Saavi Social Welfare Diwali: दिवाली (Diwali) सिर्फ मिट्टी के दीये जलाने, आतिशबाजी करने और अपने घर को रोशनी से सजाने का त्योहार नहीं है। असल मायने में दिवाली किसी के उदास जीवन में उम्मीद, अपनापन और खुशियों का उजाला भरने का एक बहुत ही खूबसूरत अवसर है।

इसी बेहतरीन सोच और जज्बे को एक बार फिर से साकार करते हुए, सान्वी सोशल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन (Saavi Social Welfare Organization) ने अपनी नेक परंपरा को कायम रखा। संस्था ने मुंबई के विश्व प्रसिद्ध टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल (Tata Memorial Hospital) में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे कैंसर मरीजों के साथ लगातार 13वें वर्ष दिवाली का पावन उत्सव पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया।

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​यह खास आयोजन उन मरीजों के लिए खुशियों और उम्मीदों की एक बहुत बड़ी सौगात बन गया, जो अपनी गंभीर बीमारी से जूझते हुए अस्पताल के बिस्तरों पर अपना त्योहार बिताने को मजबूर थे।

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​शिखा मल्होत्रा के गीतों ने भरा उत्सव का रंग

सान्वी सोशल वेलफेयर की संस्थापक ईशा रावत (Isha Rawat) के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस दीपोत्सव समारोह में जानी-मानी अभिनेत्री शिखा मल्होत्रा (Shikha Malhotra) ने भी विशेष रूप से शिरकत की।

शिखा ने वहां सिर्फ अपनी उपस्थिति ही दर्ज नहीं कराई, बल्कि अपने सुरीले गीत-संगीत और शानदार प्रस्तुति से अस्पताल के गंभीर माहौल को खुशनुमा और जीवंत बना दिया। उनकी बेहतरीन गायकी ने मरीजों के उदास चेहरों पर एक प्यारी सी मुस्कान बिखेर दी। कुछ पलों के लिए ही सही, लेकिन अस्पताल का वातावरण दवाइयों की गंध से दूर हटकर उत्सव की उमंग और आनंद से भर गया।

​साड़ियां और भोजन का वितरण

इस विशेष अवसर पर संस्था की ओर से वहां भर्ती महिला कैंसर मरीजों (Women Cancer Patients) को सम्मानपूर्वक साड़ियां (Sarees) भेंट की गईं। इसके साथ ही, अस्पताल के सभी मरीजों और उनके तीमारदारों को स्वादिष्ट भोजन वितरित किया गया।

​इस भावुक कर देने वाले पल पर बात करते हुए अभिनेत्री शिखा मल्होत्रा ने कहा:

​"कैंसर से जूझ रहे इन बहादुर मरीजों के साथ दिवाली मनाना मेरे जीवन का एक बेहद भावुक और कभी न भूलने वाला यादगार अनुभव रहा। मेरा हमेशा से यह मानना है कि संगीत और प्यार के कुछ पल भी किसी के जीवन के अंधेरे में सकारात्मकता (Positivity) का दीप जला सकते हैं।"

​"कोई मरीज खुद को अकेला महसूस न करे"

संस्था की संस्थापक ईशा रावत ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए बताया कि लगातार 13 वर्षों से उनका यही एक सच्चा प्रयास रहा है कि इलाज के इस सबसे कठिन और दर्दनाक दौर में कोई भी मरीज त्योहार के दिन खुद को अकेला या असहाय महसूस न करे।

उन्होंने कहा, "मरीजों को प्यार, अपनापन और उनके चेहरों पर खुशियां देना ही सान्वी सोशल वेलफेयर के इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।"

​इस पुनीत अवसर पर संस्था के समर्पित स्वयंसेवक आकाश अहेर, शीतल अहेर, अभिनेत्री शिखा मल्होत्रा और टाटा अस्पताल के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। 'टाटा कैंसर हॉस्पिटल', 'लिटिल मोर' और 'आहूजा ट्रस्ट' के विशेष सहयोग से आयोजित यह समारोह संस्था की गहरी सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।

​कौन है सान्वी सोशल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन?

सान्वी सोशल वेलफेयर (Saavi Social Welfare) मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य (Healthcare) और रोजगार के क्षेत्र में महाराष्ट्र (Maharashtra) के पिछड़े आदिवासी (Tribal) एवं दूरदराज के इलाकों में काफी सक्रियता से काम कर रही है।

संस्था की यह दिवाली पहल इस बात को साबित करती है कि सेवा और निस्वार्थ भाव का एक छोटा-सा प्रयास भी किसी के जीवन में जीवनदान और उम्मीद जगा सकता है। सचमुच, इस दिवाली की सबसे खूबसूरत और सच्ची रोशनी उन मुस्कुराते चेहरों पर दिखाई दी, जिन्हें अस्पताल के भीतर भी अपनों के साथ होने का गहरा एहसास मिला।

​डिस्क्लेमर (Disclaimer):

यह समाचार सान्वी सोशल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन द्वारा आयोजित सामाजिक कार्यक्रम और पीआर रिलीज पर आधारित है।

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