मेरठ (क्राइम डेस्क): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक ऐसी सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर आम जनता तक को झकझोर कर रख दिया है। यह कहानी सिर्फ एक कत्ल की नहीं है, बल्कि एक ऐसे खौफनाक रहस्य की है, जिसमें पुलिस दावा कुछ और कर रही है और एक बेबस मां का दिल कुछ और ही गवाही दे रहा है। मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के शोभापुर इलाके में 17 वर्षीय नेशनल कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की गुमशुदगी के 45 दिन बाद एक नाले से जो सड़ा-गला कंकाल बरामद हुआ है, उसने इस पूरी मर्डर मिस्ट्री (Meerut Murder Mystery) को एक नए और उलझे हुए मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि यह लाश अनुष्का की है, लेकिन सोमवार को पोस्टमॉर्टम हाउस में लाश को देखकर मां ललिता पाल ने जो कहा, उसने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।READ ALSO:-बिजनौर में सीएम योगी का ऐतिहासिक फैसला: 1947 से तरस रहे पाकिस्तान से आए विस्थापितों को सौंपा जमीन का हक; मंच से 'गौहत्या' और 'पाकिस्तान' पर भरी हुंकार
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मां का इनकार: 'वह कभी जींस नहीं पहनती थी, उसके बाल बॉयकट थे' सोमवार की सुबह जब अनुष्का का परिवार भारी मन से पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचा, तो वहां रखा कंकाल देखकर मां ललिता पाल फूट-फूट कर रो पड़ीं। लेकिन उनके आंसुओं के बीच एक दृढ़ दावा भी था। उन्होंने पुलिस के सामने साफ शब्दों में कहा, "यह मेरी बेटी की लाश नहीं है।" मां के इस दावे के पीछे बेहद ठोस कारण हैं। मां के अनुसार, "मेरी बेटी एक नेशनल खिलाड़ी थी। वह हमेशा ट्रैक सूट या शॉर्ट्स पहनती थी, उसने कभी जींस नहीं पहनी। लेकिन जो लाश पुलिस ने नाले से निकाली है, उसने नीले रंग की जींस पहन रखी है। दूसरी सबसे बड़ी बात, अनुष्का के बाल छोटे (बॉयकट) थे, जबकि इस लाश के सिर पर लंबे बाल हैं।"
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बात सिर्फ कपड़ों और बालों तक ही सीमित नहीं है। मां ने बताया कि अनुष्का की आंख के पास चोट का एक पुराना निशान था, जो उसकी एक अहम पहचान थी। लेकिन 45 दिनों तक नाले के कीचड़ में पड़े रहने के कारण शव लगभग 50% से अधिक गल चुका है और कंकाल में तब्दील हो गया है, जिससे वह निशान भी ढूंढा नहीं जा सका। परिवार का सीधा सवाल है कि अगर अनुष्का ने कभी जींस पहनी ही नहीं और उसके बाल छोटे थे, तो यह लंबे बालों और नीले जींस वाली लाश आखिर किसकी है? क्या अनुष्का कहीं और है? या फिर हत्यारे ने कोई और ही खौफनाक साजिश रची है?
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महज 3600 रुपए और एक नेशनल खिलाड़ी का कत्ल पुलिस की अब तक की थ्योरी के मुताबिक, इस पूरी खौफनाक वारदात की जड़ महज 3600 रुपए का एक छोटा सा उधार था। मेरठ पुलिस के खुलासे के अनुसार, कंकरखेड़ा इलाके के शोभापुर में अनुष्का के कमरे के पास ही देहरादून का रहने वाला श्याम धानक फास्टफूड की दुकान चलाता था। अनुष्का अक्सर वहां खाने-पीने जाती थी, जिसके चलते उस पर श्याम के 3600 रुपए उधार हो गए थे। श्याम लगातार इन पैसों का तकाजा कर रहा था।
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15 अप्रैल की खौफनाक रात को करीब 11 बजे श्याम ने अनुष्का को पैसे लौटाने के बहाने शोभापुर पुलिस चौकी के पास बुलाया। अनुष्का ने कुछ दिनों की और मोहलत मांगी, लेकिन श्याम जिद पर अड़ा रहा। दोनों के बीच तीखी बहस हुई और देखते ही देखते यह बहस एक जानलेवा हमले में बदल गई। बौखलाए श्याम ने वहीं पड़ी एक भारी ईंट उठाई और अनुष्का के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। सिर कुचले जाने के कारण अनुष्का की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
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पुलिस चौकी से महज चंद कदमों की दूरी पर वारदात इस मामले (Anushka Pal Murder Case) में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात पुलिस की कार्यप्रणाली और मुस्तैदी पर उठते सवाल हैं। हत्या शोभापुर पुलिस चौकी से मात्र 200 मीटर की दूरी पर हुई। हत्या के बाद आरोपी श्याम ने शव को एक बोरे में भरा और उसे घसीटकर चौकी से महज 50 से 150 मीटर पीछे स्थित एक नाले में फेंक दिया। शव कीचड़ में धंस गया और बोरा ऊपर नहीं आ सका। 45 दिनों तक पुलिस चौकी के ठीक नाक के नीचे एक नेशनल खिलाड़ी की लाश कंकाल बनती रही और मेरठ पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
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15 अप्रैल को गायब होने के बाद जब अनुष्का का फोन बंद जाने लगा, तो उसके भाई अनमोल ने परिजनों को सूचना दी। परिवार ने हर जगह तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अंततः 28 अप्रैल को कंकरखेड़ा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद जब पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से जांच शुरू की, तो आरोपी श्याम की लोकेशन चंडीगढ़ मिली। शनिवार को पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तब जाकर उसने इस खौफनाक हत्याकांड का जुर्म कबूला।
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होनहार खिलाड़ी थी अनुष्का, गांव में था जश्न का माहौल अनुष्का पाल कोई साधारण लड़की नहीं थी। दौराला थाना क्षेत्र के चिरौड़ी गांव के रहने वाले नेमपाल की यह बेटी एक उभरती हुई खेल प्रतिभा थी। गांव में कबड्डी की प्रैक्टिस के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं थीं, इसलिए वह अपने सपनों को उड़ान देने के लिए पिछले दो साल से अपने 15 वर्षीय भाई अनमोल के साथ कंकरखेड़ा के शोभापुर में किराए का कमरा लेकर रह रही थी। वह 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ दिन-रात ग्राउंड में पसीना बहा रही थी।
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पिता नेमपाल भरे गले से बताते हैं कि अनुष्का हाल ही में गाजियाबाद में एक बड़ी कबड्डी प्रतियोगिता खेलने गई थी, जहां उसने शानदार प्रदर्शन करते हुए 60 हजार रुपए का इनाम भी जीता था। हालांकि, उसने वह पूरी रकम अपनी एक सहेली को दे दी थी क्योंकि उसकी मां की तबीयत बहुत खराब थी। जब भी वह कोई मेडल जीतकर चिरौड़ी गांव लौटती थी, तो पूरा गांव झूम उठता था। सबको उम्मीद थी कि यह बेटी एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का तिरंगा लहराएगी। लेकिन एक दरिंदे ने महज 3600 रुपए के लिए देश की इस होनहार बेटी की जान ले ली।
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आरोपी का है पुराना आपराधिक इतिहास, 2024 में ही आया था जमानत पर पुलिस की गहन जांच में आरोपी श्याम धानक को लेकर एक और चौंकाने वाला सच सामने आया है। श्याम कोई मामूली फास्टफूड विक्रेता नहीं है, बल्कि एक शातिर अपराधी है। उस पर पहले भी एक महिला की निर्मम हत्या का आरोप लग चुका है। वह पिछले कई महीनों से जेल में था और इसी साल (2024) जमानत पर बाहर आया था। जमानत पर छूटने के बाद ही उसने रोहटा रोड पर यह फास्टफूड की दुकान खोली थी। एक हत्या के आरोपी का यूं सरेआम जमानत पर बाहर घूमना और फिर एक और बेटी को मौत के घाट उतार देना, न्याय व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
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आगे क्या? अब DNA टेस्ट खोलेगा हर राज सोमवार को पोस्टमॉर्टम हाउस पर शव की पहचान को लेकर हुए भारी हंगामे के बाद, चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर ग्रामीण और परिजन एसएसपी ऑफिस पहुंच गए। करीब एक घंटे तक पुलिस प्रशासन और परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक और बातचीत का दौर चला। परिवार डेडबॉडी लेने को तैयार नहीं था। उनका सीधा कहना था कि जब तक यह साबित नहीं हो जाता कि यह अनुष्का ही है, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेरठ एसएसपी ने परिजनों को शांत कराया और उन्हें ठोस आश्वासन दिया। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस अब इस मामले में कोई कोताही नहीं बरतेगी। शव का डीएनए (DNA) सैंपल ले लिया गया है और उसे माता-पिता के डीएनए से मैच कराया जाएगा।
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पूरे मेरठ शहर और खेल जगत की निगाहें अब इस DNA रिपोर्ट पर टिकी हैं। अगर रिपोर्ट में यह साबित होता है कि यह लाश अनुष्का की है, तो पुलिस के लिए यह एक बड़ी सफलता होगी। लेकिन, अगर डीएनए मैच नहीं हुआ, तो यह मामला पुलिस के लिए एक ऐसी पहेली बन जाएगा, जिसका जवाब देना प्रशासन के लिए बेहद मुश्किल होगा। क्या अनुष्का जिंदा है? क्या नाले में मिली जींस और लंबे बालों वाली लाश किसी और लड़की की है, जिसका कत्ल भी इसी दरिंदे ने किया है? इन तमाम अनसुलझे सवालों के जवाब अब केवल फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट ही दे सकेगी। तब तक, एक परिवार अपनी बेटी के लौटने या उसके असली कातिल के सामने आने की उम्मीद में न्याय की आस लगाए बैठा है।
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