खबरीलाल डेस्क | विशेष क्राइम रिपोर्ट
\r\n\r\nमेरठ/मवाना: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) नीति और पुलिस के सख्त पहरे के बावजूद, पश्चिमी यूपी में खनन माफियाओं का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मेरठ जनपद के फलावदा थाना क्षेत्र से एक ऐसी दुस्साहसिक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।READ ALSO:-गेमिंग इंडस्ट्री में महा-बदलाव: भारत में ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम लागू, ईस्पोर्ट्स का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य; 'रियल मनी गेम्स' पर लगा कड़ा बैन
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खनन माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि उन्होंने अब सत्ताधारी पार्टी के नेताओं को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। फलावदा इलाके में अवैध मिट्टी और रेत खनन का विरोध करने गए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मवाना पश्चिम मंडल महामंत्री राजकुमार सैनी पर खनन माफियाओं और उनके हथियारबंद गुर्गों ने जानलेवा हमला कर दिया। उन्हें सरेआम दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया और उनकी कनपटी पर तमंचा सटाकर जान से मारने की खुली धमकी दी गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
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क्या है पूरा मामला? फसल बर्बादी से शुरू हुआ विवाद
\r\n\r\nप्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी खौफनाक घटना फलावदा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले अमरौली गांव की है। पीड़ित राजकुमार सैनी, जो कि मवाना पश्चिम मंडल के भाजपा महामंत्री हैं, का अमरौली गांव के पास ही अपना कृषि खेत है।
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राजकुमार सैनी का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से उनके खेत के बिल्कुल सटे हुए हिस्से में खनन माफियाओं द्वारा दिन-रात अवैध खनन का काला कारोबार चलाया जा रहा था। इस अवैध काम को अंजाम देने के लिए मौके पर आठ से ज़्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और भारी-भरकम जेसीबी (JCB) मशीनें लगाई गई थीं। लगातार हो रहे गहरे खनन और भारी वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल और मिट्टी के कारण राजकुमार सैनी की लहलहाती फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा था। उनकी फसलें पूरी तरह से बर्बाद होने की कगार पर आ गई थीं।
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वीडियो बनाना पड़ा भारी: दौड़ा-दौड़ा कर की गई बर्बर पिटाई
\r\n\r\nअपनी आंखों के सामने खून-पसीने की कमाई (फसल) को बर्बाद होते देख, मंगलवार को राजकुमार सैनी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां चल रहे अवैध खनन का कड़ा विरोध किया और माफियाओं को काम रोकने के लिए कहा। जब माफियाओं ने उनकी एक न सुनी, तो राजकुमार सैनी ने सबूत इकट्ठा करने के लिए अपने मोबाइल फोन से मौके पर चल रही जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की वीडियो रिकॉर्डिंग करनी शुरू कर दी।
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बस यही बात वहां मौजूद खनन माफियाओं और उनके गुर्गों को नागवार गुजरी। सत्ताधारी पार्टी के नेता होने के बावजूद, बेखौफ माफियाओं ने उन पर धावा बोल दिया। राजकुमार सैनी ने जब खुद को घिरता हुआ देखा तो उन्होंने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन गुर्गों ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया। इसके बाद लात-घूंसों और डंडों से उनकी बर्बरतापूर्वक पिटाई की गई।
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कनपटी पर सटाया तमंचा और मिटाए सारे डिजिटल सबूत
\r\n\r\nमारपीट की यह घटना यहीं नहीं रुकी। पीड़ित भाजपा नेता के मुताबिक, पिटाई के दौरान एक मुख्य आरोपी ने अपनी कमर से अवैध तमंचा (देसी पिस्तौल) निकाला और सीधे उनकी कनपटी पर सटा दिया। उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं और धमकी दी गई कि यदि उन्होंने पुलिस या प्रशासन से शिकायत की, तो उन्हें और उनके परिवार को जान से मार दिया जाएगा।
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इसके बाद, हथियार के बल पर माफियाओं ने राजकुमार सैनी का मोबाइल फोन छीन लिया। वे जानते थे कि यदि वीडियो पुलिस तक पहुंच गया, तो उनका पूरा सिंडिकेट बेनकाब हो जाएगा। इसलिए उन्होंने जबरन मोबाइल का लॉक खुलवाया और अवैध खनन की सारी रिकॉर्डिंग और तस्वीरें (Digital Evidence) मौके पर ही डिलीट कर दीं।
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जान बचाकर भागे नेता, फलावदा थाने में दर्ज कराई FIR
\r\n\r\nकिसी तरह अपनी सूझबूझ से और वहां कुछ ग्रामीणों के आ जाने के कारण राजकुमार सैनी माफियाओं के चंगुल से अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहे। बदहवास और घायल अवस्था में वे सीधे फलावदा पुलिस थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को पूरी आपबीती सुनाई।
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मामले की गंभीरता और पीड़ित के भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी होने के कारण पुलिस महकमे में तुरंत हड़कंप मच गया। राजकुमार सैनी की लिखित तहरीर के आधार पर फलावदा थाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए 3 नामजद और 7 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा (FIR) दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना भी किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमों का गठन कर दिया गया है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल: भाजपा नेताओं में भारी रोष
\r\n\r\nइस घटना ने पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खनन माफियाओं के मजबूत होते गठजोड़ (Nexus) और उनके बढ़ते आतंक को पूरी तरह से उजागर कर दिया है। जब एक सत्ताधारी पार्टी (भाजपा) का मंडल महामंत्री अपने ही क्षेत्र में सुरक्षित नहीं है, तो आम किसान और नागरिक इन हथियारबंद माफियाओं के सामने कैसे टिक पाएगा?
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इस दुस्साहसिक वारदात की खबर फैलते ही स्थानीय भाजपा के कई बड़े नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने गहरा रोष व्यक्त किया है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन की नाक के नीचे अवैध खनन का यह धंधा बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक मिलीभगत के नहीं चल सकता। उन्होंने पुलिस के उच्च अधिकारियों और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। आरोपियों के खिलाफ सिर्फ मुकदमा दर्ज करना काफी नहीं है, बल्कि उनके अवैध ठिकानों पर 'बुलडोजर' की कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी माफिया आम जनता या जनप्रतिनिधि पर हाथ उठाने की जुर्रत न कर सके।
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अवैध खनन न केवल सरकारी राजस्व (Revenue) को करोड़ों का चूना लगा रहा है, बल्कि यह पर्यावरण और किसानों की उपजाऊ जमीन के लिए भी एक बड़ा खतरा बन गया है। अब देखना यह होगा कि मेरठ पुलिस इस मामले में कितनी तत्परता दिखाती है और क्या इन बेखौफ खनन माफियाओं पर नकेल कसने में कामयाब हो पाती है, या यह मामला भी कुछ दिनों की कागजी कार्रवाई के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.