने से विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब खुद वाल्मीकि समाज ने ही इस कदम का पुरजोर विरोध करते हुए इसे समाज को बांटने और अपने त्योहार का अपमान करने की साजिश करार दिया।READ ALSO:-मेरठ में सनसनीखेज वारदात: ससुर पहुंचा थाने, बोला- 'पुत्रवधू को मार डाला', घर में लहूलुहान मिली महिला
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वाल्मीकि समाज ने ही खोला मोर्चा
\r\n\r\nइस घटना के खिलाफ वाल्मीकि क्रांति दल के अध्यक्ष दीपक गंभीर ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मीनाक्षी चौक का महर्षि वाल्मीकि या हमारे समाज से कोई लेना-देना नहीं है। यह कुछ राजनीतिक लोगों की सोची-समझी साजिश है जो महर्षि वाल्मीकि जयंती के पवित्र अवसर पर शहर का माहौल खराब करना चाहते हैं।"
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उन्होंने आगे कहा, "हम शांति और भाईचारे से अपना पर्व मनाना चाहते हैं, लेकिन हमारे आराध्य के नाम पर इस तरह की राजनीति और नफरत फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन को इन شرارتی (शरारती) तत्वों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।"
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शहर में अन्य जगहों पर भी आपत्तिजनक पोस्टर
\r\n\r\nयह विवाद सिर्फ मीनाक्षी चौक तक ही सीमित नहीं है। सूत्रों के अनुसार, हिंदू युवा वाहिनी के कुछ कार्यकर्ताओं ने शहर के खालापार और सिविल लाइन जैसे अन्य इलाकों में भी उत्तेजक और आपत्तिजनक भाषा वाले पोस्टर लगाए हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
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स्थानीय लोगों में गुस्सा, प्रशासन अलर्ट पर
\r\n\r\nइस नाम बदलने की कोशिश को स्थानीय लोग "सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की सुनियोजित साजिश" बता रहे हैं। मीनाक्षी चौक के एक निवासी ने कहा, "यह चौक हमेशा से हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक रहा है। ऐसे नाम बदलने से सिर्फ नफरत फैलेगी।"
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मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। हालांकि, कोई आधिकारिक बयान अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि विवादित होर्डिंग को हटाने और आपत्तिजनक पोस्टरों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दीपक गंभीर ने जिलाधिकारी और एसएसपी से मिलकर समाज में नफरत फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
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