मुजफ्फरनगर (क्राइम डेस्क): उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से अपराध का एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसे जानकर हर कोई दंग रह गया है। जिले के नई मंडी थाना क्षेत्र में महिलाओं को अपना निशाना बनाकर सोने के कुंडल (कान के कुंडल) झपटने वाली वारदातों का पुलिस ने आखिरकार बड़ा खुलासा कर दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गैंग का मुख्य आरोपी बेहद शातिर है, जो पुलिस और आम जनता को धोखा देने के लिए वर्षों से मूकबधिर (गूंगा-बहरा) होने का नाटक कर रहा था।READ ALSO:-मेरठ में 'सिंघम' बनने का खौफनाक खेल: असली थाने से महज 3 किमी दूर चल रही थी 'फर्जी पुलिस चौकी', हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के काले कारोबार का भंडाफोड़
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
शनिवार शाम पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा ने इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी को धर दबोचा है, जिसके पास से छीने गए आभूषण और अवैध हथियार बरामद हुए हैं।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

मूकबधिर होने का नाटक कर जीतता था लोगों का विश्वास

\r\n\r\n
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी राजकुमार बावरिया बेहद शातिर दिमाग का है। उसने अपनी इस आपराधिक प्रवृत्ति को छिपाने के लिए एक खतरनाक तरीका अपनाया था। वह लंबे समय से इलाके में यह नाटक करता था कि वह बोल और सुन नहीं सकता (मूकबधिर है)।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस नाटक के जरिए वह लोगों की सहानुभूति हासिल कर लेता था और गली-मोहल्लों में बिना किसी शक के आसानी से घूमता रहता था। इसी बहाने वह महिलाओं की रेकी (Reconnaissance) करता था कि कौन सी महिला ने सोने के गहने पहने हैं। जैसे ही उसे सूना मौका मिलता, वह पलक झपकते ही कुंडल छीनकर फरार हो जाता था। किसी को यह शक तक नहीं होता था कि वह बेचारा दिखने वाला शख्स एक शातिर लुटेरा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

30 जुलाई की घटना के बाद हरकत में आई थी पुलिस

\r\n\r\n
बीती 30 जुलाई को नई मंडी थाना क्षेत्र के शांतिनगर इलाके में एक महिला के साथ दिनदहाड़े कुंडल स्नैचिंग की वारदात को अंजाम दिया गया था। इस घटना के बाद शहर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने तत्काल प्रभाव से नई मंडी पुलिस, एसओजी (SOG) और सर्विलांस टीम की विशेष टीमों का गठन किया था। पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों (Technical Surveillance), सीसीटीवी फुटेज और मजबूत मुखबिर तंत्र का जाल बिछाकर अपराधी की सुरागरसी शुरू की। लगातार निगरानी के बाद पुलिस आखिरकार इस शातिर तक पहुंचने में कामयाब हो गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी, तमंचा और कुंडल बरामद

\r\n\r\n
शनिवार को पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम के साथ आरोपी राजकुमार बावरिया की मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई और घेराबंदी के बाद आखिरकार आरोपी को दबोच लिया गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    बरामदगी: पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से महिला से छीने गए दो सोने के कुंडल और एक अवैध तमंचा (कार्यात्मक हथियार) बरामद किया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अन्य मामलों की जांच: पुलिस अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि इस आरोपी ने मुजफ्फरनगर या आसपास के जिलों में ऐसे कितने अन्य वारदातों को अंजाम दिया है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

एसएसपी का बयान और पुलिस टीम को नकद पुरस्कार

\r\n\r\n
प्रेसवार्ता के दौरान एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
\r\n
"ऐसे शातिर अपराधी आम लोगों की भावनाओं और सहानुभूति का गलत फायदा उठाकर वारदातों को अंजाम देते हैं। नागरिकों को भी ऐसे संदिग्ध लोगों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान से जुड़े मामलों में पुलिस किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं करेगी। नई मंडी थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने बेहतरीन कार्य किया है।"
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
उत्कृष्ट कार्यकुशलता और त्वरित खुलासे के लिए एसएसपी ने पुलिस टीम की जमकर सराहना की और पूरी संयुक्त टीम को 15 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की आधिकारिक घोषणा की।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मुजफ्फरनगर पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है कि चाहे अपराधी कितना भी शातिर नाटक क्यों न रच ले, कानून की लंबी और पैनी नजरों से बच नहीं सकता। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र की महिलाओं ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन