मेरठ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से पहचान छिपाकर लड़कियों से दोस्ती करने और उन्हें गुमराह करने का एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। मेरठ के सबसे पॉश और व्यस्त व्यावसायिक इलाके 'आबूलेन' (Abu Lane) में स्थित एक हुक्का बार में बुधवार दोपहर उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने वहां एक मुस्लिम युवक को एक हिंदू युवती के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि युवक अपनी असली धार्मिक पहचान छिपाकर, एक हिंदू नाम का इस्तेमाल करके छात्रा के साथ मेलजोल बढ़ा रहा था। इस घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा और पुलिस को स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।READ ALSO:-मेरठ न्यूज़: शास्त्री नगर में महिलाओं के धरने पर सियासत, टेंट हटने के बाद फिर लगा नया शामियाना, हनुमान चालीसा से गूंजा सेक्टर 4
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कैसे शुरू हुआ आबूलेन के हुक्का बार में हंगामा? जानकारी के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल (Bajrang Dal) के स्थानीय कार्यकर्ताओं को गुप्त सूचना मिली थी कि आबूलेन बाजार में संचालित हो रहे एक कैफे/हुक्का बार में एक मुस्लिम युवक किसी हिंदू लड़की को लेकर आया है और उसे गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
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इस भनक के लगते ही विश्व हिंदू परिषद के नेता पवन कश्यप और नमन अग्रवाल, तथा बजरंग दल के उज्जवल तायल और यश प्रजापति सहित कई अन्य कार्यकर्ता भारी संख्या में हुक्का बार पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने बिना कोई समय गंवाए बार के अंदर जाकर युवक और युवती को घेर लिया। अचानक हुई इस घेराबंदी से हुक्का बार में मौजूद अन्य ग्राहकों और बार संचालकों में भी हड़कंप मच गया।
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'अभिषेक' से 'शोएब' तक: पहचान खुलने पर भड़के कार्यकर्ता हंगामे का मुख्य कारण युवक की संदिग्ध पहचान रही। जब हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने युवक को घेरा और उससे पूछताछ शुरू की, तो शुरुआत में उसने अपना नाम 'अभिषेक' (Abhishek) बताया। युवक का दावा था कि वह उसी समुदाय से ताल्लुक रखता है जिससे युवती है।
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लेकिन कार्यकर्ताओं को पहले से ही पक्की सूचना मिली हुई थी। उन्होंने जब कड़ाई से पूछताछ की और उसके पहचान पत्रों (ID Proofs) की जांच करने की मांग की, तो युवक घबरा गया। थोड़ी ही देर की सख्ती के बाद युवक टूट गया और उसने कबूल किया कि उसका असली नाम 'शोएब' (Shoaib/Sueb) है। जैसे ही यह बात सामने आई कि युवक ने जानबूझकर अपनी पहचान छिपाई थी और एक हिंदू नाम 'अभिषेक' का इस्तेमाल कर रहा था, कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने हुक्का बार के अंदर ही युवक के साथ मारपीट और हाथापाई शुरू कर दी।
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पुलिस की एंट्री और कार्यकर्ताओं के साथ तीखी नोकझोंक जैसे ही आबूलेन इलाके में इस भारी बवाल की खबर फैली, स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। घटना की सूचना मिलते ही आबूलेन चौकी प्रभारी (Chowki Incharge) विनय कुमार अपनी पूरी पुलिस टीम और फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।
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पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उग्र हो चुकी भीड़ और आक्रोशित कार्यकर्ताओं के चंगुल से युवक को सुरक्षित बाहर निकालने की थी। जब पुलिसकर्मियों ने शोएब को भीड़ से बचाकर अपनी कस्टडी में लेने का प्रयास किया, तो वहां मौजूद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस और नोकझोंक शुरू हो गई। कार्यकर्ता आरोपी के खिलाफ वहीं सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए थे। काफी देर तक चली इस गहमागहमी और मशक्कत के बाद, पुलिस आखिरकार युवक और युवती दोनों को सुरक्षित अपनी हिरासत में लेकर थाने ले जाने में सफल रही।
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पिता की तहरीर पर एक्शन, पुलिस की जांच शुरू थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने दोनों (युवक और युवती) से अलग-अलग पूछताछ की। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, युवती मेरठ के ही मेडिकल थाना क्षेत्र (Medical Police Station Area) की निवासी है और वह एक स्थानीय कॉलेज में बीए (BA) फाइनल ईयर की छात्रा बताई जा रही है।
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इस पूरी घटना की जानकारी तुरंत युवती के परिजनों को दी गई। बदहवास हालत में युवती के पिता और अन्य परिजन थाने पहुंचे। मामले की गंभीरता और पहचान छिपाने के अपराध को देखते हुए, युवती के पिता ने आरोपी युवक शोएब के खिलाफ पुलिस को लिखित तहरीर (Complaint) सौंप दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा (FIR) दर्ज कर लिया गया है और आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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दीपा राणा के गंभीर आरोप: 'लंबे समय से कर रहा था पीछा' इस पूरे प्रकरण में हिंदू संगठन की वरिष्ठ कार्यकर्ता दीपा राणा ने मीडिया के सामने आकर कई चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। दीपा राणा का कहना है कि यह कोई साधारण दोस्ती का मामला नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी शोएब काफी लंबे समय से बीए की इस छात्रा का पीछा कर रहा था (Stalking)। वह जानबूझकर अपना असली नाम छिपाकर और 'अभिषेक' बनकर उसके साथ दोस्ती बढ़ाने की कोशिश कर रहा था ताकि युवती को अपने जाल में फंसा सके। दीपा राणा ने जोर देकर कहा कि जब हुक्का बार में हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा उसका नाम पूछा गया, तब भी वह बहुत आत्मविश्वास के साथ खुद को अभिषेक ही बता रहा था। यदि कार्यकर्ता कड़ाई से पेश नहीं आते, तो उसकी असली पहचान सामने ही नहीं आती।
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हुक्का बारों की भूमिका पर उठते सवाल इस घटना ने मेरठ शहर में धड़ल्ले से चल रहे कैफे और हुक्का बारों की भूमिका पर भी एक बार फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शहर के कई पॉश इलाकों में मौजूद ऐसे कैफे असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुके हैं। बिना किसी उचित आईडी प्रूफ (ID Verification) के युवाओं को यहां एंट्री दे दी जाती है, जिससे इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन से मांग की जा रही है कि ऐसे प्रतिष्ठानों पर नियमित चेकिंग अभियान चलाया जाए।
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फिलहाल पुलिस ने आरोपी शोएब को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या युवक का किसी आपराधिक गिरोह से कोई संबंध तो नहीं है या उसने पहचान बदलकर पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है। इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद आबूलेन इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर मामले में निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.