मेरठ (24 मई, 2026): उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले और पूरे एनसीआर (NCR) क्षेत्र में मौसम के तेवर बेहद तल्ख हो गए हैं। आसमान से आग बरस रही है और झुलसाने वाली गर्म हवाओं (लू) ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। मई महीने के इस अंतिम सप्ताह में गर्मी अपने चरम पर पहुँच चुकी है। इस भीषण गर्मी (Severe Heatwave) और लू के जानलेवा प्रकोप को देखते हुए, मेरठ जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों के हित में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और राहत भरा फैसला लिया है।READ ALSO:-मेरठ बकरा चोरी मामला: फिल्मी अंदाज में बकरा चुराकर भाग रहे बाइक सवार कुएं में गिरे, थाने पहुंचे तो कहानी में आया 'बॉलीवुड' से भी बड़ा ट्विस्ट!
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लगातार बढ़ती गर्मी और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले इसके खतरनाक प्रभाव के मद्देनजर, मेरठ के जिलाधिकारी (DM) डॉ. वी.के. सिंह ने स्कूलों की छुट्टियां दो दिन और बढ़ाने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। नए आदेश के अनुसार, अब जिले के सभी मान्यता प्राप्त (सरकारी और निजी) विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 10 तक की कक्षाएं 25 और 26 मई 2026 तक पूरी तरह से बंद रहेंगी।
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डीएम डॉ. वी.के. सिंह का आदेश: 'बच्चों का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता'

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इससे पहले जिले में बढ़ते तापमान को देखते हुए प्रशासन ने 23 मई तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया था। उम्मीद जताई जा रही थी कि वीकेंड तक मौसम में कुछ नरमी आएगी, लेकिन सूर्य देव के तेवर और भी उग्र हो गए। दोपहर के समय लू के थपेड़ों ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है।
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    आदेश का दायरा: जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह छुट्टी यूपी बोर्ड (UP Board), सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) और अन्य सभी मान्यता प्राप्त बोर्डों के स्कूलों पर समान रूप से लागू होगी।
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    प्रशासनिक रुख: डीएम ने अपने आदेश में कड़े शब्दों में कहा है कि, "भीषण गर्मी के इस मौसम में स्कूली छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा जिला प्रशासन की पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता है। तपती धूप और हीटवेव के बीच बच्चों का स्कूल आना-जाना उनके स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।"
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    सख्ती से पालन के निर्देश: जिले के सभी उप जिलाधिकारियों (SDM), बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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निजी स्कूलों को सख्त चेतावनी: आदेश की अनदेखी पड़ी तो होगी दंडात्मक कार्रवाई

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अक्सर ऐसा देखा गया है कि जिला प्रशासन के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कुछ निजी स्कूल प्रबंधन अपनी मनमानी करते हुए गुपचुप तरीके से स्कूल खोल लेते हैं और बच्चों को बुलाते हैं। इस बार प्रशासन ने ऐसे स्कूलों पर बेहद सख्त रुख अपनाया है।
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मेरठ जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 25 और 26 मई को जिले का कोई भी विद्यालय (कक्षा 10 तक) खुला पाया गया या किसी भी स्कूल ने बच्चों को स्कूल आने के लिए बाध्य किया, तो उस स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम और शिक्षा विभाग के सख्त नियमों के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर संबंधित स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
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अभिभावकों ने ली राहत की सांस, सड़कों पर पसरा सन्नाटा

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दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच का समय, जब आमतौर पर स्कूलों की छुट्टी होती है, तब गर्मी अपने सबसे भयानक और चरम रूप में होती है। ऐसे समय में छोटे बच्चों का भारी बस्ता लेकर बसों, वैन या ऑटो में ठसाठस भरकर घर लौटना किसी शारीरिक यातना से कम नहीं था। बीते दिनों कई बच्चों के गर्मी से बेहोश होने, उल्टी करने या नाक से खून (नकसीर) आने की चिंताजनक खबरें सामने आई थीं।
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जिलाधिकारी के इस फैसले के बाद मेरठ के अभिभावकों के चेहरों पर साफ राहत देखी जा सकती है। स्थानीय अभिभावक संघ का कहना है कि, "यह प्रशासन का एक बेहद संवेदनशील, समयबद्ध और जरूरी कदम है। जब बड़े लोग दोपहर में घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, तो छोटे बच्चे इस जानलेवा लू को कैसे बर्दाश्त करते। हम डीएम साहब के इस फैसले का स्वागत करते हैं।"
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गर्मी के खौफ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोपहर के समय मेरठ शहर की मुख्य सड़कों (जैसे आबू लेन, बेगमपुल, गढ़ रोड) और बाजारों में एकदम सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है। लोगों की आवाजाही नाममात्र की रह गई है।
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मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी: अभी और सताएगा 'हीटवेव' का टॉर्चर

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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और कृषि विश्वविद्यालय मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिकों ने भी मेरठ और आस-पास के क्षेत्रों के लिए चिंताजनक पूर्वानुमान जारी किए हैं।
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    हीटवेव का अलर्ट: वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में किसी भी तरह की गिरावट की कोई संभावना नहीं है। आसमान पूरी तरह से साफ रहेगा और तेज तीखी धूप के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं (लू) चलेंगी।
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    रेड अलर्ट: मौसम विभाग ने दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक लोगों को बिना अति आवश्यक कार्य के घरों से बाहर न निकलने की कड़ी सलाह दी है।
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स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट: डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से रहें सावधान

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स्कूली बच्चों की छुट्टियां तो हो गई हैं, लेकिन घर पर भी उन्हें और परिवार के बुजुर्गों को गर्मी से बचाकर रखना बहुत जरूरी है। बढ़ते तापमान को देखते हुए मेरठ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने एक विशेष मेडिकल एडवाइजरी (Health Advisory) जारी की है।
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डॉक्टरों के मुताबिक, लगातार पड़ रही इस प्रचंड गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की भारी कमी), चक्कर आना, उल्टियां होना, तेज सिरदर्द और हीट स्ट्रोक (लू लगना) के मामले अस्पतालों की ओपीडी (OPD) में तेजी से बढ़ रहे हैं।
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लू और गर्मी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देश (DOs & DONTs):

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क्या करें (सुरक्षा के उपाय)
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क्या न करें (इनसे बचें)
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भरपूर पानी पिएं: प्यास न लगने पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी, नींबू पानी, छाछ, ओआरएस (ORS) या नारियल पानी पिएं।
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खाली पेट न रहें: बच्चों को सुबह खाली पेट बिल्कुल न रहने दें। हल्का और पौष्टिक नाश्ता जरूर कराएं।
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पहनावा: हमेशा सूती (Cotton), हल्के रंग के और ढीले-ढाले कपड़े ही पहनें, ताकि पसीना सूख सके।
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धूप में न खेलें: बच्चों को दोपहर के समय घर की छत, गलियों या पार्कों में खेलने के लिए बिल्कुल न जाने दें।
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ताजा भोजन लें: खाने में खीरा, ककड़ी, तरबूज, पुदीना और प्याज जैसी पानी वाली चीजों का अधिक इस्तेमाल करें।
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जंक फूड से बचें: ज्यादा तला-भुना, मसालेदार, बासी खाना या बाजार के खुले जंक फूड का सेवन इस मौसम में न करें।
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सिर ढककर रखें: अगर बहुत जरूरी काम से बाहर जाना पड़े, तो सिर को सूती तौलिये, गमछे या छाते से अच्छी तरह ढककर निकलें।
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बंद वाहनों में न छोड़ें: बच्चों या पालतू जानवरों को कभी भी धूप में खड़ी बंद कार के अंदर न छोड़ें, यह जानलेवा है।
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प्रकृति का यह रूद्र रूप हम सभी के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह द्वारा 26 मई तक स्कूलों को बंद रखने का निर्णय बच्चों की सुरक्षा की दिशा में एक अत्यधिक सराहनीय कदम है। अब यह पूरी जिम्मेदारी हमारी (अभिभावकों की) है कि हम इन छुट्टियों का सदुपयोग बच्चों को घर के अंदर सुरक्षित, शांत और हाइड्रेटेड रखने में करें। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और बिना किसी अत्यंत आवश्यक कार्य के तेज धूप का सामना करने से बचें।
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