मेरठ: भागदौड़ भरी जिंदगी, कंक्रीट के घने जंगल और बढ़ते प्रदूषण के बीच, हर शहरी इंसान सुकून के कुछ पल प्रकृति की गोद में बिताना चाहता है। उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) शहर के लोगों के लिए अब यह सपना बहुत जल्द हकीकत में बदलने वाला है। शहर के बीचों-बीच लोगों को जल्द ही हरियाली, ताजी हवा और सुकून का एक नया और आधुनिक ठिकाना मिलने जा रहा है।READ ALSO:-मेरठ में बाल विवाह कराया तो खैर नहीं! अक्षय तृतीया से पहले प्रशासन का सख्त आदेश, बैंक्वेट हॉल मालिक से लेकर पंडित-मौलवी तक जाएंगे जेल
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दिल्ली रोड पर शताब्दीनगर मेट्रो स्टेशन के ठीक पास स्थित ऐतिहासिक 'संजय वन' (Sanjay Van) का वन विभाग (Forest Department) द्वारा वृहद स्तर पर कायाकल्प किया जा रहा है। आने वाले कुछ ही महीनों में यह 38 एकड़ का विशाल वन क्षेत्र एक शानदार टूरिस्ट डेस्टिनेशन और ईको-पार्क (Eco-Park) के रूप में जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। यहां परिवार, बच्चे और युवा आकर न केवल प्रकृति के बीच अपना क्वालिटी टाइम बिता सकेंगे, बल्कि पिकनिक और छोटे आयोजनों का भी लुत्फ उठा सकेंगे।
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प्रोजेक्ट की रूपरेखा: मेडा ने जारी किए 8 करोड़ रुपये
\r\n\r\nमेरठ शहर तेजी से महानगर का रूप ले रहा है। ऐसे में शहरवासियों को एक अच्छे और बड़े पार्क की लंबे समय से तलाश थी। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए शासन के आदेश पर मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा - MEDA) ने संजय वन को विकसित करने का बीड़ा उठाया।
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दिल्ली रोड पर स्थित 38 एकड़ में फैले इस विशाल वन क्षेत्र को एक अत्याधुनिक और सुरक्षित पार्क में तब्दील करने के लिए मेडा की ओर से 8 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट जारी किया गया था। इस भारी धनराशि की मदद से वन विभाग ने यहां विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया है। योजना का मुख्य उद्देश्य इस वन क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को बरकरार रखते हुए इसमें पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं (World-class amenities) जोड़ना है, ताकि यह दिल्ली के 'लोधी गार्डन' या 'संजय वन' की तर्ज पर विकसित हो सके।
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45 प्रतिशत काम पूरा: क्या-क्या सुविधाएं हो चुकी हैं तैयार?
\r\n\r\nसंजय वन के कायाकल्प का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रभागीय निदेशक वानिकी (DFO) वंदना फोगाट ने इस प्रोजेक्ट की प्रगति पर विस्तार से जानकारी दी है। उनके अनुसार, संजय वन में विकास का लगभग 45 प्रतिशत काम पहले ही पूरा किया जा चुका है।
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वर्तमान में जो सुविधाएं बनकर तैयार हो चुकी हैं, उनमें शामिल हैं:
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- \r\n वाकिंग ट्रैक (Walking Track): सुबह और शाम की सैर करने वालों के लिए एक लंबा और शानदार वाकिंग ट्रैक तैयार किया गया है, जहां लोग शुद्ध ऑक्सीजन के बीच टहल सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n प्राकृतिक पगडंडी (Nature Trail): जो लोग घने पेड़ों के बीच कच्ची मिट्टी पर चलना पसंद करते हैं, उनके लिए विशेष प्राकृतिक पगडंडियां बनाई गई हैं।\r\n \r\n
- \r\n सड़कें और बुनियादी ढांचा: वन क्षेत्र के अंदर आवागमन को सुगम बनाने के लिए पक्की सड़कें और रास्ते तैयार कर लिए गए हैं।\r\n \r\n
- \r\n आधुनिक कैंटीन: पर्यटकों के खान-पान की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बेहतरीन कैंटीन का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है, जहां लोग स्नैक्स और चाय-कॉफी का आनंद ले सकेंगे।\r\n \r\n
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आने वाले समय के मुख्य आकर्षण (Upcoming Attractions)
\r\n\r\nसंजय वन को केवल एक पार्क नहीं, बल्कि एक संपूर्ण 'अनुभव' (Experience) बनाने के लिए कई अन्य रोमांचक चीजों पर काम चल रहा है।
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- \r\n वन्य जीव संग्रहालय (Wildlife Museum): यह संजय वन का सबसे बड़ा आकर्षण होगा। बच्चों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक विशेष संग्रहालय बनाया जा रहा है। इसमें गोरैया (Sparrow), कबूतर, तोते और कई अन्य प्रजातियों के खूबसूरत पक्षियों को रखा जाएगा। हालांकि, वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, इन पक्षियों को जाली लगाकर एक सुरक्षित बाड़े में रखा जाएगा, ताकि दर्शक दूर से ही उन्हें उनके प्राकृतिक माहौल में देख सकें।\r\n \r\n
- \r\n बोटिंग का रोमांच (Boating Pond): यहां एक बड़ा तालाब खोदा जा रहा है जिसे एक खूबसूरत झील का रूप दिया जाएगा। इसमें पर्यटक अपने परिवार के साथ बोटिंग (नौका विहार) का आनंद ले सकेंगे।\r\n \r\n
- \r\n बंद पड़े झरने का पुनरुद्धार: पार्क के आकर्षण को बढ़ाने के लिए सालों से बंद पड़े एक पुराने प्राकृतिक झरने (Waterfall) को फिर से जीवित किया जा रहा है। पानी की कलकल आवाज इस वन की शांति में चार चांद लगा देगी।\r\n \r\n
- \r\n विश्राम और आगंतुक कक्ष: पर्यटकों के आराम के लिए बैठने की उत्तम व्यवस्था, बच्चों के लिए झूलों से सुसज्जित दो बड़े पार्क, और एक शानदार आगंतुक कक्ष (Visitor Room) का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।\r\n \r\n
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रैपिड रेल (RRTS) और मेट्रो से बेहतरीन कनेक्टिविटी
\r\n\r\nसंजय वन की सबसे बड़ी खासियत इसकी शानदार लोकेशन (Location) है। यह दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और मेरठ की लोकल मेट्रो लाइन के शताब्दीनगर स्टेशन (Shatabdinagar Metro Station) के बिल्कुल कदमताल पर स्थित है।
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इस बेहतरीन कनेक्टिविटी का फायदा यह होगा कि केवल मेरठ शहर के लोग ही नहीं, बल्कि दिल्ली, गाजियाबाद, मुरादनगर और मोदीनगर के लोग भी रैपिड रेल के जरिए मात्र 30 से 40 मिनट का सफर तय करके यहां वीकेंड पिकनिक मनाने आ सकेंगे। मेट्रो स्टेशन के पास होने से पर्यटकों को यहां पहुंचने में न तो जाम का सामना करना पड़ेगा और न ही पार्किंग की ज्यादा टेंशन होगी।
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आसपास की दर्जनों कॉलोनियों के लिए बनेगा 'वरदान'
\r\n\r\nसंजय वन के एक आधुनिक ईको-पार्क के रूप में विकसित होने से सबसे ज्यादा फायदा इसके आसपास रहने वाली एक बड़ी आबादी को होगा। संजय वन के चारों तरफ शताब्दीनगर, रिठानी, मोहकमपुर, न्यू शंभूनगर, राजकमल एन्क्लेव, सरस्वती लोक जैसी घनी बस्तियां हैं। इसके अलावा सुपरटेक ग्रीन विलेज, सुपरटेक पामग्रीन, अराध्या हाइट्स, अल्पाइन हाइट्स, और पर्ल रेजीडेंसी जैसी कई गगनचुंबी बहुमंजिला इमारतें (High-rise Societies) भी इसी इलाके में स्थित हैं।
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इन कॉलोनियों और सोसाइटियों में रहने वाले हजारों परिवारों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह एक वरदान साबित होगा। फ्लैट्स की बंद जिंदगी से निकलकर लोग सुबह की ताजी हवा खाने, योग करने और शाम को अपने बच्चों को घुमाने के लिए आसानी से यहां पैदल या साइकिल से आ सकेंगे। इससे न केवल इस पूरे इलाके का लाइफस्टाइल (Lifestyle) सुधरेगा, बल्कि रियल एस्टेट के नजरिए से आसपास की प्रॉपर्टी की वैल्यू में भी इजाफा होगा।
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मेरठ विकास प्राधिकरण और वन विभाग का यह संयुक्त प्रयास मेरठ के पर्यावरण और पर्यटन, दोनों के लिए एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। 38 एकड़ का यह हरा-भरा 'संजय वन' जल्द ही कंक्रीट के इस शहर के लिए एक बड़े 'ऑक्सीजन हब' (Oxygen Hub) के रूप में काम करेगा। जैसे ही बाकी का 55 प्रतिशत काम पूरा होगा और इसे आम जनता के लिए खोला जाएगा, यह निश्चित रूप से मेरठवासियों का सबसे पसंदीदा हैंगआउट और पिकनिक स्पॉट बन जाएगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.