मेरठ (विशेष संवाददाता): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पवित्र पर्व को पूरी तरह से शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में रविवार (24 मई 2026) को मेरठ की ऐतिहासिक शाही ईदगाह परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों और ईदगाह कमेटी के पदाधिकारियों के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शहर की कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और नमाज अदा करने के सुचारू तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई अहम फैसले लिए गए।READ ALSO:-बिजनौर में सफाई कर्मचारियों का फूटा गुस्सा: इंदिरा बाल भवन से कलेक्ट्रेट तक गूंजे नारे, कहा- 'ठेका प्रथा खत्म कर स्थायी करे सरकार'
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सर्वसम्मत ऐतिहासिक निर्णय: सड़क पर नहीं पढ़ी जाएगी नमाज
\r\n\r\nइस बैठक का सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि किसी भी परिस्थिति में ईद की नमाज सड़क पर अदा नहीं की जाएगी। पिछले कुछ वर्षों से उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप, मेरठ प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध जनों ने आपसी सहमति से यह तय किया है कि सार्वजनिक मार्गों पर नमाज पढ़ने से यातायात बाधित होता है और आम जनजीवन प्रभावित होता है।
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बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं, शहर काजी और ईदगाह कमेटी के सदस्यों ने प्रशासन के इस प्रस्ताव का पूर्ण रूप से समर्थन किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि समाज के सभी लोगों को इस नियम के बारे में जागरूक किया जाएगा। नमाज केवल ईदगाह के प्रांगण और शहर की विभिन्न मस्जिदों के तय परिसरों के भीतर ही अदा की जाएगी।
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शाही ईदगाह में सुबह 7 बजे मुकर्रर हुआ नमाज का समय
\r\n\r\nबैठक के दौरान 28 मई 2026 को मनाए जाने वाले ईद-उल-अजहा के पर्व के लिए नमाज के समय की आधिकारिक घोषणा की गई। तय कार्यक्रम के अनुसार, मेरठ की मुख्य शाही ईदगाह में सुबह ठीक 7:00 बजे ईद की विशेष नमाज अदा की जाएगी।
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प्रशासन ने नमाजियों से अपील की है कि वे समय से पहले ईदगाह पहुंचें ताकि बिना किसी हड़बड़ी के शांतिपूर्वक अपना स्थान ग्रहण कर सकें। सुबह के समय नमाज संपन्न हो जाने से दिन में होने वाले अन्य धार्मिक अनुष्ठानों और त्योहार से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को पूरा करने में भी लोगों को सहूलियत मिलेगी।
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प्लान बी (Plan B): भीड़ बढ़ने पर वैकल्पिक मस्जिदों का उपयोग
\r\n\r\nईद-उल-अजहा जैसे बड़े पर्व पर शाही ईदगाह में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ना स्वाभाविक है। ऐसे में यदि ईदगाह परिसर पूरी तरह भर जाता है और जगह कम पड़ जाती है, तो उसके लिए प्रशासन और कमेटी ने एक मजबूत 'बैकअप प्लान' तैयार किया है।
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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि ईदगाह में क्षमता से अधिक लोग आते हैं, तो अतिरिक्त नमाजियों को सम्मानपूर्वक शहर की अन्य मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए भेजा जाएगा। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए:
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- \r\n शहर काजी की जिम्मेदारी: शहर काजी की ओर से जल्द ही मेरठ की अन्य प्रमुख मस्जिदों की एक विस्तृत सूची जारी की जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n नमाज के अलग-अलग समय: इस सूची में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि किस मस्जिद में कितने बजे नमाज होगी।\r\n \r\n
- \r\n सूचना का प्रसार: इसका उद्देश्य यह है कि लोगों तक समय पर सही सूचना पहुंच सके, ताकि कोई भी अव्यवस्था न फैले और हर अकीदतमंद अपनी नमाज सुकून के साथ अदा कर सके।\r\n \r\n
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धर्मगुरुओं और ईदगाह कमेटी की मार्मिक अपील
\r\n\r\nत्योहार को उसकी मूल भावना के साथ मनाने के लिए मुस्लिम समाज के रहनुमाओं ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है।
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ईदगाह कमेटी के सचिव सलमान सब्जवारी ने बैठक के दौरान समाज के लोगों से खास अपील की। उन्होंने कहा, "ईद-उल-अजहा कुर्बानी और भाईचारे का त्योहार है। हम सभी का यह फर्ज है कि हम शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखें। प्रशासन हमारे सहयोग के लिए है, इसलिए हमें भी शासन-प्रशासन द्वारा बनाए गए नियमों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए।"
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वहीं, शहर काजी ने भी सभी नागरिकों से जिम्मेदारी का परिचय देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि त्योहार की खुशियों में यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि हमारी किसी भी गतिविधि से दूसरे समुदाय या आम जनता को कोई परेशानी न हो। उन्होंने स्पष्ट रूप से सरकारी गाइडलाइन का पालन करने और आपसी सौहार्द (गंगा-जमुनी तहजीब) को कायम रखने पर जोर दिया।
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प्रशासनिक अमले की चाक-चौबंद तैयारी: चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर
\r\n\r\nरविवार को हुई इस बैठक में प्रशासनिक और पुलिस महकमे के कई आला अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित अधिकारी:
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- \r\n एसीएम (ACM - Additional City Magistrate)\r\n \r\n
- \r\n एसएसपी (SSP - Senior Superintendent of Police) कार्यालय के प्रतिनिधि\r\n \r\n
- \r\n सीओ कैंट (CO Cantt)\r\n \r\n
- \r\n सीओ एलआईयू (CO LIU - Local Intelligence Unit)\r\n \r\n
- \r\n थाना प्रभारी एवं पुलिस बल: ब्रह्मपुरी, देहली गेट और रेलवे रोड थानों के पुलिस अधिकारी।\r\n \r\n
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यातायात और सुरक्षा प्रबंधन:
\r\n\r\nअधिकारियों ने बताया कि 28 मई को सुबह से ही शहर में विशेष यातायात डायवर्जन लागू किया जाएगा ताकि ईदगाह की ओर जाने वाले मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके अलावा, असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के लिए एलआईयू (खुफिया विभाग) को सक्रिय कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा सकती है।
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एक नजर में: ईद-उल-अजहा नमाज से जुड़े मुख्य दिशा-निर्देश
\r\n\r\nपाठकों की सुविधा के लिए प्रशासन और कमेटी द्वारा लिए गए निर्णयों का संक्षिप्त विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:
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| \r\n विवरण (Details) \r\n | \r\n \r\n जानकारी (Information) \r\n | \r\n
| \r\n पर्व का नाम \r\n | \r\n \r\n ईद-उल-अजहा (बकरीद) \r\n | \r\n
| \r\n नमाज की तिथि \r\n | \r\n \r\n 28 मई 2026 (गुरुवार) \r\n | \r\n
| \r\n मुख्य नमाज स्थल \r\n | \r\n \r\n शाही ईदगाह, मेरठ \r\n | \r\n
| \r\n नमाज का समय \r\n | \r\n \r\n सुबह 7:00 बजे \r\n | \r\n
| \r\n प्रशासन का मुख्य निर्देश \r\n | \r\n \r\n सड़क/सार्वजनिक मार्गों पर नमाज पूरी तरह प्रतिबंधित \r\n | \r\n
| \r\n वैकल्पिक व्यवस्था \r\n | \r\n \r\n भीड़ बढ़ने पर शहर काजी द्वारा जारी सूची के अनुसार अन्य मस्जिदों में नमाज \r\n | \r\n
| \r\n सुरक्षा जिम्मेदारी \r\n | \r\n \r\n स्थानीय पुलिस, पीएसी (PAC), और एलआईयू की विशेष निगरानी \r\n | \r\n
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मेरठ प्रशासन और ईदगाह कमेटी के बीच हुई यह बैठक इस बात का प्रमाण है कि संवाद और आपसी सहयोग से किसी भी बड़े आयोजन को सफलतापूर्वक और शांतिपूर्वक संपन्न कराया जा सकता है। सड़क पर नमाज न पढ़ने का सर्वसम्मत निर्णय न केवल प्रशासनिक नियमों का पालन है, बल्कि यह नागरिक कर्तव्यों के प्रति एक जागरूक समाज की पहचान भी है। अब यह मेरठ के नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे इन दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस पवित्र पर्व को हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं।
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