मेरठ (उत्तर प्रदेश): सड़क किनारे ठेले और रेहड़ी-पटरी वालों से ताजे फल और सब्जियां खरीदना हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक आम हिस्सा है। लेकिन उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला और घिनौना वीडियो सामने आया है, जिसे देखने के बाद शायद आप अगली बार सड़क किनारे से कोई भी खुला फल या खाने-पीने का सामान खरीदने से पहले सौ बार सोचेंगे।READ ALSO:-कैराना में शादी की दावत में परोसा जा रहा था 'गोमांस', पुलिस की भयंकर रेड; नई नवेली स्कॉर्पियो से मांस ढोने वाला दूल्हा गिरफ्तार
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मेरठ शहर के सबसे व्यस्त और प्रशासनिक दृष्टिकोण से अति-महत्वपूर्ण इलाके में एक जामुन बेचने वाले युवक की शर्मनाक करतूत का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि यह विक्रेता अपने ठेले पर रखे जामुनों को बेचने से पहले उन्हें अपनी जीभ से चाट रहा है। इस घटना ने न केवल आम जनता की सेहत को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं, बल्कि शहर में एक नया सामाजिक और राजनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया है।
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वीआईपी इलाके में चल रहा था यह गंदा खेल
\r\n\r\nयह पूरी घटना मेरठ के कमिश्नरी पार्क क्षेत्र की है। यह कोई आम जगह नहीं है, बल्कि यह मेरठ का वह वीआईपी इलाका है जहाँ जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कार्यालय स्थित हैं। इसके ठीक पास ही कचहरी (Court) परिसर और मेडा (मेरठ विकास प्राधिकरण - MEDA) का कार्यालय भी मौजूद है।
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इस क्षेत्र में रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना होता है। दूर-दराज से अपनी फरियाद लेकर आने वाले आम लोग, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी, वकील (अधिवक्ता) और धरना-प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ता इसी इलाके में मौजूद रहते हैं। वीडियो में जिस जामुन विक्रेता की पहचान 'शाहरुख' के रूप में हुई है, वह अपना ठेला ठीक कमिश्नरी पार्क के बाहर ही लगाता था।
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जामुन खाने के शौकीनों में मची दहशत
\r\n\r\nबरसात के इस मौसम में जामुन खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है, और यही वजह है कि इस ठेले पर हमेशा लोगों की भीड़ लगी रहती थी। लेकिन जब से शाहरुख का जामुन को जीभ से चाटने वाला यह वायरल वीडियो (Viral Video) लोगों के मोबाइल स्क्रीन पर पहुँचा है, तब से उन तमाम लोगों की रातों की नींद उड़ी हुई है जिन्होंने हाल ही के दिनों में इस ठेले से जामुन खरीदकर खाए थे।
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स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कई बड़े अधिकारी, नामी वकील और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने वाले लोग अक्सर गर्मी से राहत पाने और स्वाद के लिए इसी ठेले पर रुककर जामुन खाते थे। इस कृत्य को सीधे तौर पर लोगों की भावनाओं और उनके स्वास्थ्य के साथ एक भद्दा खिलवाड़ माना जा रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी खाद्य पदार्थ को झूठा करने या उसमें लार (Saliva) मिलाने से कई तरह के खतरनाक बैक्टीरिया और संक्रामक बीमारियाँ फैलने का गंभीर खतरा रहता है।
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हिंदू संगठनों का फूटा गुस्सा: दिया 'जामुन जिहाद' का नाम
\r\n\r\nइस वीडियो के वायरल होते ही मेरठ में हिंदू संगठनों ने भारी आक्रोश जताना शुरू कर दिया है। अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने इस पूरे मामले पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे एक गहरी साजिश का हिस्सा बताया है।
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सचिन सिरोही ने प्रशासन से तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए इस कृत्य को 'जामुन जिहाद' (Jamun Jihad) का नाम दिया है। उनका आरोप है कि एक विशेष समुदाय के कुछ लोगों द्वारा बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने और उनका धर्म/ईमान भ्रष्ट करने के लिए जानबूझकर ऐसी अस्वच्छ और घिनौनी हरकतें की जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस और प्रशासन ने तुरंत इस जामुन विक्रेता शाहरुख को गिरफ्तार कर उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) या अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज नहीं किया, तो उनका संगठन सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेगा।
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यूपी में खाने में गंदगी मिलाने के पुराने मामले और सरकार की सख्ती
\r\n\r\nगौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में यह कोई पहला मामला नहीं है जब खाने-पीने की चीजों में इस तरह की अशुद्धता या मानवीय गंदगी मिलाने का वीडियो सामने आया हो। इससे पहले प्रदेश के कई जिलों से रोटियों पर थूकने, जूस में पेशाब मिलाने और सब्जियों को नाले के पानी से धोने या चाटने के वीडियो वायरल हो चुके हैं।
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इन लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पूरे प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाने-पीने की वस्तुओं में थूकने या किसी भी प्रकार की गंदगी मिलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट तक की कार्रवाई हो सकती है। इसी पृष्ठभूमि में मेरठ के इस 'जामुन कांड' ने और भी ज्यादा तूल पकड़ लिया है।
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पुलिस और प्रशासन का रुख: वीडियो की सत्यता की हो रही है जांच
\r\n\r\nलगातार बढ़ते दबाव और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे गुस्से के बीच, मेरठ पुलिस और जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन की ओर से हालांकि अभी तक कोई विस्तृत और आधिकारिक प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले का संज्ञान ले लिया गया है।
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- \r\n साइबर सेल की जांच: पुलिस का साइबर सेल (Cyber Cell) सबसे पहले इस वायरल वीडियो की सत्यता और प्रामाणिकता की पुष्टि कर रहा है। यह जांचा जा रहा है कि यह वीडियो कब का है, क्या इसके साथ कोई छेड़छाड़ (Editing) की गई है, और क्या यह वास्तव में कमिश्नरी पार्क का ही है।\r\n \r\n
- \r\n खाद्य सुरक्षा विभाग: इसके साथ ही स्थानीय खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FSDA) को भी अलर्ट कर दिया गया है। यदि वीडियो सही पाया जाता है, तो खाद्य सुरक्षा तथा स्वच्छता के नियमों (Food Safety and Standards Act) के घोर उल्लंघन के तहत आरोपी विक्रेता का लाइसेंस/पंजीकरण रद्द कर उस पर भारी जुर्माना और जेल की सजा की कार्रवाई की जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n थाना पुलिस का बयान: संबंधित थाने (सिविल लाइन पुलिस) का कहना है कि आरोपी शाहरुख की तलाश की जा रही है। साक्ष्यों के संकलन और वीडियो की फोरेंसिक पुष्टि के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।\r\n \r\n
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सतर्कता ही बचाव है
\r\n\r\nमेरठ की यह घटना एक बार फिर इस बात का कड़ा सबक देती है कि बाहर सड़क किनारे से खाने-पीने की चीजें खरीदते समय हमें अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। घर पर लाकर फलों और सब्जियों को हल्के गुनगुने पानी और नमक या बेकिंग सोडा से अच्छी तरह धोना अब सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि एक मजबूरी बन गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मेरठ पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और आरोपी के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं। पल-पल की अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें।
Sabse pehle comment karne wale banein.