मेरठ (Khabreelal News Desk): उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में अपराध और धोखे की एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे शहर को सन्न कर दिया है। शहर के व्यस्त और पॉश इलाके पीएल शर्मा रोड पर एक युवा और होनहार कोचिंग संचालिका की उसके ही बिजनेस पार्टनर ने बेहद बेरहमी से हत्या कर दी। कातिल इतना शातिर था कि उसने इस संगीन जुर्म को अंजाम देने के बाद पुलिस और कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए इसे आत्महत्या (Suicide) का रूप देने की खौफनाक साजिश रची। लेकिन मेरठ पुलिस की पैनी नजर और गहन तफ्तीश के सामने उसकी एक न चली और हत्या का यह राज बेनकाब हो गया।READ ALSO:-RBI का बड़ा फैसला: कर्ज न चुकाने वाले डिफॉल्टर्स अब अपनी जब्त संपत्ति सस्ते में वापस नहीं खरीद पाएंगे
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मृतका की पहचान 30 वर्षीय पूजा के रूप में हुई है, जो पीएल शर्मा रोड पर एक 'डिजिटल मार्केटिंग कोचिंग सेंटर' चलाती थी। लालकुर्ती थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए हत्यारोपी पार्टनर कपिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है और उसे कोर्ट में पेश करने के बाद सलाखों के पीछे (जेल) भेज दिया गया है।
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तरक्की के सपने और डिजिटल मार्केटिंग कोचिंग की शुरुआत

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पुलिस की जांच और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के पोदीवाड़ा इलाके की रहने वाली पूजा (पुत्री जनेश्वर) एक बेहद महत्वाकांक्षी और मेहनती युवती थी। वह अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थी और युवाओं को डिजिटल दुनिया का हुनर सिखाना चाहती थी। इसी सपने को पूरा करने के लिए उसने कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की वैष्णो धाम कॉलोनी के रहने वाले कपिल कुमार के साथ हाथ मिलाया था।
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आज से करीब डेढ़ वर्ष पहले, पूजा और कपिल ने मिलकर पीएल शर्मा रोड जैसी प्राइम लोकेशन पर एक 'डिजिटल मार्केटिंग कोचिंग सेंटर' की शुरुआत की थी। शुरुआत में सब कुछ ठीक चल रहा था। दोनों ने मिलकर इस कोचिंग सेंटर में अपना समय, पैसा और भविष्य का सपना निवेश किया था। लेकिन समय के साथ उनके इस कारोबारी सफर में परेशानियां आनी शुरू हो गईं।
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बंद कोचिंग, खुलती दरारें और पैसों का खूनी खेल

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बाजार की मंदी या आपसी विवाद के चलते यह कोचिंग सेंटर पिछले कुछ समय से पूरी तरह बंद चल रहा था। बंद कोचिंग के कारण दोनों भागीदारों (पूजा और कपिल) के बीच आर्थिक तंगी बढ़ने लगी। पुलिस जांच में यह बात प्रमुखता से सामने आई है कि कोचिंग के बंद रहने और पैसों के लेनदेन (हिसाब-किताब) को लेकर पूजा और कपिल के बीच लगातार विवाद चल रहा था। पैसों की यह खटास उनके कारोबारी रिश्ते में नफरत का जहर घोल रही थी।
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तमाम विवादों के बावजूद, किसी तरह सुलह करके लगभग चार दिन पहले ही इस बंद पड़े कोचिंग सेंटर को दोबारा खोला गया था। पूजा को उम्मीद थी कि शायद अब हालात सुधर जाएंगे और उनका व्यवसाय फिर से पटरी पर लौट आएगा। लेकिन उसे इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि दोबारा खुले कोचिंग सेंटर के दरवाजे उसके लिए मौत का रास्ता बन जाएंगे।
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गुरुवार की खौफनाक शाम: गला दबाया और फंदे से लटकाया

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बृहस्पतिवार (गुरुवार) की शाम पूजा रोजमर्रा के काम से अपने कोचिंग सेंटर पर पहुंची थी। इसी दौरान वहां उसका पार्टनर कपिल कुमार भी मौजूद था। पुलिस के मुताबिक, कोचिंग सेंटर के अंदर दोनों के बीच पैसों के लेनदेन और पुराने हिसाब को लेकर एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई। यह बहस इतनी हिंसक हो गई कि कपिल के सिर पर खून सवार हो गया।
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आरोपी कपिल ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए पूजा पर जानलेवा हमला कर दिया और बेरहमी से उसका गला दबा दिया। दम घुटने से पूजा की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। हत्या करने के बाद कपिल घबरा गया, लेकिन वह एक शातिर अपराधी की तरह सोचने लगा। खुद को कानून के फंदे से बचाने और पुलिस की जांच को गुमराह करने के लिए उसने पूजा के बेजान शव को कोचिंग सेंटर में ही एक फंदे से लटका दिया, ताकि देखने वालों और पुलिस को यह लगे कि पूजा ने मानसिक तनाव या आर्थिक परेशानी के चलते खुदकुशी (Suicide) कर ली है।
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पिता की तहरीर और पुलिस की जांच में खुला राज

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शाम को जब पूजा की मौत की खबर उसके परिवार वालों को मिली, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मृतका के पिता जनेश्वर बदहवास हालत में पीएल शर्मा रोड स्थित कोचिंग सेंटर पहुंचे। बेटी का शव देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल था। पिता को पहली नजर में ही यह समझ आ गया था कि उनकी बहादुर बेटी कभी आत्महत्या नहीं कर सकती, बल्कि यह एक सोची-समझी हत्या है।
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पिता जनेश्वर ने तुरंत लालकुर्ती थाने पहुंचकर आरोपी कपिल कुमार के खिलाफ अपनी बेटी की हत्या की नामजद एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज कराई। सूचना मिलते ही लालकुर्ती थाना पुलिस की टीम और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने सबसे पहले शव को फंदे से उतारा और उसे कब्जे में लेकर गहराई से मुआयना किया। पुलिस की प्रारंभिक जांच और मौका-ए-वारदात के साक्ष्यों ने कपिल की 'आत्महत्या' वाली झूठी कहानी की पोल खोल दी। गले पर मिले निशान और घटनास्थल के हालात साफ चीख-चीख कर गवाही दे रहे थे कि यह खुदकुशी नहीं, बल्कि गला दबाकर की गई निर्मम हत्या है। पुलिस ने बिना समय गंवाए शव को सील कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया।
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पुलिस का सख्त एक्शन: हत्यारा कपिल जेल की सलाखों के पीछे

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लालकुर्ती पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज होने और साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी कपिल कुमार की तलाश शुरू कर दी। हत्यारा कपिल भागने की फिराक में था, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा। पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी ज्यादा देर तक अपने झूठ पर टिक नहीं सका और उसने पैसों के विवाद में पूजा की गला दबाकर हत्या करने का अपना जुर्म कबूल कर लिया।
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मेरठ पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हत्यारोपी पार्टनर कपिल को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत (Jail) में भेज दिया गया है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होंगे अंतिम खुलासे

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फिलहाल पुलिस को अब पूजा की विस्तृत पोस्टमार्टम (Post-mortem) रिपोर्ट का इंतजार है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का सही समय, मौत का सटीक कारण (गला घोंटना) और हत्या से पहले हुए किसी भी प्रकार के संघर्ष (Struggle) के वैज्ञानिक प्रमाण मिल सकेंगे, जो अदालत में आरोपी कपिल को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे। इस खौफनाक वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पैसों का लालच और अंधा स्वार्थ इंसान को किस कदर हैवान बना सकता है। शहर में इस घटना को लेकर भारी रोष है और लोग आरोपी के लिए सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।
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डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार पुलिस की प्रारंभिक जांच, मृतका के परिजनों (पिता जनेश्वर) द्वारा थाने में दी गई तहरीर और पुलिस अधिकारियों के बयानों पर आधारित है। Khabreelal News इस मामले में दर्ज एफआईआर के तथ्यों को ही रिपोर्ट कर रहा है। मामला वर्तमान में माननीय न्यायालय और पुलिस की विस्तृत विवेचना के अधीन है। कानूनी प्रक्रिया के तहत किसी भी व्यक्ति को तब तक पूर्ण रूप से दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब तक कि सक्षम न्यायालय द्वारा उसे सजा न सुनाई जाए।
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