मेरठ (Khabreelal.com विशेष प्रॉपर्टी रिपोर्ट): अगर आप मेरठ (Meerut) शहर या इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में अपना घर, दुकान या जमीन खरीदने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अपने इस सपने को 1 अगस्त से पहले पूरा कर लें, क्योंकि इसके बाद आपको अपनी जेब अधिक ढीली करनी पड़ सकती है। मेरठ जनपद में आगामी 1 अगस्त से जमीनों और संपत्तियों के 'सर्किल रेट' (Circle Rate) में भारी बदलाव और बढ़ोतरी होने जा रही है।READ ALSO:-मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा-2026 की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था: पहली बार 'AI' कैमरों की पैनी नजर, चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहेगी खाकी
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
लंबे समय बाद, पिछले साल ही जनपद में सर्किल रेट संशोधित किए गए थे, लेकिन इस बार का बदलाव केवल दरों में वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया (Property Registration) को एक नए 'मानकीकृत' (Standardized) सिस्टम में ढालने की बड़ी कवायद है। निबंधन (रजिस्ट्री) विभाग के अधिकारियों ने इस नई व्यवस्था का पूरा खाका और मानकीकृत सूची तैयार करके जिलाधिकारी (DM) को सौंप दी है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
आइए खबरीलाल की इस विस्तृत रिपोर्ट में समझते हैं कि इस नई मानकीकृत सूची का क्या अर्थ है, किन इलाकों में सर्किल रेट बढ़ेंगे, किन गांवों को छूट मिलेगी और संपत्ति खरीदारों पर इसका क्या सीधा असर पड़ेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
क्या है 'मानकीकृत सर्किल रेट सूची' और क्यों पड़ी इसकी जरूरत? संपत्ति खरीदते समय स्टांप शुल्क (Stamp Duty) की गणना अक्सर एक जटिल और विवादित प्रक्रिया रही है। अलग-अलग जिलों, तहसीलों और यहां तक कि मोहल्लों में इसका तरीका भिन्न होता था। इसी विसंगति को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश के महानिरीक्षक निबंधन (IG Registration) ने पूरे प्रदेश में एकसमान व्यवस्था लागू करने का सख्त आदेश दिया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस आदेश के तहत पूरे प्रदेश में स्टांप शुल्क की गणना को आसान, सुविधाजनक और पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए एक 'मानकीकृत सर्किल रेट सूची' (Standardized Circle Rate List) तैयार कराई गई है। इससे अधिकारियों के पास मनमानी करने का कोई विकल्प नहीं बचेगा और आम जनता को पहले से पता होगा कि उनकी संपत्ति पर कितना स्टांप शुल्क लगेगा। निबंधन अधिकारियों ने यह सूची तैयार कर ली है और इसके साथ ही पुराने सर्किल रेट में वृद्धि का एक विस्तृत प्रस्ताव भी बनाया है, जिसे 1 अगस्त से लागू करने की पूरी तैयारी है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
अधिकतम 25 श्रेणियों में बांटी गईं संपत्तियां इस नई मानकीकृत सूची को बेहद वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया गया है। शहर, कस्बों और गांवों के मोहल्लों व क्षेत्रों को उनके व्यावसायिक और भौगोलिक महत्व के आधार पर अधिकतम 25 श्रेणियों (Categories) में विभाजित किया गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इनमें से प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग संपत्तियों— जैसे कृषि भूमि (Agricultural), आवासीय (Residential), व्यावसायिक (Commercial) और औद्योगिक (Industrial) संपत्तियों की दरें स्पष्ट रूप से तय की गई हैं। इससे यह तय करना आसान होगा कि कोई जमीन किस उपयोग में आ रही है और उस पर कितना सर्किल रेट लागू होना चाहिए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
डीएम डॉ. वीके सिंह की बड़ी राहत: इन गांवों में नहीं बढ़ेंगे सर्किल रेट सर्किल रेट बढ़ने की खबरों के बीच मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह (DM Dr. VK Singh) ने एक अहम फैसला लेते हुए कुछ क्षेत्रों को बड़ी राहत दी है। डीएम ने नई दरों को लागू करने से पहले जिले की सभी तहसीलों और प्रशासनिक अधिकारियों से ऐसे गांवों की विस्तृत सूची मांगी है, जो वर्तमान में किसी भी 'सरकारी विकास योजना' (Government Development Schemes) से प्रभावित हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
डीएम के इस निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (एडीएम) वित्त ने एडीएम प्रशासन तथा एडीएम भूमि अध्याप्ति (Land Acquisition) को पत्र भेजकर तत्काल ऐसे गांवों की सूची उपलब्ध कराने को कहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    छूट का कारण: नियम के अनुसार, जिन क्षेत्रों या गांवों में राष्ट्रीय राजमार्ग (Highways), एक्सप्रेसवे (Expressways), रेलवे लाइन या किसी अन्य सरकारी प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही होती है, वहां सर्किल रेट में कोई बदलाव या वृद्धि नहीं की जाती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजे के निर्धारण में कोई कानूनी या आर्थिक पेंच न फंसे। इन चिन्हित गांवों के किसानों और भूस्वामियों के लिए पुराने रेट ही लागू रहेंगे।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
अतिरिक्त स्टांप शुल्क (Premium) के नियमों में भी आई एकरूपता अब तक संपत्तियों की विशेष लोकेशन के आधार पर लगने वाले अतिरिक्त स्टांप शुल्क के नियम हर जिले में अलग-अलग थे। उदाहरण के लिए, यदि आपकी संपत्ति राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे, राज्य राजमार्ग, जिला मार्ग पर स्थित है, या वह पार्क फेसिंग (Park Facing) है, या फिर वह किसी चौराहे (Corner Plot) पर है, तो उस पर प्रीमियम देना होता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पहले कुछ जगहों पर सीधे सर्किल रेट बढ़ा दिया जाता था, तो कहीं मूल सर्किल रेट पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क जोड़ा जाता था। नई मानकीकृत सूची इस झंझट को खत्म कर देगी। नए नियमों के तहत, मूल सर्किल रेट तो फिक्स (Fixed) रहेंगे, लेकिन यदि संपत्ति में ऊपर बताई गई कोई भी 'विशेषता' (Premium Feature) है, तो उस पर एक निश्चित 'प्रतिशत' (Percentage) के रूप में अतिरिक्त स्टांप शुल्क लिया जाएगा। यह प्रतिशत पूरे प्रदेश में एकसमान होगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बाजार भाव और सर्किल रेट का बड़ा अंतर बनी वृद्धि की वजह आखिर सर्किल रेट क्यों बढ़ाए जा रहे हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए एआईजी निबंधन (AIG Registration), शर्मा नवीन कुमार एस ने बताया कि आईजी निबंधन के आदेश के मुताबिक जो हालिया सर्वे किया गया, उसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सर्वे में पाया गया कि मेरठ के कई पॉश और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में संपत्ति का वास्तविक 'बाजार भाव' (Market Rate) मौजूदा सरकारी 'सर्किल रेट' से बहुत ज्यादा है। सर्किल रेट और बाजार भाव में यह भारी अंतर न केवल सरकारी राजस्व (Revenue) का नुकसान कर रहा है, बल्कि इससे संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में 'ब्लैक मनी' (नकद लेन-देन) को भी बढ़ावा मिलता है। इसी खाई को पाटने के लिए ऐसे सभी स्थानों के सर्किल रेट में भारी वृद्धि का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आम जनता के लिए खबरीलाल की सलाह आईजी ने इस संशोधित और मानकीकृत सूची को 1 अगस्त से प्रभावी करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, इस पर अंतिम मुहर और निर्णय मेरठ के जिलाधिकारी द्वारा ही लिया जाएगा। अगर आप मेरठ में कोई संपत्ति खरीदने का मन बना चुके हैं और टोकन मनी दे चुके हैं, तो आपके लिए हमारी सलाह यही है कि 31 जुलाई से पहले अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री (बैनामा) जरूर करवा लें। 1 अगस्त के बाद बढ़ा हुआ सर्किल रेट लागू होने से आपको लाखों रुपये का अतिरिक्त स्टांप शुल्क चुकाना पड़ सकता है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन