मेरठ/उत्तर प्रदेश: देश के भविष्य और विकास की नई रूपरेखा तय करने के लिए उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में 'जनगणना 2027' (Census 2027) का शंखनाद हो चुका है। इस बार की जनगणना अपने आप में बेहद खास और ऐतिहासिक है, क्योंकि इतिहास में पहली बार यह पूरी प्रक्रिया पेपरलेस (कागज रहित) और पूरी तरह से 'डिजिटल' होने जा रही है।READ ALSO:-चार धाम यात्रा में साइबर ठगों का 'मायाजाल': हेलीकॉप्टर और होटल बुकिंग के नाम पर हो रही भारी लूट, गृह मंत्रालय और UP पुलिस का हाई अलर्ट
\r\n\r\n\r\n\r\n
प्रशासन ने नागरिकों को एक बड़ी सहूलियत देते हुए 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) का विकल्प दिया है। इसका सीधा सा अर्थ यह है कि अब आपको अपनी जानकारी दर्ज कराने के लिए किसी सरकारी कर्मचारी के आपके घर आने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आप अपने स्मार्टफ़ोन, कंप्यूटर या लैपटॉप के जरिए कुछ ही मिनटों में अपना और अपने परिवार का पूरा विवरण सरकारी पोर्टल पर सुरक्षित रूप से दर्ज कर सकते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
पोर्टल हुआ लाइव: 7 से 21 मई तक आपके पास है मौका
\r\n\r\nजनगणना विभाग द्वारा आधिकारिक स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in को आम जनता के लिए लाइव कर दिया गया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n समय सीमा: यह पोर्टल 7 मई से 21 मई 2026 तक खुला रहेगा।\r\n \r\n
- \r\n कैसे करें इस्तेमाल: नागरिक इस वेबसाइट पर जाकर अपने मोबाइल नंबर का उपयोग करके लॉगिन कर सकते हैं। ओटीपी (OTP) के जरिए वेरिफिकेशन होने के बाद एक डिजिटल फॉर्म खुलेगा। इस फॉर्म में मुख्य रूप से 33 सवाल पूछे गए हैं।\r\n \r\n
- \r\n फायदा: जो लोग नौकरीपेशा हैं या दिन के समय घर पर नहीं रहते, उनके लिए यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। आप रात में या छुट्टी के दिन आराम से बैठकर अपनी जानकारी भर सकते हैं। फॉर्म पूरा भरने के बाद एक 'रेफरेंस नंबर' जेनरेट होगा, जिसे आपको भविष्य के लिए सुरक्षित रखना है।\r\n \r\n
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
तैयार रखें अपनी जानकारी: स्व-गणना फॉर्म में पूछे जाएंगे ये 33 अहम सवाल
\r\n\r\nपोर्टल पर जो फॉर्म उपलब्ध कराया गया है, वह बहुत ही सरल और यूजर-फ्रेंडली है। सरकार इन सवालों के जरिए देश के बुनियादी ढांचे, रहन-सहन के स्तर और आर्थिक स्थिति का सटीक आकलन करना चाहती है।
\r\n\r\nआपकी सुविधा के लिए इन 33 सवालों की पूरी सूची को हमने अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है, ताकि आप पोर्टल पर जाने से पहले अपने जवाब तैयार रख सकें:
\r\n\r\n\r\n\r\n
भवन और मकान की भौतिक स्थिति:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n भवन संख्या: (नगर निगम या पंचायत द्वारा आवंटित)\r\n \r\n
- \r\n भवन के फर्श की मुख्य सामग्री: (आपके घर का फर्श कैसा है—मड, वुड, टाइल्स, या सीमेंट?)\r\n \r\n
- \r\n दीवार की मुख्य सामग्री: (कच्ची ईंट, पक्की ईंट, पत्थर, या लकड़ी)\r\n \r\n
- \r\n भवन की छत की मुख्य सामग्री: (छप्पर, टिन शेड, आरसीसी/लौह-सीमेंट)\r\n \r\n
- \r\n भवन के उपयोग की स्थिति: (क्या यह सिर्फ रहने के लिए है, या इसमें दुकान/कारोबार भी है?)\r\n \r\n
- \r\n मकान की स्थिति: (जीर्ण-शीर्ण, अच्छी, या केवल रहने योग्य)\r\n \r\n
- \r\n मकान के स्वामित्व की स्थिति: (क्या यह मकान आपका अपना है, या आप किराए पर रहते हैं?)\r\n \r\n
- \r\n मकान में कमरों की संख्या: (रहने वाले कमरों की कुल संख्या)\r\n \r\n
\r\n\r\n
परिवार और मुखिया का जनसांख्यिकीय विवरण: 9. परिवार क्रमांक: (हाउसहोल्ड नंबर) 10. परिवार में कुल सदस्यों की संख्या: (घर में रहने वाले सभी लोगों की गिनती) 11. परिवार के मुखिया का नाम: (जिसके नाम से घर चलता है) 12. परिवार के मुखिया का लिंग: (पुरुष, महिला, या ट्रांसजेंडर) 13. परिवार के मुखिया की सामाजिक श्रेणी: (SC, ST, OBC, या सामान्य वर्ग) 14. परिवार में विवाहित जोड़ों की संख्या: (घर में कितने शादीशुदा जोड़े रहते हैं)
\r\n\r\n\r\n\r\n
बुनियादी सुविधाएं (पानी, बिजली और स्वच्छता): 15. पीने के पानी का मुख्य स्रोत: (टैप वाटर, हैंडपंप, बोरवेल, या कुआं) 16. पीने के पानी की उपलब्धता: (पानी का स्रोत घर के अंदर है, अहाते में है, या बाहर से लाना पड़ता है?) 17. बिजली का मुख्य स्रोत: (पावर ग्रिड, सोलर पैनल, जनरेटर, या मिट्टी का तेल) 18. शौचालय की सुविधा: (हां या नहीं) 19. शौचालय का प्रकार: (फ्लश सिस्टम, सीवर लाइन से जुड़ा, या गड्ढे वाला) 20. गंदे पानी की निकासी: (नाली बंद है, खुली है, या कोई नाली नहीं है) 21. स्नानघर की उपलब्धता: (घर के अंदर अलग बाथरूम है या नहीं)
\r\n\r\n\r\n\r\n
रसोई और ईंधन की जानकारी: 22. रसोई घर की सुविधा: (अलग रसोईघर है, या कमरे में ही खाना बनता है) 23. खाना पकाने का मुख्य ईंधन: (एलपीजी, लकड़ी, कंडा/उपला, या कोयला) 24. गैस कनेक्शन: (क्या आपके पास LPG, PNG या CNG कनेक्शन है?)
\r\n\r\n\r\n\r\n
घरेलू संपत्तियां, गैजेट्स और परिवहन: 25. रेडियो, ट्रांजिस्टर की उपलब्धता: (हां/नहीं) 26. टेलीविजन की उपलब्धता: (हां/नहीं) 27. इंटरनेट की सुविधा: (घर में ब्रॉडबैंड या मोबाइल इंटरनेट है या नहीं) 28. लैपटॉप, कंप्यूटर की उपलब्धता: (हां/नहीं) 29. टेलीफोन, मोबाइल, स्मार्टफोन की उपलब्धता: (बेसिक फोन है या स्मार्टफोन) 30. साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड की उपलब्धता: (दोपहिया वाहन की जानकारी) 31. कार, जीप, वैन की उपलब्धता: (चारपहिया वाहन की जानकारी) 32. परिवार के मुखिया का मोबाइल नंबर: (संपर्क के लिए)
\r\n\r\n\r\n\r\n
(नोट: ऊपर दिए गए 32 बिंदुओं के साथ-साथ परिवार के सदस्यों के व्यक्तिगत विवरण जैसे- आयु, शिक्षा और पेशे से जुड़े उप-प्रश्न मिलाकर कुल 33 मुख्य डेटा पॉइंट्स भरे जाने हैं।)
\r\n\r\n\r\n\r\n
22 मई से शुरू होगा दूसरा चरण: डोर-टू-डोर (घर-घर) सर्वे
\r\n\r\nजो नागरिक किसी कारणवश 7 से 21 मई के बीच ऑनलाइन स्व-गणना (Self-Enumeration) नहीं कर पाएंगे, उन्हें घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। प्रशासन ने ऐसे सभी परिवारों के लिए एक व्यापक जमीनी अभियान की तैयारी की है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक: 22 मई से लेकर 20 जून 2026 तक पूरे मेरठ जिले में डोर-टू-डोर (Door-to-Door) भौतिक सत्यापन और डेटा कलेक्शन का काम चलेगा।\r\n \r\n
- \r\n टैबलेट से होगी एंट्री: सरकार द्वारा नियुक्त प्रगणक (Enumerators) आपके घर आएंगे। उनके हाथों में कागजी रजिस्टर नहीं, बल्कि विशेष डिजिटल टैबलेट या स्मार्टफोन होगा। वे आपसे यही 33 सवाल पूछेंगे और मौके पर ही डिजिटल फीडिंग करेंगे।\r\n \r\n
- \r\n रेफरेंस नंबर दिखाएं और काम खत्म: यदि आपने पहले ही 21 मई तक पोर्टल पर 'स्व-गणना' कर ली है, तो आपको प्रगणक के आने पर दोबारा ये 33 सवाल नहीं बताने होंगे। आपको सिर्फ पोर्टल से प्राप्त अपना 'रेफरेंस नंबर' या बारकोड प्रगणक को दिखाना होगा। वे उसे अपने डिवाइस में डालकर तुरंत वेरीफाई कर देंगे, जिससे आपका और उनका, दोनों का कीमती समय बचेगा।\r\n \r\n
\r\n\r\n
आंकड़ों की नजर में मेरठ का प्रशासनिक 'मास्टरप्लान'
\r\n\r\nमेरठ जैसे बड़ी आबादी वाले जिले में इस महाभियान को त्रुटिहीन तरीके से पूरा करने के लिए जिलाधिकारी (DM) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की निगरानी में एक विशाल प्रशासनिक ढांचा खड़ा किया गया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए निम्नलिखित फौज मैदान में उतारी गई है:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n 22 चार्ज अधिकारी (Charge Officers): पूरे जिले को 22 अलग-अलग 'चार्जेज' में बांटा गया है, जहां वरिष्ठ अधिकारी पूरे काम की मॉनिटरिंग करेंगे।\r\n \r\n
- \r\n 6,443 प्रगणक (Enumerators): गली-मोहल्लों और गांवों में घर-घर जाकर डेटा इकट्ठा करने के लिए 6 हजार से ज्यादा प्रगणकों (मुख्य रूप से शिक्षक और स्थानीय कर्मचारी) की ड्यूटी लगाई गई है।\r\n \r\n
- \r\n 1,075 पर्यवेक्षक (Supervisors): प्रगणकों के काम की जांच करने और उनकी तकनीकी समस्याओं को सुलझाने के लिए 1075 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं।\r\n \r\n
- \r\n कुल 7,518 कर्मचारियों की महा-फौज: इस पूरे डिजिटल जनगणना अभियान में मेरठ जिले में कुल 7,518 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिन्हें पिछले कई हफ्तों से डिजिटल ऐप चलाने की कड़ी ट्रेनिंग दी जा रही थी।\r\n \r\n
\r\n\r\n
जनगणना केवल आबादी की गिनती नहीं है; यह एक ऐसा आईना है जो बताता है कि हमारा समाज कहां खड़ा है और उसे किन चीजों की जरूरत है। आपके द्वारा दिए गए इन 33 सवालों के जवाबों के आधार पर ही आने वाले 10 सालों के लिए स्कूल, अस्पताल, सड़कें, पेयजल योजनाएं और गरीबों के लिए आवास योजनाएं (जैसे पीएम आवास) तय की जाएंगी। इसलिए, एक जागरूक नागरिक बनें। 21 मई से पहले
se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर अपनी स्व-गणना पूरी करें और देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
Sabse pehle comment karne wale banein.