उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में सोशल मीडिया पर अपने वीडियो को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले कंटेंट क्रिएटर शादाब जकाती एक बार फिर बड़ी मुसीबत में घिरते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शादाब जकाती विवादित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने एक नए और गंभीर बवाल को जन्म दे दिया है। इस बार शादाब ने किसी आम विषय पर नहीं, बल्कि समाज के एक बेहद संवेदनशील और सम्मानित वर्ग—दिव्यांगों (Persons with Disabilities)—का भद्दा मजाक उड़ाया है। सरकारी सहायता राशि को लेकर बनाए गए इस असंवेदनशील वीडियो के सामने आने के बाद से ही आम जनता और विशेषकर दिव्यांग समाज में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। यह नया विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में बिना अनुमति रोडशो करने और उनके नए शोरूम 'जकाती ज्वैलर्स' पर आवास विकास द्वारा सील लगाए जाने की कार्रवाई हो चुकी है।
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शादाब जकाती विवादित वीडियो: आखिर इस वीडियो में क्या दिखाया गया है?

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सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज बटोरने की होड़ में आजकल कंटेंट क्रिएटर्स अक्सर अपनी सीमाएं लांघ जाते हैं। वायरल हो रहे इस नए वीडियो में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शादाब जकाती द्वारा बनाए गए इस वीडियो में उनके साथ दो अन्य लोग भी नजर आ रहे हैं। वीडियो की स्क्रिप्ट पूरी तरह से दिव्यांगों को मिलने वाली सरकारी आर्थिक सहायता का मजाक उड़ाने पर केंद्रित है।
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वीडियो की शुरुआत में शादाब जकाती कैमरे के सामने यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि "मेरी एक टांग तोड़ दे, क्योंकि टांग तुड़वाने पर सरकार दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे रही है।" वह आगे कहते हैं कि "जिसकी टांगें टूटी हों, उसे सरकार पैसे दे रही है।" इस तरह की भ्रामक और अपमानजनक बातें कहते हुए शादाब जकाती अपनी टांगें तुड़वाने के लिए उकसाता हुआ दिख रहा है।
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वीडियो का सबसे शर्मनाक हिस्सा तब आता है जब वहां खड़ा एक दूसरा आदमी अचानक से अपनी दोनों टांगें तुड़वा लेता है और दिव्यांग होने का नाटक करता है। वह व्यक्ति कहता है कि "मेरी तो दोनों टांगें टूटी हैं, मुझे 4 लाख रुपये मिल जाएंगे।" इस पर शादाब जकाती जवाब देता है कि "दो टांगें तोड़ने पर नहीं, केवल एक ही टांग टूटी होने पर सरकार पैसा दे रही है।" यह पूरा घटनाक्रम न केवल दिव्यांगजनों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाता है, बल्कि सरकारी योजनाओं को लेकर समाज में गलत संदेश भी फैलाता है।
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दिव्यांग समाज में भारी नाराजगी और सोशल मीडिया पर कड़ा विरोध

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इस भद्दे और असंवेदनशील वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के तुरंत बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। खासतौर से दिव्यांग संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में इसको लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि दिव्यांगता कोई मजाक का विषय नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर जीवन संघर्ष है। चंद व्यूज के लिए किसी की शारीरिक अक्षमता और सरकार द्वारा उन्हें दी जाने वाली सहायता का इस तरह मजाक बनाना बेहद निंदनीय कृत्य है।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे एक्स (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी शादाब जकाती विवादित वीडियो के खिलाफ लोग जमकर निगेटिव कमेंट्स कर रहे हैं। यूजर्स स्थानीय पुलिस और प्रशासन को टैग करते हुए शादाब जकाती के खिलाफ 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम' (Rights of Persons with Disabilities Act) के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का तर्क है कि ऐसे इन्फ्लुएंसर्स समाज में गलत मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं और इन पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है। 
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जकाती ज्वैलर्स पर प्रशासन की सील और एफआईआर का इतिहास

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यह पहली बार नहीं है जब शादाब जकाती विवादों में आए हों। इस नए वीडियो विवाद से महज 10 दिन पहले ही उनके व्यावसायिक प्रतिष्ठान को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की थी। शादाब जकाती ने हाल ही में 'जकाती ज्वैलर्स' (Jakati Jewellers) के नाम से एक आलीशान ज्वेलरी शोरूम खोला था। लेकिन यह शोरूम शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद विवादों में घिर गया।
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प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, लगभग 10 दिन पहले आवास विकास (Awas Vikas) विभाग की टीम ने 'जकाती ज्वैलर्स' शोरूम पर सील लगा दी थी। आरोप है कि यह पूरा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स (जेड स्क्वायर मॉल) बिना तय मानकों के ही संचालित किया जा रहा था। सबसे बड़ी खामी यह थी कि आवास विकास विभाग से जरूरी 'कंप्लीशन सर्टिफिकेट' (Completion Certificate) मिलने से पहले ही इस जेड स्क्वायर मॉल को चालू कर दिया गया था, जिसमें शादाब का यह शोरूम भी शामिल था। नियमों की इस खुली अनदेखी के चलते प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे कॉम्प्लेक्स पर सील लगाने की कार्रवाई की।
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बिना अनुमति रोडशो और क्रिकेटर रिंकू सिंह की बहन की मौजूदगी

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जकाती ज्वैलर्स का विवाद केवल निर्माण मानकों तक ही सीमित नहीं था। इस ज्वेलरी शोरूम की ओपनिंग सेरेमनी (उद्घाटन समारोह) भी विवादों का अखाड़ा बन गई थी। आरोप है कि शोरूम के उद्घाटन के मौके पर शादाब जकाती ने बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के एक बड़ा रोडशो आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और युवाओं की भीड़ जुटाई गई थी, जिससे इलाके में भारी ट्रैफिक जाम और अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई थी।
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इस ओपनिंग सेरेमनी की एक खास बात यह भी रही कि इसमें भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे रिंकू सिंह (Rinku Singh) की बहन नेहा भी मुख्य अतिथि या सेलेब्रिटी के तौर पर पहुंची थीं, जिसके चलते इस कार्यक्रम ने काफी मीडिया अटेंशन खींचा था। बिना परमिशन रोडशो करने, भीड़ इकट्ठा करने और यातायात बाधित करने के गंभीर आरोपों में स्थानीय पुलिस ने भी सख्त रुख अपनाया था। इस मामले में शोरूम की ओपनिंग पर शादाब जकाती और आयोजनकर्ताओं के खिलाफ नौचंदी थाने (Nauchandi Police Station) में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया था।
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कंटेंट क्रिएटर्स की जिम्मेदारी और कानूनी परिणाम

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मौजूदा समय में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स युवा पीढ़ी पर गहरा प्रभाव डालते हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे ऐसा कोई भी कंटेंट न बनाएं जो समाज के किसी भी वर्ग का अपमान करता हो या कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनता हो। शादाब जकाती विवादित वीडियो का यह पूरा मामला यह साबित करता है कि जब कंटेंट क्रिएटर्स सामाजिक जिम्मेदारी को भूलकर केवल फॉलोअर्स और व्यूज के पीछे भागते हैं, तो वे न केवल समाज का नुकसान करते हैं बल्कि खुद को भी कानूनी मुश्किलों में धकेल लेते हैं। प्रशासन और पुलिस को भी ऐसे मामलों में त्वरित संज्ञान लेना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति दिव्यांगों या किसी अन्य संवेदनशील वर्ग का इस तरह सार्वजनिक मजाक बनाने की हिम्मत न कर सके। 
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कुल मिलाकर, शादाब जकाती का यह नया मामला उनके लिए कई मोर्चों पर मुश्किलें खड़ी करने वाला है। एक तरफ जहां उनके व्यापारिक प्रतिष्ठान 'जकाती ज्वैलर्स' पर आवास विकास की सील और नौचंदी थाने में दर्ज एफआईआर से उनकी मुश्किलें कम नहीं हुई थीं, वहीं अब यह शादाब जकाती विवादित वीडियो उनके खिलाफ जन आक्रोश का बड़ा कारण बन गया है। दिव्यांगों की भावनाओं को आहत करने और सरकारी सहायता का मजाक उड़ाने के इस कृत्य पर पुलिस प्रशासन क्या कानूनी कार्रवाई करता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। समाज में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी के सम्मान को ठेस पहुंचाने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती, और यह घटना सभी सोशल मीडिया यूजर्स के लिए एक बड़ा सबक होनी चाहिए।
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सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती का एक नया विवादित वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने दिव्यांगों को मिलने वाली सरकारी आर्थिक सहायता का भद्दा मजाक उड़ाया है। वीडियो में वह टांग तुड़वाने पर 2 लाख रुपये मिलने की बात कहकर दिव्यांगता का मखौल उड़ा रहे हैं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में उनके बिना मानकों के चल रहे शोरूम 'जकाती ज्वैलर्स' पर आवास विकास ने सील लगा दी थी। इसके अलावा, शोरूम की ओपनिंग पर बिना अनुमति रोडशो करने (जिसमें क्रिकेटर रिंकू सिंह की बहन भी शामिल हुई थीं) के आरोप में उनके खिलाफ नौचंदी थाने में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। यह नया वीडियो उनके लिए एक बड़ी कानूनी और सामाजिक परेशानी बन सकता है।
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