मेरठ (Meerut News): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में सोशल मीडिया की दुनिया से रातों-रात शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचने वाले मशहूर यूट्यूबर शादाब जकाती (Shadab Jakati) एक बार फिर से कानून के फंदे में फंस गए हैं। अपने वायरल डायलॉग "दस रुपये का बिस्किट कितने का" से इंटरनेट पर तहलका मचाने वाले शादाब जकाती को मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बिना प्रशासनिक अनुमति के एक प्रतिष्ठान (शोरूम) का भव्य उद्घाटन करने, वहां भारी भीड़ जुटाने और शहर की मुख्य सड़क पर कानून व्यवस्था बिगाड़ते हुए भीषण जाम लगाने के आरोप में की गई है। हालांकि, दर्ज किया गया मामला जमानती धाराओं के अंतर्गत होने के कारण पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया है।READ ALSO:-धामपुर: मुनि विद्यानन्द जैन कन्या विद्यालय में 'जेंडर इक्विटी' पर विधिक साक्षरता शिविर का भव्य आयोजन, लैंगिक समानता पर दिया गया विशेष जोर
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इस पूरी घटना ने एक बार फिर से इस बहस को जन्म दे दिया है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स (Social Media Influencers) अपनी लोकप्रियता के नशे में किस तरह आम जनता की सुविधा और स्थानीय प्रशासन के नियमों को ताक पर रख देते हैं।
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हापुड़ रोड पर शोरूम का उद्घाटन और स्टार्स का जमावड़ा प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेरठ के इंचौली क्षेत्र के निवासी और चर्चित यूट्यूबर शादाब जकाती ने रविवार के दिन शहर के अति व्यस्त मार्ग हापुड़ रोड पर एक नए प्रतिष्ठान/शोरूम का उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम को भव्य और चर्चा का विषय बनाने के लिए शादाब ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रशंसकों को खुला निमंत्रण दिया था।
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कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कई नामचीन हस्तियों को बुलाया गया था। इनमें भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी रिंकू सिंह (Rinku Singh) की बहन नेहा सिंह (Neha Singh) के अलावा दिल्ली, एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जाने-माने यूट्यूबर्स और इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स भी शामिल हुए थे। जैसे ही शादाब जकाती और अन्य इंटरनेट सेलेब्रिटीज के हापुड़ रोड स्थित शोरूम पर पहुंचने की भनक उनके फॉलोअर्स और प्रशंसकों को लगी, वहां युवाओं और किशोरों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा।
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प्रशंसकों की बेकाबू भीड़ और हापुड़ रोड पर भीषण जाम रविवार का दिन होने के बावजूद हापुड़ रोड पर यातायात का भारी दबाव रहता है। यूट्यूबर की एक झलक पाने, उनके साथ सेल्फी लेने और वीडियो बनाने की होड़ में प्रशंसकों की भीड़ सड़क के बीचों-बीच जमा हो गई। शोरूम के बाहर तिल रखने की भी जगह नहीं बची थी।
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देखते ही देखते वहां की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। वाहनों के पहिए थम गए और हापुड़ रोड पर कई किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम (Traffic Jam) लग गया। इस जाम में आम राहगीरों, महिलाओं, बच्चों और यहां तक कि एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं के भी फंसने की नौबत आ गई। राहगीरों ने जब भीड़ से रास्ता देने की अपील की, तो वहां धक्का-मुक्की और हुड़दंग शुरू हो गया। बिना किसी पूर्व सूचना या पुलिस अनुमति के हुए इस जमावड़े ने स्थानीय प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए।
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पुलिस का एक्शन और हल्का बल प्रयोग सड़क पर जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और पीआरवी (PRV) की गाड़ियां सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने पहले भीड़ को शांतिपूर्वक वहां से हटने की चेतावनी दी, लेकिन जब सेल्फी के दीवाने प्रशंसक नहीं माने और हुड़दंग जारी रहा, तो हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी।
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पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर भीड़ को तितर-बितर करने और यातायात को सुचारू रूप से चालू करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग (Lathi Charge) करना पड़ा। इसके बाद ही जाकर भीड़ वहां से हटी और हापुड़ रोड पर यातायात सामान्य हो सका। इस पूरे ड्रामे के कारण घंटों तक आम जनता को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
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मुकदमा दर्ज और शादाब जकाती की गिरफ्तारी इस घोर लापरवाही और सार्वजनिक शांति भंग करने के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। शास्त्रीनगर चौकी प्रभारी हेमंत सागर की ओर से इस पूरे प्रकरण में मुख्य आयोजक शादाब जकाती और उनके कई अन्य अज्ञात समर्थकों व हुड़दंगियों के खिलाफ नौचंदी थाने में आधिकारिक रूप से एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई।
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इस कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए मेरठ के एसपी सिटी (SP City) विनायक भोसले ने बताया कि रविवार रात को ही पुलिस टीम ने शादाब जकाती से संपर्क साधने का प्रयास किया था। उस समय शादाब ने अपनी तबीयत खराब होने का हवाला दिया था। पुलिस ने उन्हें रियायत देते हुए सोमवार सुबह थाने में पेश होने का निर्देश दिया। इसके बाद सोमवार सुबह लगभग 10 बजे शादाब जकाती नौचंदी थाने पहुंचे, जहां पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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कानूनी प्रक्रिया: क्रिमिनल एक्ट की धारा 7 के तहत कार्रवाई मेरठ पुलिस ने शादाब जकाती के खिलाफ रास्ता जाम कर अशांति फैलाने, आम जनजीवन को प्रभावित करने और बिना परमिशन भीड़ जुटाने के आरोप में क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट (Criminal Law Amendment Act) की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। चूंकि यह मामला और इसमें लगाई गई धाराएं जमानती (Bailable Offense) श्रेणी में आती हैं, इसलिए पुलिस ने कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए शादाब जकाती को सीआरपीसी की धारा 41ए (41A Notice) का नोटिस तामील कराया और आवश्यक मुचलके भरवाने के बाद उन्हें थाने से ही जमानत दे दी।
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शादाब जकाती का आपराधिक इतिहास और माफीनामा यह पहला मौका नहीं है जब शादाब जकाती का नाम विवादों में आया है या पुलिस के रजिस्टर में दर्ज हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शादाब जकाती पर उनके गृह क्षेत्र इंचौली थाने में पहले से ही कम से कम दो अन्य आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उन पुराने मामलों की भी फाइल खंगाल रही है।
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थाने से जमानत पर छूटने के तुरंत बाद शादाब जकाती के तेवर ढीले पड़ गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने आधिकारिक अकाउंट से एक वीडियो जारी कर अपनी इस हरकत पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। वीडियो में शादाब ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि उनसे जाने-अनजाने में बहुत बड़ी चूक हुई है। उन्होंने अपने प्रशंसकों और अन्य साथी यूट्यूबर्स से अपील की है कि भविष्य में कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम, मीट-अप या शोरूम का उद्घाटन आयोजित करने से पहले स्थानीय प्रशासन और पुलिस से लिखित अनुमति (Permission) जरूर लें और कानून व्यवस्था का सख्ती से पालन करें।
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पुलिस प्रशासन की सख्त चेतावनी इस पूरी घटना ने मेरठ पुलिस को भी चौकन्ना कर दिया है। एसपी सिटी विनायक भोसले ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि भविष्य में अगर कोई भी इन्फ्लुएंसर, नेता या आम नागरिक बिना पूर्व अनुमति के सड़क जाम कर भीड़ जुटाने का प्रयास करेगा और आम जनता की सुविधा में खलल डालेगा, तो उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का साफ कहना है कि किसी की भी लोकप्रियता उसे कानून तोड़ने का लाइसेंस नहीं देती है।
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फिलहाल, इस घटना के बाद से मेरठ के अन्य यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के बीच भी हड़कंप मचा हुआ है और वे आगे से ऐसे किसी भी आयोजन को लेकर सतर्क हो गए हैं।
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