मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे सनसनीखेज हत्याकांडों में से एक 'सौरभ राजपूत मर्डर केस' अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। ब्रह्मपुरी इलाके में हुए इस नृशंस हत्याकांड ने न केवल मेरठ बल्कि पूरे प्रदेश को दहला दिया था। लंदन में नौकरी करने वाले सौरभ राजपूत की हत्या कर उसके शव को नीले ड्रम में सीमेंट और बालू के साथ दबाने के मामले में अब इंसाफ की घड़ी करीब आ गई है।READ  ALSO:-मेरठ सेंट्रल मार्केट में हाहाकार: महिलाओं ने थामे 'पलायन' के पोस्टर, कहा- "आशियाना टूटा तो खा लेंगे जहर"; सड़क पर मरीजों का इलाज करने को मजबूर डॉक्टर
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अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान सभी 22 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि एक भी गवाह अपनी बात से नहीं पलटा और सभी ने एक सुर में सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके कथित प्रेमी साहिल को ही इस जघन्य हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया है। अब आगामी 15 अप्रैल 2026 को मुस्कान और साहिल को जज के सामने पेश किया जाएगा, जहां केस में सजा के एलान की दिशा में बड़ी कार्यवाही होने की उम्मीद है।
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सुनियोजित साजिश: चाकू, उस्तरा और नीले ड्रम का 'खूनी कनेक्शन'

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गवाहों के बयानों और पुलिस की चार्जशीट ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि सौरभ की हत्या कोई आवेश में आकर किया गया कृत्य नहीं था, बल्कि यह एक ठंडे दिमाग से रची गई सुनियोजित साजिश (Pre-planned Murder) थी।
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 Meerut Murder: 'Dad is in the drum'.. The girl told the neighbors about  her father's murder.. - NTV Telugu

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जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले ही सारा इंतजाम कर लिया था:

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    हथियारों की खरीद: हत्या के लिए विशेष रूप से चाकू और उस्तरा खरीदा गया।
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    शव को ठिकाने लगाने की तैयारी: शव को छिपाने के लिए एक बड़ा नीला ड्रम, सीमेंट और बालू पहले ही घर में मंगा लिए गए थे।
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    क्रूरता की हदें: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक टीम की गवाही के अनुसार, पूरे कमरे में खून के निशान थे। शव को न केवल बेरहमी से काटा गया, बल्कि उसे ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट भर दिया गया था ताकि गंध बाहर न आए और सबूत पूरी तरह मिट जाएं।
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गवाहों की जुबानी: उस काली रात और धोखे की दास्तान

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अदालत में पेश हुए गवाहों ने परत-दर-परत इस हत्याकांड की खौफनाक सच्चाई बयां की है।
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1. भाई राहुल उर्फ बबलू की गवाही: "लव मैरिज का ऐसा अंत होगा, सोचा न था"

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सौरभ के भाई राहुल ने अदालत में आठ बार पेश होकर अपनी गवाही दी। उन्होंने बताया कि सौरभ लंदन में एक प्रतिष्ठित नौकरी करता था। वह अपनी पत्नी मुस्कान और बेटी पीहू का जन्मदिन मनाने के लिए बड़ी उम्मीदों के साथ मेरठ आया था।
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"हमें चिंता तब हुई जब सौरभ से कई दिनों तक संपर्क नहीं हो पाया। 17 मार्च को जब मैं ब्रह्मपुरी स्थित घर पहुंचा, तो वहां की स्थिति देखकर रूह कांप गई। मेरे छोटे भाई की लाश एक नीले ड्रम में पड़ी थी। उसे मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने मिलकर मारा था।"
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2. तहरीर लिखने वाले गवाह की गवाही:

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केस की मुख्य तहरीर लिखने वाले गवाह ने कोर्ट को बताया कि ब्रह्मपुरी के उस मकान में जो मंजर था, वह किसी डरावनी फिल्म जैसा था। तहरीर में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि मुस्कान ने अपने अवैध संबंधों के रास्ते से पति को हटाने के लिए साहिल के साथ मिलकर यह पूरी साजिश रची।
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मुख्य आरोपी: मुस्कान और साहिल की मुश्किलें बढ़ीं

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मुस्कान और साहिल के खिलाफ सरकारी वकील ने मजबूत दलीलें पेश की हैं। बचाव पक्ष की वकील रेखा जैन ने गवाहों से कई सवाल पूछे, लेकिन गवाह अपने बयानों पर अडिग रहे। फोरेंसिक रिपोर्ट ने घटनास्थल पर मिले खून और ड्रम के अंदर मौजूद साक्ष्यों को सीधे तौर पर आरोपियों से जोड़ा है।
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केस के मुख्य तथ्य:

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विवरण
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जानकारी
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मृतक
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सौरभ राजपूत (लंदन में कार्यरत NRI)
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मुख्य आरोपी
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मुस्कान (पत्नी) और साहिल (प्रेमी)
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वारदात का स्थान
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ब्रह्मपुरी, मेरठ
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हत्या का तरीका
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धारदार हथियारों से वार, शव को काटकर ड्रम में सीमेंट से दबाया
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अगली सुनवाई
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15 अप्रैल 2026
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इंसाफ की उम्मीद: क्या 15 अप्रैल को होगा सजा का एलान?

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कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से सभी 22 गवाहों ने आरोपियों के खिलाफ गवाही दी है और फोरेंसिक साक्ष्य (Forensic Evidence) मेल खा रहे हैं, उससे मुस्कान और साहिल का बचना नामुमकिन लग रहा है। 15 अप्रैल की तारीख मेरठ के इस हाई-प्रोफाइल केस के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
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सौरभ का परिवार पिछले कई महीनों से इंसाफ की गुहार लगा रहा है। सौरभ की बेटी, जिसका जन्मदिन मनाने वह सात समंदर पार से आया था, आज अपने पिता के बिना है। समाज में इस केस को लेकर भारी आक्रोश है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि अदालत इस क्रूरता के लिए आरोपियों को सख्त से सख्त सजा (शायद उम्रकैद या फांसी) सुनाएगी, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।
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अगले सप्ताह जब मुस्कान और साहिल जज के सामने खड़े होंगे, तो उन पर सौरभ की हत्या, सबूत मिटाने और साजिश रचने जैसी संगीन धाराओं के तहत अंतिम फैसले की प्रक्रिया शुरू होगी। मेरठ की जनता की नजरें अब अदालत के कमरे पर टिकी हैं।
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