उत्तर प्रदेश में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब यूपी में दूसरी बेटी की फीस माफ की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस महत्वपूर्ण घोषणा के बाद नए शैक्षणिक सत्र से इसे लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। यह योजना गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है।READ ALSO:-यूपी में एलपीजी से दूरी, पीएनजी की तैयारी: योगी सरकार अगले 6 महीने में 15 लाख नए घरों तक पहुंचाएगी पाइप वाली रसोई गैस, इन शहरों में तेज हुआ काम
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बड़ी घोषणा

\r\n\r\n
उत्तर प्रदेश में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बालिकाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में बालिकाओं की शिक्षा को लेकर एक बड़ी घोषणा की थी, जिस पर अब तेजी से अमल शुरू हो गया है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैसे की कमी के कारण किसी भी मेधावी बेटी की पढ़ाई न छूटे। गरीब और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों पर दो बच्चों की पढ़ाई का खर्च भारी पड़ता है, जिसे कम करने के लिए यह पहल की गई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

यूपी में दूसरी बेटी की फीस माफ: किन्हें मिलेगा लाभ?

\r\n\r\n
इस नई सरकारी योजना का लाभ केवल उन परिवारों को मिलेगा, जो शासन द्वारा निर्धारित आय सीमा से नीचे अपना जीवन यापन कर रहे हैं। यदि किसी ऐसे परिवार की एक से अधिक बेटियां स्कूल, कॉलेज या संस्थान में पढ़ रही हैं, तो दूसरी बेटी की ट्यूशन फीस से उन्हें पूरी तरह छूट मिलेगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यह योजना राज्य के यूपी बोर्ड के साथ-साथ सीबीएसई (CBSE) और आइसीएसई (ICSE) बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी स्ववित्त पोषित विद्यालयों पर भी लागू होगी। यह नियम कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं के लिए विशेष रूप से प्रभावी किया जा रहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

फीस माफी और प्रतिपूर्ति की क्या है पूरी व्यवस्था?

\r\n\r\n
गत 22 जून को उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव संजय कुमार ने इस महत्वपूर्ण योजना के संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए थे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालय प्रशासन को इन नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सरकार ने इसके लिए दो विकल्प रखे हैं। पहला, शिक्षण संस्थानों को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे खुद कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत दूसरी बेटी की ट्यूशन फीस माफ करें। दूसरा, यदि स्कूल ऐसा नहीं करते हैं, तो उस ट्यूशन फीस की पूरी प्रतिपूर्ति राज्य सरकार की ओर से की जाएगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

शिक्षा विभाग ने स्कूलों से मांगा विस्तृत विवरण

\r\n\r\n
शासन का आदेश मिलने के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय भी पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। शिक्षा निदेशक ने प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को इस योजना के क्रियान्वयन के लिए सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सभी संबंधित स्कूलों और प्रधानाचार्यों से कक्षा 9, 10, 11 और 12 के विद्यार्थियों से ली जाने वाली ट्यूशन फीस का पूरा विवरण मांगा गया है। ताकि यूपी में दूसरी बेटी की फीस माफ करने की प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर जल्द और बिना किसी बाधा के लागू किया जा सके।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मेरठ मंडल में शुरू हुई योजना की तैयारी

\r\n\r\n
इस योजना को लेकर प्रदेश भर के साथ-साथ मेरठ मंडल में भी तेजी से काम शुरू हो गया है। मेरठ मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक ओंकार शुक्ल ने बताया कि शासन का विस्तृत आदेश उन्हें विधिवत प्राप्त हो गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
उन्होंने मंडल के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे कक्षा नौ से बारहवीं तक की ऐसी सभी पात्र छात्राओं की लिस्ट तैयार करें। प्रशासन का प्रयास है कि नए शैक्षणिक सत्र में योजना का लाभ सीधे जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

कन्या शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर

\r\n\r\n
यूपी में दूसरी बेटी की फीस माफ करने का यह फैसला महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा और प्रभावी कदम माना जा रहा है। अक्सर देखा जाता है कि आर्थिक तंगी के कारण परिवार दूसरी या तीसरी बेटी की पढ़ाई बीच में ही रोक देते हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस नई योजना के लागू होने से प्रदेश में बालिकाओं का स्कूल से ड्रॉपआउट रेट (Drop-out rate) काफी कम होगा। बेटियां बिना किसी आर्थिक रुकावट के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। यह दूरदर्शी योजना 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान को भी एक नई ताकत और दिशा देगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
कुल मिलाकर, यूपी में दूसरी बेटी की फीस माफ करने की योगी सरकार की यह योजना कन्या शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आएगी। इससे गरीब परिवारों का आर्थिक बोझ काफी हद तक घटेगा और बेटियों के सुनहरे भविष्य का रास्ता साफ होगा। पात्र अभिभावकों को इस सरकारी योजना का पूरा लाभ उठाने के लिए अपने संबंधित विद्यालय प्रशासन से जल्द संपर्क करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन