खबरीलाल न्यूज़ डेस्क / मेरठ (क्राइम रिपोर्ट): पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति और अपराध का केंद्र माने जाने वाले मेरठ में सोमवार को एक बड़ी और सनसनीखेज घटना सामने आई। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा के मेरठ आगमन पर उनके स्वागत के लिए जुटी भीड़ उस समय दहशत में आ गई, जब दो गुटों के बीच सरेआम फायरिंग (Firing) शुरू हो गई। यह दुस्साहसिक घटना परतापुर टोल प्लाजा के पास हुई, वो भी तब जब कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए खुद उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) मेरठ में मौजूद थे।READ ALSO:-महा-कवरेज: मवाना में प्रशासन की लापरवाही का 'खूनी' खेल! अदृश्य स्पीड ब्रेकर ने ली युवक की जान, सड़क पर बिखरा खून
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गनीमत यह रही कि इस अंधाधुंध फायरिंग में किसी को गोली नहीं लगी, लेकिन दिनदहाड़े और एक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम में हथियारों के लहराए जाने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आइए, इस पूरे घटनाक्रम और पुरानी रंजिश की कहानी को विस्तार से समझते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nथाना परतापुर क्षेत्र अंतर्गत काशी टोल पर मारपीट/फायरिंग की सूचना पर पुलिस द्वारा की गई जांच/कार्यवाही के संबंध में पुलिस अधीक्षक नगर मेरठ द्वारा बाईट। #Uppolice #Meerutpolice pic.twitter.com/mobO0y8Fj7
\r\n— MEERUT POLICE (@meerutpolice) July 20, 2026
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स्वागत जुलूस के पीछे-पीछे चल रही थी मौत की साजिश!
\r\n\r\nसोमवार का दिन मेरठ बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए बेहद अहम था। नवनियुक्त BJYM प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा पहली बार मेरठ आ रहे थे। उनके भव्य स्वागत के लिए परतापुर टोल प्लाजा पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों का भारी हुजूम इकट्ठा था।
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पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही रोहित मिश्रा का काफिला और जुलूस टोल प्लाजा से आगे बढ़ा, उसके महज 10 मिनट बाद दोपहर करीब 1:00 बजे अचानक माहौल बदल गया। जुलूस में शामिल दो अलग-अलग गुटों के बीच पुरानी दुश्मनी को लेकर विवाद शुरू हो गया।
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क्या हुआ था उस पल? पीड़ित पक्ष के अनुसार, पहले जान-बूझकर गाड़ियों से टक्कर मारकर उन्हें कुचलने की कोशिश की गई। जब वे बाल-बाल बच गए, तो दूसरे पक्ष के लड़कों ने गाड़ियों से उतरकर असलहे (Pistols) निकाल लिए और जान से मारने की नीयत से सीधे फायरिंग शुरू कर दी। अचानक चली गोलियों की आवाज से जुलूस में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
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कॉलेज के दिनों की दुश्मनी, जो असलहों तक पहुंच गई
\r\n\r\nपुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह कोई राजनीतिक विवाद नहीं था, बल्कि छात्रों के बीच कॉलेज के समय से चली आ रही पुरानी रंजिश (Old Rivalry) का नतीजा था। दोनों पक्ष पहले से एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं और दोनों ही रोहित मिश्रा के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वहां पहुंचे थे।
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पीड़ित श्वेतांक त्यागी की जुबानी, खौफ की कहानी: जागृति विहार (मेरठ) निवासी श्वेतांक त्यागी ने परतापुर थाने में अपनी जान पर हुए हमले की शिकायत दर्ज कराई है। श्वेतांक ने पुलिस को बताया:
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\r\n\r\n\r\n"मैं अपने खास दोस्त मनीष ठाकुर के साथ भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा जी के स्वागत कार्यक्रम में शामिल होने गया था। उसी दौरान गंगानगर निवासी राहुल अधाना, प्रवीण शर्मा और अवनीश भी वहां अपनी गाड़ियों से पहुंच गए। मेरे दोस्त मनीष ठाकुर और राहुल अधाना के बीच कॉलेज के समय से ही एक पुराना विवाद चला आ रहा है। मुझे नहीं पता था कि वे लोग कार्यक्रम में हथियार लेकर आए हैं।"\r\n
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श्वेतांक ने अपनी FIR में आरोप लगाया है कि:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"जैसे ही रोहित मिश्रा का जुलूस टोल प्लाजा से आगे निकला, राहुल अधाना, प्रवीण शर्मा और अवनीश ने अपनी तेज रफ्तार गाड़ियों से हमें कुचलने की कोशिश की। हम किसी तरह वहां से बच निकले। लेकिन तभी राहुल अधाना और प्रवीण शर्मा अपनी गाड़ी से उतरे और अपनी-अपनी पिस्टल निकालकर हम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। हम किस्मत वाले थे कि उनका निशाना चूक गया और हम बाल-बाल बच गए।"\r\n
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हाई-अलर्ट पर था मेरठ: मुख्य सचिव और DGP की मौजूदगी में हुआ बवाल
\r\n\r\nयह घटना इसलिए भी बहुत गंभीर मानी जा रही है क्योंकि सोमवार को मेरठ पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से 'हाई-अलर्ट' (High Alert) मोड पर था। आगामी कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव (Chief Secretary) और पुलिस महानिदेशक (DGP प्रशांत कुमार) मेरठ दौरे पर थे।
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चौंकाने वाली बात यह है कि इस फायरिंग से बमुश्किल एक घंटे पहले ही प्रदेश के ये दोनों शीर्ष अधिकारी इसी परतापुर थाना क्षेत्र से होकर कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे, जहां एक हाई-लेवल मीटिंग प्रस्तावित थी। ऐसे कड़ी सुरक्षा वाले माहौल में बीजेपी नेता के कार्यक्रम में हथियारों का इस्तेमाल होना खुफिया विभाग और स्थानीय पुलिस की विफलता की ओर भी इशारा करता है।
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पुलिस का एक्शन: 4 टीमें गठित, सीसीटीवी और वीडियो खंगाल रही पुलिस
\r\n\r\nदिनदहाड़े हुई इस फायरिंग से पुलिस महकमे की नींद उड़ गई है। घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
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मेरठ के एसपी सिटी (SP City) विनायक गोपाल भोसले ने मीडिया से बातचीत करते हुए घटना की पुष्टि की और बताया:
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\r\n\r\n\r\n"मामला दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश का है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की चार (4) विशेष टीमें गठित की गई हैं। हम परतापुर टोल प्लाजा के सभी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और वहां मौजूद लोगों द्वारा बनाए गए मोबाइल वीडियो की बारीकी से जांच कर रहे हैं। पीड़ित पक्ष (श्वेतांक त्यागी) की लिखित शिकायत के आधार पर परतापुर थाने में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"\r\n
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उठते सवाल
\r\n\r\nभले ही इस फायरिंग में किसी की जान नहीं गई, लेकिन इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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- \r\n क्या राजनीतिक रैलियों और स्वागत कार्यक्रमों में अब हथियारों का प्रदर्शन एक आम बात हो गई है?\r\n \r\n
- \r\n प्रदेश के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी (DGP) के शहर में होने के बावजूद युवाओं के पास इतने हथियार कहां से आ रहे हैं?\r\n \r\n
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मेरठ पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इन छात्रों/युवाओं के पास ये असलहे (हथियार) लाइसेंसी थे या अवैध? फिलहाल, शहर के कई थानों की फोर्स आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। यह देखना अहम होगा कि पुलिस कितनी जल्दी इन 'गनबाजों' को सलाखों के पीछे पहुंचाती है।
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खबरीलाल न्यूज़ डेस्क अपने पाठकों से अपील करता है कि युवा वर्ग हिंसा और असलहों की संस्कृति से दूर रहें, क्योंकि एक छोटी सी रंजिश आपका पूरा भविष्य बर्बाद कर सकती है।
Sabse pehle comment karne wale banein.