मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसी सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। सदर बाजार इलाके के तेली मोहल्ले में एक पिता अपनी जवान बेटी की मौत के बाद उसके शव को दफनाने या जलाने के बजाय 5 महीने तक उसी के साथ एक ही छत के नीचे रहता रहा। जब शुक्रवार शाम रिश्तेदार घर पहुंचे, तब इस भयावह 'डार्क सीक्रेट' का खुलासा हुआ। कमरे के भीतर से बेटी का शव नहीं, बल्कि एक कंकाल बरामद हुआ है।READ ALSO:-वृंदावन में यमुना की लहरों का 'काल': 30 पर्यटकों से भरी नाव पलटी, पंजाब के 10 श्रद्धालुओं की मौत; क्षमता से दोगुने लोग सवार थे
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यह मामला किसी हॉरर फिल्म की पटकथा जैसा प्रतीत होता है। मूल रूप से बंगाल के रहने वाले उदय भानु बिस्वास ने अपनी बेटी प्रियंका बिस्वास की मौत को दुनिया से छिपाकर रखा और सड़ते हुए शव की दुर्गंध को दबाने के लिए परफ्यूम की दर्जनों बोतलों का सहारा लिया।
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रिश्तेदारों के आने पर खुला 'कंकाल' का राज
\r\n\r\nघटना का खुलासा तब हुआ जब शुक्रवार देर शाम उदय भानु बिस्वास के कुछ रिश्तेदार उनसे मिलने तेली मोहल्ले स्थित उनके घर पहुंचे। घर के भीतर कदम रखते ही वहां मौजूद असहनीय दुर्गंध ने उनके होश उड़ा दिए। जब उन्होंने घर की तलाशी ली, तो एक कमरे में प्रियंका का शव पड़ा मिला। 5 महीने बीत जाने के कारण शव पूरी तरह से गल चुका था और कंकाल में तब्दील हो गया था।
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खबर फैलते ही इलाके में सनसनी मच गई और सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और पिता उदय भानु को पकड़ लिया।
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शव के नाम पर बचा था सिर्फ एक पैर
\r\n\r\nमौके पर पहुंचे प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिसकर्मियों की मानें तो मंजर इतना भयावह था कि उसे देख पाना भी मुश्किल था। प्रियंका की मौत लगभग 150 दिन पहले हो चुकी थी।
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- \r\n कंकाल में तब्दील: शव पूरी तरह सड़ चुका था। मांस गलकर हड्डियों से अलग हो गया था।\r\n \r\n
- \r\n शारीरिक अवशेष: कमरे में जो अवशेष मिले, उनमें शव के नाम पर केवल एक पैर ही पहचाना जा रहा था, बाकी हिस्सा पूरी तरह कंकाल बन चुका था।\r\n \r\n
- \r\n गलाने की आशंका: शुरुआती चर्चाओं में यह भी बात सामने आ रही है कि पिता धीरे-धीरे शव को गलाने की कोशिश कर रहा था या फिर प्राकृतिक रूप से शव पूरी तरह विघटित (Decompose) हो चुका था।\r\n \r\n
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परफ्यूम की बोतलों से छिपाई गई 'मौत की बू'
\r\n\r\nपुलिस को तलाशी के दौरान घर के भीतर से परफ्यूम की खाली और भरी हुई कई बोतलें मिली हैं। पूछताछ में सामने आया कि जब शव सड़ने लगा और उससे भयंकर बदबू आने लगी, तो उदय भानु ने इसे बाहरी दुनिया से छिपाने के लिए परफ्यूम का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। वह दिन-रात कमरे और शव पर इत्र छिड़कता था ताकि पड़ोसियों को शक न हो। 5 महीने तक वह इसी गंध और कंकाल के बीच खाना खाता और सोता रहा।
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मुख्य बिंदु: एक नजर में
\r\n\r\n| \r\n विवरण \r\n | \r\n \r\n अहम जानकारी \r\n | \r\n
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| \r\n मृतका का नाम \r\n | \r\n \r\n प्रियंका बिस्वास \r\n | \r\n
| \r\n पिता (आरोपी) \r\n | \r\n \r\n उदय भानु बिस्वास (मूल निवासी- बंगाल) \r\n | \r\n
| \r\n घटनास्थल \r\n | \r\n \r\n तेली मोहल्ला, सदर बाजार, मेरठ \r\n | \r\n
| \r\n समय सीमा \r\n | \r\n \r\n लगभग 5 महीने (150 दिन) \r\n | \r\n
| \r\n खुलासे का कारण \r\n | \r\n \r\n रिश्तेदारों का अचानक घर पहुंचना \r\n | \r\n
| \r\n पुलिस कार्रवाई \r\n | \r\n \r\n पिता हिरासत में, शव मोर्चरी भेजा गया \r\n | \r\n
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पुलिस की जांच और अनसुलझे सवाल
\r\n\r\nसूचना मिलते ही सदर बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने शव के अवशेषों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम (मोर्चरी) के लिए भेज दिया है। उदय भानु बिस्वास को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया है, जहाँ उनसे सघन पूछताछ की जा रही है।
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पुलिस के सामने अब कई बड़े सवाल हैं:
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- \r\n प्रियंका की मौत प्राकृतिक थी या उसकी हत्या की गई थी?\r\n \r\n
- \r\n एक पिता ने अपनी बेटी के शव को 5 महीने तक घर में क्यों रखा? क्या वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है या इसके पीछे कोई तांत्रिक अनुष्ठान जैसी वजह है?\r\n \r\n
- \r\n इतने महीनों तक पड़ोसियों को इस सड़न की भनक क्यों नहीं लगी?\r\n \r\n
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मेरठ का यह 'हाउस ऑफ हॉरर' केस अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि प्रियंका की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी। फिलहाल, पुलिस इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
Sabse pehle comment karne wale banein.