मेरठ (Meerut News): पूरे देश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में भी 28 तारीख को अकीदत और भाईचारे का प्रतीक 'ईद' का त्योहार पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने का प्रस्ताव है। ईद को लेकर बाजारों में जहां एक तरफ रौनक बढ़ गई है, वहीं दूसरी तरफ जिला और पुलिस प्रशासन ने त्योहार को पूरी तरह से शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए अपनी कमर कस ली है। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने और त्योहार के जश्न में कोई खलल न पड़े, इसके लिए मेरठ के जिलाधिकारी (DM) डॉ. वीके सिंह ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों के साथ समन्वय स्थापित कर लिया है।READ ALSO:-हल्दौर में बेखौफ दबंगों का तांडव: बीच सड़क पर मां-बेटी को बेरहमी से पीटा, सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
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ईद की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्च स्तरीय 'केंद्रीय शांति समिति' की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रशासन के कड़े तेवर और स्पष्ट नीतियां देखने को मिलीं। आइए विस्तार से जानते हैं कि मेरठ में इस बार ईद को लेकर प्रशासन ने क्या-क्या मास्टर प्लान तैयार किए हैं।
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शांति समिति की बैठक: नागरिक सुविधाओं पर रहा सबसे ज्यादा जोर

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त्योहार के दिन आम जनता और नमाजियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय शांति समिति की बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त करने पर जोर दिया गया:
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    सड़क मरम्मत और गड्ढामुक्ति: नगर निगम और पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि शहर की प्रमुख सड़कों, विशेषकर उन रास्तों की तत्काल मरम्मत की जाए जो मुख्य ईदगाहों और बड़ी मस्जिदों की तरफ जाते हैं।
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    निर्बाध बिजली और पेयजल आपूर्ति: भीषण गर्मी को देखते हुए जल निगम और बिजली विभाग (PVVNL) को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि नमाज के समय और पूरे त्योहार के दौरान बिजली की कटौती बिल्कुल न की जाए। मस्जिदों के आसपास पीने के पानी (पेयजल) की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पानी के टैंकर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
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    साफ-सफाई और अपशिष्ट निस्तारण: नगर निगम, शहरी स्थानीय निकायों (ULB) और ग्रामीण क्षेत्रों में डीपीआरओ (DPRO) तथा ब्लॉक अधिकारियों के माध्यम से युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है। ईदगाहों के आसपास चूने का छिड़काव और कूड़े के ढेर को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
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    स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत: रात के समय आवाजाही में कोई परेशानी न हो, इसके लिए खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत बदलने का काम शुरू कर दिया गया है।
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'नो न्यू ट्रेडिशन': कोई भी नई परंपरा शुरू करने की नहीं होगी अनुमति

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मेरठ हमेशा से ही एक संवेदनशील जिला रहा है, इसलिए प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बैठक में कड़े शब्दों में यह स्पष्ट किया है कि ईद के त्योहार पर पिछले वर्ष की तरह ही व्यवस्थाएं लागू रहेंगी। शहर या देहात के किसी भी इलाके में 'किसी भी नई परंपरा की शुरुआत करने की अनुमति कतई नहीं दी जाएगी।'
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इसका सीधा अर्थ यह है कि नमाज उन्हीं तय स्थानों पर होगी जहां वर्षों से होती आ रही है। रास्तों को रोककर या बिना अनुमति के किसी नए स्थान पर सार्वजनिक आयोजन करने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्ती से निपटेगा। उन्होंने सभी धर्मगुरुओं और शांति समिति के सदस्यों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को शांतिपूर्ण ढंग से और तय नियमों के मुताबिक त्योहार मनाने के लिए जागरूक करें।
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जनपद का विशाल पैमाना: 180 ईदगाह और 1200 मस्जिदों में गूंजेगी दुआएं

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मेरठ जनपद में ईद का त्योहार कितने बड़े पैमाने पर मनाया जाता है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे जिले में छोटी-बड़ी मिलाकर लगभग 180 ईदगाह और 1200 मस्जिदें मौजूद हैं। त्योहार के दिन सुबह से ही इन सभी स्थानों पर लाखों अकीदतमंद नमाज अदा करने पहुंचेंगे।
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इतनी भारी भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। हालांकि, प्रशासन ने समाज के प्रबुद्ध जनों के साथ मिलकर यह आश्वस्त किया है कि नमाज के बाद सभी लोग शांतिपूर्वक अपने-अपने घरों को लौटेंगे और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करेंगे।
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परिंदा भी पर न मार सके: पूरे जिले में सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट तैनात

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सुरक्षा व्यवस्था में कोई भी चूक न हो, इसके लिए पूरे मेरठ जनपद (शहरी और ग्रामीण) को कई जोनों (Zones) और सेक्टरों (Sectors) में विभाजित कर दिया गया है। हर जोन की जिम्मेदारी एक वरिष्ठ 'जोनल मजिस्ट्रेट' को और हर सेक्टर की जिम्मेदारी 'सेक्टर मजिस्ट्रेट' को सौंपी गई है।
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ये सभी मजिस्ट्रेट पुलिस अधिकारियों (CO और SHOs) के साथ लगातार समन्वय में रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति या विवाद की सूचना मिलने पर ये टीमें कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में सक्षम होंगी।
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हाई-टेक सुरक्षा तंत्र: ड्रोन और CCTV कैमरों से चप्पे-चप्पे की निगरानी

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जमीनी पुलिसिंग के साथ-साथ इस बार मेरठ पुलिस हाई-टेक तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल कर रही है। जिलाधिकारी और पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि पुलिस विभाग की ओर से सुरक्षा का ब्लूप्रिंट पूरी तरह से तैयार है।
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    ड्रोन से आसमान से नजर: भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों, संकरी गलियों और मुख्य ईदगाहों के ऊपर पुलिस के अत्याधुनिक 'ड्रोन कैमरे' (Drone Cameras) मंडराते रहेंगे। ये ड्रोन छतों और रास्तों पर नजर रखेंगे ताकि कोई भी असामाजिक तत्व छिपकर कोई साजिश न रच सके।
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    CCTV नेटवर्क: शहर के प्रमुख चौराहों और मस्जिदों के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को पुलिस कंट्रोल रूम (Integrated Command and Control Centre) से जोड़ दिया गया है। यहां 24 घंटे अधिकारियों की एक टीम मॉनिटरिंग करेगी।
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    सोशल मीडिया पर साइबर सेल का पहरा: सिर्फ जमीन पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी पुलिस की पैनी नजर है। साइबर सेल (Cyber Cell) की टीमें व्हाट्सएप, फेसबुक और एक्स (ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। भड़काऊ पोस्ट करने, अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वालों को तुरंत ट्रेस कर उनके खिलाफ आईटी एक्ट और एनएसए (NSA) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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प्रशासन की अपील और मुस्तैदी

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जिला प्रशासन ने मेरठ के सभी नागरिकों से यह अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस-प्रशासन का सहयोग करें। यदि कोई भी व्यक्ति संदिग्ध गतिविधि करता हुआ दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन (112) पर सूचना दें।
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ईद का यह त्योहार आपसी प्रेम, त्याग और भाईचारे का संदेश देता है। मेरठ पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सजग, सतर्क और मुस्तैद है ताकि हर नागरिक इस पावन पर्व को बिना किसी डर के, पूरे उत्साह और शांति के साथ अपने परिवार के साथ मना सके। नगर निगम, पुलिस विभाग और बिजली विभाग की संयुक्त मुस्तैदी से उम्मीद है कि इस बार भी मेरठ में ईद का त्योहार एक शानदार और ऐतिहासिक मिसाल बनकर उभरेगा।
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