मुरादाबाद। डिजिटल युग में आम महिलाएं ही नहीं, बल्कि कानून की रक्षा करने वाली महिला पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस विभाग के भी होश उड़ा दिए हैं। यहाँ तैनात एक महिला सिपाही साइबर अपराधियों और मनचलों के उत्पीड़न का शिकार हुई है। आरोपियों ने महिला सिपाही के निजी (प्राइवेट) वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर न केवल उसकी तयशुदा शादी तुड़वा दी, बल्कि अब उसे ब्लैकमेल कर मोटी रकम (रंगदारी) की मांग कर रहे हैं।READ ALSO:-बिजनौर में 'जिस्म की मंडी' पर पुलिस का डंडा: चंद रुपयों के लिए मंडावली में परोसा जा रहा था जिस्म, लेडी सरगना समेत 5 गिरफ्तार, 'गंदे खेल' का पर्दाफाश
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पीड़िता गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रही है। फिलहाल, महिला सिपाही की तहरीर पर कांठ थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
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2018 से पीछे पड़ा है 'सनकी' आशिक

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कांठ थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़ित महिला सिपाही ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बिजनौर जिले के धामपुर निवासी मदन नाम के युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, मदन वर्ष 2018 से ही उसके पीछे पड़ा है और बुरी नीयत रखता है।
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आरोपी की सनक इस हद तक थी कि पीड़िता को बदनाम करने के लिए उसने पहले भी फर्जी कोर्ट मैरिज के दस्तावेज तैयार कर दीवारों पर चस्पा कर दिए थे। उसका मकसद सिर्फ यह था कि महिला सिपाही की शादी किसी और से न हो सके।
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सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर फैला दी अश्लीलता

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पीड़िता ने बताया कि पिछले साल (2024) भी आरोपी ने कुछ वीडियो वायरल किए थे, जिसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। लेकिन इसके बावजूद आरोपी और उसके साथियों के हौसले बुलंद रहे।
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ताजा मामले में, पिछले साल अक्टूबर महीने में आरोपी मदन ने अपने भाइयों और एक साथी अमित के साथ मिलकर एक सोशल मीडिया ग्रुप बनाया। इस ग्रुप में उन्होंने महिला सिपाही के अत्यंत निजी वीडियो सार्वजनिक कर दिए। वीडियो वायरल होते ही इसका सीधा असर पीड़िता के निजी जीवन पर पड़ा और उसकी तय हो चुकी शादी टूट गई।
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वीडियो हटाना है तो पैसे दो: मांग रहे रंगदारी

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शादी टूटने और समाज में बदनामी होने के बाद जब पीड़िता टूट गई, तो आरोपियों ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। अब वे वीडियो डिलीट करने और पीछा छोड़ने के एवज में अवैध वसूली (रंगदारी) की मांग कर रहे हैं।
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पीड़िता का आरोप है कि पैसे न देने पर आरोपी उसे और उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। आरोपियों ने उसके कार्यस्थल से लेकर निजी जीवन तक में दखल देकर उसका जीना मुहाल कर दिया है।
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पुलिस ने दर्ज किया केस, दबिश जारी

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अपनी ही विभाग की साथी के साथ हुई इस बर्बरता को मुरादाबाद पुलिस ने गंभीरता से लिया है। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ:
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    जालसाजी (Fraud)
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    धमकी देना (Intimidation)
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    आईटी एक्ट (IT Act)
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समेत अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी सुनियोजित साजिश के तहत महिला सिपाही को बदनाम कर रहे थे।
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बड़ा सवाल: जब पुलिस ही नहीं सुरक्षित, तो आम जनता का क्या? 

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यह घटना महिला सुरक्षा के दावों और साइबर क्राइम की हकीकत पर एक बड़ा सवालिया निशान है। जब एक वर्दीधारी महिला, जो खुद कानून का हिस्सा है, उसे इस तरह से प्रताड़ित किया जा सकता है, तो आम युवतियों की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी? फिलहाल, पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाएगी ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।
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