सावन का पवित्र महीना शुरू होने वाला है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का हृदय कहे जाने वाले मेरठ (Meerut) शहर में आस्था के सबसे बड़े महाकुंभ 'कांवड़ यात्रा' (Kanwar Yatra) की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों शिवभक्तों का मुख्य मार्ग मेरठ से होकर ही गुजरता है। इस यात्रा को पूरी तरह से शांतिपूर्ण, सुरक्षित और निर्विघ्न (Without Interruption) संपन्न कराने के लिए मेरठ जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।READ ALSO:-कांवड़ यात्रा से पहले मेरठ पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: SSP ने 18 दरोगाओं के बदले कार्यक्षेत्र, चप्पे-चप्पे पर 1000 पुलिसकर्मियों का सख्त पहरा
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हाल ही में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की एक बेहद अहम और हाई-लेवल संयुक्त ब्रीफिंग (Joint Briefing) आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय ने मातहत अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए यात्रा से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू पर विस्तृत और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ख़बरीलाल (Khabreelal) की इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में आइए विस्तार से समझते हैं कि इस बार कांवड़ यात्रा में क्या-क्या नए नियम लागू होंगे और प्रशासन की क्या खास तैयारियां हैं।
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भोजन की शुद्धता पर जोर: प्याज-लहसुन का प्रयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित
\r\n\r\nकांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्त कठोर व्रत और नियमों का पालन करते हैं, ऐसे में उनके भोजन की शुद्धता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले सभी छोटे-बड़े होटलों, ढाबों, ठेलों और रेस्टोरेंट का मौके पर जाकर सघन निरीक्षण (Physical Inspection) किया जाए।
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प्रशासन ने सख्त आदेश दिया है कि कांवड़ियों के लिए तैयार होने वाले किसी भी प्रकार के भोजन में प्याज और लहसुन (Onion and Garlic) का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए। इस नियम का पालन सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को केवल रसोई (Kitchen) तक सीमित न रहकर, इन प्रतिष्ठानों के गोदामों (Godowns) की भी औचक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी ढाबे या रेस्टोरेंट के गोदाम में प्याज या लहसुन का भंडारण पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मांस और शराब की दुकानों पर लगेगा ताला, साइन बोर्ड भी रहेंगे गायब
\r\n\r\nशिवभक्तों की धार्मिक भावनाओं और आस्था का पूरा सम्मान करते हुए कांवड़ मार्ग पर मांस (Meat) और शराब (Liquor) की बिक्री को लेकर भी बेहद सख्त नियम बनाए गए हैं। जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में कहा है कि कांवड़ रूट पर पड़ने वाली सभी मांस और शराब की दुकानों को शासन के निर्देशों के अनुरूप या तो पूरी तरह से बंद (Closed) कराया जाए, या फिर उन्हें तिरपाल आदि से इस तरह से ढक दिया जाए कि वे बाहर से बिल्कुल भी दिखाई न दें। इतना ही नहीं, इन दुकानों के साइन बोर्ड (Signboards) और होर्डिंग भी पूरी तरह से ढके होने चाहिए। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि पवित्र यात्रा के दौरान शिवभक्तों को किसी भी प्रकार की असहजता का सामना न करना पड़े।
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दुकानों की पहचान: क्यूआर (QR) और बार कोड की होगी कड़ी चेकिंग
\r\n\r\nकांवड़ मार्ग पर संचालित होने वाली दुकानों की प्रामाणिकता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक नया और हाई-टेक कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दुकानों और ढाबों पर भुगतान के लिए लगे क्यूआर कोड (QR Code) या बार कोड (Bar Code) की भी रैंडम चेकिंग की जाए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वह क्यूआर कोड उसी व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत हो, जो उस दुकान का वास्तविक संचालक (Actual Owner) है। इस चेकिंग का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की पहचान छिपाने, वित्तीय धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगाना है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नाम में भिन्नता पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से सख्त एक्शन लिया जाएगा।
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सांपों और प्राकृतिक खतरों से बचाव के लिए वन विभाग मुस्तैद
\r\n\r\nचूंकि कांवड़ यात्रा बरसात के मौसम (Monsoon Season) में होती है, इसलिए रास्ते में और विशेषकर पेड़ों व जंगलों के किनारे लगे कांवड़ शिविरों में सांप और अन्य जहरीले कीड़े-मकोड़े निकलने का खतरा हमेशा बना रहता है। इस गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए वन विभाग (Forest Department) को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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डीएम ने निर्देश दिए हैं कि सभी कांवड़ शिविरों में सांपों से बचाव (Snake Bite Prevention) की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए शिविर संचालकों को सांपों को दूर रखने के पारंपरिक उपायों (जैसे विशेष प्रकार की जड़ी-बूटियों या रसायनों का छिड़काव) की जानकारी दी जाए। साथ ही, आपात स्थिति से निपटने के लिए एंटी-वेनम (Anti-Venom) की उपलब्धता और नजदीकी अस्पतालों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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डीजे (DJ) और कांवड़ के आकार पर सुप्रीम कोर्ट के मानकों का होगा पालन
\r\n\r\nमेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय ने कांवड़ की ऊंचाई और डीजे की ध्वनि व आकार को लेकर बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा पूरी तरह से माननीय सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) और राज्य सरकार की गाइडलाइंस के अनुरूप ही संपन्न कराई जाएगी।
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उन्होंने स्पष्ट शब्दों में ऐलान किया है कि किसी भी कांवड़ या डीजे की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे बड़े आकार की कांवड़ या डीजे को मार्ग पर चलने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। पुलिस प्रशासन मोदीपुरम तिराहे (Modipuram Checkpost) और अन्य एंट्री पॉइंट्स पर विशेष चेकिंग अभियान चलाएगा। यदि कोई भी कांवड़ या डीजे निर्धारित मानकों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसे वहीं रोककर मानकों के अनुरूप (छोटा) कराया जाएगा।
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खुराफातियों और अफवाहबाजों पर तीसरी आंख का कड़ा पहरा
\r\n\r\nब्रीफिंग के दौरान एसएसपी ने माना कि देश के वर्तमान हालात और हाल ही में विभिन्न हिस्सों में हुई घटनाओं को देखते हुए इस बार की कांवड़ यात्रा पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व (Anti-Social Elements) इस पवित्र आयोजन में खलल डालने और माहौल बिगाड़ने की साजिश रच सकते हैं।
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ऐसे खुराफातियों से निपटने के लिए पूरे जोन में खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। सोशल मीडिया (Social Media) के सभी प्लेटफॉर्म्स—फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप—पर पुलिस की साइबर सेल 24 घंटे पैनी नजर रख रही है। किसी भी प्रकार की भ्रामक, भड़काऊ या सांप्रदायिक पोस्ट (Fake News/Hate Speech) डालने वालों की तुरंत पहचान कर उनके खिलाफ रासुका (NSA) जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
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अधिकारियों के लिए निर्देश: व्यवहार कुशल रहें और हर रास्ते की हो जानकारी
\r\n\r\nसुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस के व्यवहार को लेकर भी एसएसपी ने सख्त हिदायत दी है। उन्होंने सभी तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया है कि शिवभक्तों के साथ उनका व्यवहार पूरी तरह से संयमित, सहयोगात्मक और शालीन होना चाहिए।
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प्रत्येक पुलिसकर्मी के पास ड्यूटी संबंधी बुकलेट (Duty Booklet) होनी अनिवार्य है। एसएसपी ने जोर देकर कहा कि ड्यूटी पर तैनात हर अधिकारी को अपने क्षेत्र के मुख्य मार्ग, कांवड़ शिविरों की लोकेशन, वैकल्पिक रास्तों (Alternate Routes) और आपातकालीन व्यवस्थाओं (जैसे अस्पताल, क्रेन, एंबुलेंस) की मुकम्मल जानकारी होनी चाहिए। ताकि यदि कोई कांवड़िया किसी रास्ते या सुविधा के बारे में पूछे, तो उसे तुरंत और सटीक जानकारी दी जा सके। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की भनक लगते ही तत्काल कंट्रोल रूम (Control Room) और फीडबैक सेल को सूचित करने के सख्त आदेश दिए गए हैं।
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मेरठ जिला प्रशासन और पुलिस की यह संयुक्त कार्ययोजना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ख़बरीलाल की टीम कांवड़ यात्रा के हर छोटे-बड़े अपडेट और मेरठ व बिजनौर सहित पूरे प्रदेश की ग्राउंड रिपोर्ट आप तक लगातार पहुंचाती रहेगी। शिवभक्तों से भी अपील है कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपनी आस्था की इस पावन यात्रा को सुरक्षित रूप से संपन्न करें।
Sabse pehle comment karne wale banein.