सावन का पवित्र महीना 29 जुलाई से शुरू हो रहा है। भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश और गोमुख से गंगाजल लेकर आने वाले लाखों कांवड़ियों का सबसे बड़ा रेला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले से होकर गुजरता है। इस दौरान शिवभक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए, मेरठ पुलिस और यातायात विभाग ने एक अभेद्य और व्यापक 'रूट डायवर्जन प्लान' (Route Diversion Plan) तैयार किया है।READ ALSO:-स्टिंग और रेड बुल के शौकीनों के लिए बड़ी खबर! बोतलों पर अब नहीं लिखा होगा 'एनर्जी ड्रिंक', FSSAI ने भ्रामक दावों पर कंपनियों को दिया 90 दिन का अल्टीमेटम
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यह डायवर्जन प्लान कोई साधारण ट्रैफिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह एक तरह का 'महा-डायवर्जन' है, जिसका असर दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, हरियाणा और राजस्थान से आने-जाने वाले लाखों वाहनों पर पड़ेगा। 29 जुलाई की मध्यरात्रि (रात 12 बजे) से लेकर 12 अगस्त को कांवड़ यात्रा के पूर्ण रूप से संपन्न होने तक यह नई व्यवस्था कड़ाई से लागू रहेगी। ख़बरीलाल (Khabreelal) की इस एक्सक्लूसिव और विस्तृत रिपोर्ट में आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि किन वाहनों को कहां से गुजरना होगा और आम यात्रियों के लिए क्या-क्या बड़े बदलाव किए गए हैं।
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श्रेणी 1: भारी वाहनों (ट्रक, बस, डंपर) के लिए सख्त नियम और नया रूट
\r\n\r\nकांवड़ मार्ग (विशेषकर NH-58) को शिवभक्तों के लिए सुरक्षित और निर्बाध रखने के उद्देश्य से भारी वाहनों की 'नो-एंट्री' सबसे पहले सुनिश्चित की गई है।
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- \r\n दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से आने वाले वाहन: नेशनल हाईवे-9 (NH-9) का प्रयोग कर दिल्ली, गाजियाबाद या नोएडा की ओर से आने वाले भारी वाहनों को डासना (Dasna) से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (Eastern Peripheral Expressway) पर डायवर्ट किया जाएगा। ये वाहन खेकड़ा इंटरचेंज के जरिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर चढ़ेंगे और वहां से देहरादून व सहारनपुर की ओर जा सकेंगे। वापसी का रूट भी ठीक यही रहेगा।\r\n \r\n
- \r\n देहरादून, हरिद्वार, रुड़की (NH-58 रूट): इन इलाकों से NH-58 पर आने वाले पूरे यातायात को संबंधित जिले की पुलिस द्वारा सीधे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे (Delhi-Dehradun Expressway) पर डायवर्ट कर दिया जाएगा। इससे पुराना कांवड़ मार्ग भारी वाहनों से मुक्त रहेगा।\r\n \r\n
- \r\n हरियाणा से उत्तराखंड का रूट: दिल्ली से वजीराबाद पुल, आउटर रिंग रोड होते हुए भारी वाहन कुंडली, हरियाणा के राई (Rai) से सोनीपत, पानीपत, करनाल, यमुनानगर से होते हुए सहारनपुर और उत्तराखंड की ओर आवागमन करेंगे।\r\n \r\n
- \r\n राजस्थान/गाजियाबाद से उत्तराखंड: जो भारी वाहन राजस्थान, दिल्ली या गाजियाबाद से उत्तराखंड जाना चाहते हैं, वे यूपी गेट (NH-9) होते हुए डासना इंटरचेंज से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पकड़ेंगे। इसके बाद हरियाणा के राई, सोनीपत, पानीपत, करनाल और सहारनपुर बाईपास (NH-344) होते हुए छुटमलपुर के रास्ते उत्तराखंड में प्रवेश करेंगे।\r\n \r\n
- \r\n नए गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए विशेष निर्देश: नए गंगा एक्सप्रेस-वे से आने वाले वाहन जिन्हें हापुड़, गाजियाबाद, दिल्ली, बागपत या मुजफ्फरनगर जाना है, वे सीधे कांवड़ रूट पर नहीं आएंगे। उन्हें सिंभावली (Simbhaoli) कट से नीचे उतारा जाएगा। वहां से वे हापुड़-गढ़ मार्ग (NH-9) से डासना होते हुए पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और फिर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का प्रयोग कर अपने गंतव्य तक जाएंगे।\r\n \r\n
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श्रेणी 2: हल्के और मध्यम वाहनों (कार, पिकअप) के लिए ग्रामीण और बाईपास रूट
\r\n\r\nहल्के वाहनों के लिए कांवड़ मार्ग से बचने के लिए अंदरूनी और बाईपास सड़कों का एक लंबा जाल तैयार किया गया है। अगर आप कार से यात्रा कर रहे हैं, तो आपको निम्नलिखित रास्तों का प्रयोग करना होगा:
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- \r\n दिल्ली/गाजियाबाद से देहरादून और हरिद्वार: गाजीपुर बॉर्डर से NH-9 होते हुए डासना इंटरचेंज, पिलखुवा, निजामपुर तिराहा, हापुड़ बाईपास, ततारपुर तिराहा से टियाला अंडरपास पहुंचें। यहां से मेरठ के देहात इलाकों (कस्बा किठौर, परीक्षितगढ़, छोटा मवाना, बहसूमा) से होते हुए मुजफ्फरनगर के रामराज, मीरापुर, जानसठ, सिखेड़ा, भोपा बाईपास, पचेण्डा, रामपुर तिराहा, रोहाना के रास्ते सहारनपुर (देवबंद, आशारोडी) होते हुए देहरादून जाएं।\r\n \r\n
- \r\n गाजियाबाद से बिजनौर (Bijnor) का सफर: इसके लिए भी आपको हापुड़ बाईपास से टियाला अंडरपास होकर मेरठ के कस्बा किठौर, परीक्षितगढ़, बड़ा मवाना और बहसूमा पहुंचना होगा। वहां से मुजफ्फरनगर के रामराज, मीरापुर से सीधा गंगा बैराज (Ganga Barrage) होते हुए बिजनौर में प्रवेश कर सकेंगे।\r\n \r\n
- \r\n बुलंदशहर से उत्तराखंड: बुलंदशहर चौकी जोखाबाद से ईस्टर्न पेरिफेरल का प्रयोग करें। डासना, हापुड़, निजामपुर होते हुए मेरठ के किठौर-मवाना वाले रूट को पकड़ें और मुजफ्फरनगर के जानसठ, रामपुर तिराहा से सहारनपुर होते हुए देहरादून निकलें।\r\n \r\n
- \r\n मेरठ से शामली (Shamli) जाने वाले: ये वाहन मेरठ के सरधना, नानू नहर पुल से होते हुए मुजफ्फरनगर के थाना बुढ़ाना क्षेत्र (भूनी चौराहा, बायवाला, फुगाना) के रास्ते शामली जा सकेंगे।\r\n \r\n
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लोकल यात्रियों के लिए सबसे बड़ी खबर: भैंसाली बस अड्डा पूरी तरह शिफ्ट
\r\n\r\nट्रैफिक पुलिस का यह डायवर्जन प्लान सिर्फ हाईवे तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के अंदर भी आम नागरिकों की दैनिक दिनचर्या को व्यापक रूप से प्रभावित करेगा। 29 जुलाई की सुबह 8 बजे से लेकर 12 अगस्त की रात 12 बजे तक मेरठ शहर के भीतर रोडवेज बसों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित (Banned) कर दिया गया है।
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- \r\n भैंसाली बस अड्डा (Bhaisali Bus Stand): दिल्ली रोड पर स्थित मेरठ के इस सबसे प्रमुख बस अड्डे को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। यहां से संचालित होने वाली सभी बसें अब गढ़ रोड स्थित सोहराब गेट बस अड्डे (Sohrab Gate Bus Stand) से चलेंगी। ध्यान रहे, गांधी आश्रम चौराहे से हापुड़ स्टैंड की ओर कोई भी वाहन नहीं आ सकेगा।\r\n \r\n
- \r\n बागपत और बड़ौत रूट की बसें: जो यात्री बागपत जाना चाहते हैं, उन्हें 29 जुलाई की सुबह से बागपत बाईपास (Baghpat Bypass) से बसें मिलेंगी। इसी तरह, बड़ौत मार्ग पर चलने वाली रोडवेज बसें रोहटा रोड बाईपास (Rohta Road Bypass) से संचालित होंगी।\r\n \r\n
- \r\n अंबाला बस स्टैंड की शिफ्टिंग: बेगमपुल पर स्थित अंबाला बस स्टैंड को भी वहां से हटाकर सीधे गंगानगर (Ganganagar) शिफ्ट कर दिया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n सिटी बसें (JNNURM): शहर के अंदर चलने वाली जेएनएनयूआरएम की सिटी बसें 29 जुलाई से 12 अगस्त तक पूरी तरह से बंद रहेंगी।\r\n \r\n
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प्राइवेट बसों के लिए भी बदले गए स्थान
\r\n\r\nशहर के अलग-अलग कोनों से चलने वाली डग्गामार और प्राइवेट बसों के लिए भी नए अड्डे तय किए गए हैं:
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- \r\n मवाना, हस्तिनापुर, मीरापुर और बिजनौर जाने वाली प्राइवेट बसें अब थाना गंगानगर के सामने से मिलेंगी।\r\n \r\n
- \r\n किला परीक्षितगढ़ रोड की प्राइवेट बसें बीएनजी स्कूल तिराहा (किला रोड) से चलेंगी।\r\n \r\n
- \r\n सरधना और शामली के लिए बसें बाईपास स्थित सरधना फ्लाईओवर के नीचे से संचालित होंगी।\r\n \r\n
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आपातकाल और जानकारी के लिए 3 'कंट्रोल रूम' स्थापित
\r\n\r\nयातायात व्यवस्था में इतने बड़े बदलाव के कारण यात्रियों को भ्रम या जाम का सामना करना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेरठ ट्रैफिक पुलिस ने 24 घंटे काम करने वाले तीन विशेष कंट्रोल रूम (Control Rooms) स्थापित किए हैं। अगर आप रास्ते में भटक जाते हैं, जाम में फंसते हैं या रूट के बारे में जानकारी चाहते हैं, तो तुरंत इन नंबरों पर संपर्क करें:
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- \r\n नगर नियंत्रण कक्ष (City Control): 9454401587\r\n \r\n
- \r\n ग्रामीण नियंत्रण कक्ष (Rural Control): 9454417431\r\n \r\n
- \r\n यातायात नियंत्रण कक्ष (Traffic Control): 9454404000\r\n \r\n
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ख़बरीलाल की विशेष सलाह: कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ और आसपास के जिलों में ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। घर से निकलने से पहले गूगल मैप्स (Google Maps) के साथ-साथ पुलिस द्वारा जारी इस मैन्युअल रूट मैप को भी जरूर चेक करें। बेवजह की यात्रा से बचें और आपातकालीन सेवाओं के लिए हमेशा रास्ता खाली छोड़ें। आपकी थोड़ी सी समझदारी शिवभक्तों की इस पावन यात्रा को सफल बनाने में बड़ा योगदान दे सकती है।
Sabse pehle comment karne wale banein.