उत्तर प्रदेश के मेरठ में साइबर ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस बार साइबर ठगों ने रिश्तेदार बनकर एक व्यक्ति के खाते से 85 हजार रुपये उड़ा दिए। ठग ने पीड़ित को विश्वास दिलाया कि उसने उसके अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए हैं, जिसके बाद पीड़ित ने बिना जांच किए अपने खाते से पैसे वापस भेज दिए। धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद साइबर टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। READ ALSO:-रील का 'खूनी' जुनून! मेरठ हाईवे पर चलती कार को बनाया 'पटाखा लॉन्चर', पेट्रोल पंप के पास मौत को दावत, SSP बोले- 'बख्शे नहीं जाएंगे'
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अनजान कॉल और झूठा भरोसे का मैसेज

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रेलवे रोड थाना क्षेत्र के आनंदपुरी में रहने वाले वंश जैन और उनके भाई मोहित इस ठगी का शिकार हुए हैं।
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    ठगी का जाल: वंश जैन ने बताया कि उनके भाई मोहित के मोबाइल नंबर पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को उनका रिश्तेदार बताया और मोहित से कहा कि उसने गलती से उनके खाते में 85 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए हैं।
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    भरोसे का दांव: ठग ने मोहित को और भरोसा दिलाने के लिए एक फर्जी मैसेज भी भेजा, जिसमें 85 हजार रुपये ट्रांसफर होने की बात लिखी थी।
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बिना जांच किए ट्रांसफर करना पड़ा भारी

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मोहित को उस व्यक्ति की बातों और मैसेज पर इतना भरोसा हो गया कि उन्होंने बिना बैंक खाते की जांच किए यह नहीं सोचा कि वह व्यक्ति फर्जी हो सकता है।
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    पैसे ट्रांसफर: मोहित को लगा कि गलती से आए पैसे वापस करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने तुरंत अपने खाते से 85 हजार रुपये उस अनजान नंबर से जुड़े खाते में ट्रांसफर कर दिए।
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    फ्रॉड का खुलासा: पैसे ट्रांसफर होने के तुरंत बाद कॉल कट गई और दोबारा नहीं मिली। वंश जैन को शक होने पर जब उन्होंने बैंक खाते की जांच कराई, तो पता चला कि उनके खाते में कोई रकम नहीं आई थी। इस तरह उन्हें साइबर ठगी का शिकार होने का पता चला।
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1930 पर शिकायत और पुलिस जांच

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ठगी होने के बाद पीड़ित परिवार ने त्वरित कार्रवाई की।
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    तत्काल शिकायत: वंश जैन ने बताया कि उन्होंने धोखाधड़ी होने के तुरंत बाद राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर डायल करके अपनी शिकायत दर्ज कराई।
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    थाना पुलिस की कार्रवाई: 1930 पर शिकायत के बाद उन्हें क्षेत्रीय थाने जाने के लिए कहा गया। रेलवे रोड थाना पुलिस ने पीड़ित की लिखित शिकायत पर तुरंत बैंक से संपर्क किया और उस खाते की डिटेल्स निकलवाई जिसमें पैसा ट्रांसफर हुआ था।
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    पुलिस की जांच: रेलवे रोड पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि क्या वह रकम एक ही खाते में ट्रांसफर हुई है या साइबर ठगों ने उसे तुरंत कई अन्य खातों में भेज दिया है। साइबर टीम इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
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साइबर जागरूकता की जरूरत

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मेरठ में साइबर फ्रॉड की यह घटना एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी देती है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अनजान नंबर से आने वाली किसी भी कॉल पर भरोसा न करें, खासकर जब पैसे ट्रांसफर करने की बात हो। किसी भी लेनदेन से पहले हमेशा अपने बैंक खाते की आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें।
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