मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ इंचौली थाना क्षेत्र में एक बीएसएफ (BSF) जवान की बेरहमी से हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस खौफनाक मेरठ बीएसएफ जवान हत्या कांड की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि जवान की अपनी पत्नी कोमल ही निकली। कोमल ने अपने प्रेमी, जो रिश्ते में जवान का मौसेरा भाई (देवर) लगता है, के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। पुलिस ने शुक्रवार को इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुए पत्नी और प्रेमी समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।READ ALSO:-आगरा का खंदौली कांड: श्रीराम मेले के जश्न के बीच 5 नाबालिगों के 48 अश्लील वीडियो वायरल, इलाके में भारी तनाव; चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में सच सामने आते ही बेहोश हुई कातिल पत्नी

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शुक्रवार को मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस हाई-प्रोफाइल मेरठ बीएसएफ जवान हत्या मामले का खुलासा किया। पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया, जिनके चेहरे ढके हुए थे। जैसे ही एसएसपी ने वारदात की कड़वी सच्चाई बयां करना शुरू किया कि कैसे पत्नी ने ही सुहाग का कत्ल कराया, वहां मौजूद आरोपी पत्नी कोमल अचानक बेहाश होकर जमीन पर गिर पड़ी। यह देख वहां हड़कंप मच गया। महिला पुलिसकर्मियों ने बड़ी मुश्किल से कोमल को संभाला और उसे होश में लाने के बाद हॉल से बाहर ले जाकर कुर्सी पर बैठाया।
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पुलिस ने जब पत्नी को मीडिया के सामने पेश किया, तो वह कुछ ही देर में वह बेहोश हो गई।

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कौन थे बीएसएफ जवान नैन सिंह जाटव?

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मेरठ के थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धनपुर गांव के रहने वाले नैन सिंह जाटव उम्र करीब 36 वर्ष थी। उनके सीने में देश सेवा का जज्बा था, जिसके चलते वह वर्ष 2011 में सीमा सुरक्षा बल (BSF) में भर्ती हुए थे। कड़े प्रशिक्षण के बाद वह देश की सेवा में जुट गए। वर्तमान में उनकी तैनाती पश्चिम बंगाल के मालदा (Malda, West Bengal) में बीएसएफ की 78वीं वाहिनी (78th Battalion) में थी। परिवार में सब कुछ सामान्य चल रहा था और नैन सिंह एक जिम्मेदार बेटे, पति और पिता की तरह अपना फर्ज निभा रहे थे।
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अवैध संबंध और शादी की चाहत बनी मेरठ बीएसएफ जवान हत्या की वजह

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पुलिस पूछताछ में जो कहानी सामने आई है, वह बेहद हैरान करने वाली है। धनपुर गांव निवासी मृत जवान नैन सिंह (38) पश्चिम बंगाल में तैनात थे और 6 मार्च को छुट्टी पर घर आए थे। नैन सिंह की पत्नी कोमल के अपने मौसेरे देवर गुलशन के साथ अवैध संबंध थे। गुलशन, नैन सिंह की मौसी का बेटा है। दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे और शादी करना चाहते थे।
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एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि नैन सिंह को अपनी पत्नी और भाई के बीच चल रहे इस अफेयर का पता चल गया था, जिसका वह कड़ा विरोध कर रहा था। अफेयर की बात सामने आने के बाद से नैन सिंह अक्सर कोमल के साथ मारपीट करने लगा था। एक बार जब नैन सिंह कोमल को पीट रहा था, तो गुलशन ने बीच-बचाव किया था, जिसको लेकर दोनों भाइयों के बीच जमकर झगड़ा हुआ था। इसी विवाद के बाद कोमल अपने दोनों बच्चों रिमी (12) और आयुष (7) के साथ फाजलपुर स्थित अपने मायके चली गई थी।
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शादी के रास्ते में नैन सिंह को सबसे बड़ा कांटा मानकर कोमल और गुलशन ने उसे रास्ते से हटाने की खौफनाक प्लानिंग की। इसी साजिश के तहत इस मेरठ बीएसएफ जवान हत्या को अंजाम दिया गया।
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जेवर बेचकर जुटाए 6 लाख, बॉयफ्रेंड ने दोस्तों को दी सुपारी

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अपने पति नैन सिंह की हत्या कराने के लिए कोमल ने सारी हदें पार कर दीं। उसने अपने जेवर बेचकर पैसे जुटाए। कोमल ने ये रुपए अपने प्रेमी गुलशन को दिए। गुलशन ने अपने तीन दोस्तों - राहुल उर्फ पवन, गुड्डू और मोंटू को नैन सिंह की हत्या करने के लिए 6 लाख रुपए की सुपारी दी। इन्हीं सुपारी के पैसों से हत्या के लिए अवैध तमंचा भी खरीदा गया था। कोमल ने जानबूझकर हत्या वाले समय के आसपास अपने मायके में रहने का नाटक किया ताकि उस पर कोई शक न करे।
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27 मार्च की काली रात: घर में घुसकर मारी गोली

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एसपी देहात अभिजीत कुमार ने वारदात की सिलसिलेवार जानकारी देते हुए बताया कि मेरठ बीएसएफ जवान हत्या 27 मार्च की देर रात अंजाम दी गई थी। उस रात कोमल अपने मायके में थी। घर में नैन सिंह और उसके छोटे भाई प्रदीप की पत्नी पिंकी मौजूद थे। प्रदीप मोदीनगर में अपने काम पर था। नैन सिंह अपने कमरे में सो रहा था।
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27 मार्च की रात करीब 1.30 बजे गुलशन अपने तीनों शूटर दोस्तों (राहुल, गुड्डू, मोंटू) को लेकर नैन सिंह के घर के बाहर पहुंचा। गुलशन तीनों को वहीं छोड़कर चला गया। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि आरोपी रात 1.30 बजे घर में दाखिल हुए। सबसे पहले गुड्डू हत्या करने के इरादे से अंदर गया, लेकिन हिम्मत जवाब दे गई और वह गोली नहीं मार पाया। इसके बाद राहुल उर्फ पवन ने तमंचा थामा और अंदर जाकर सो रहे नैन सिंह को गोली मार दी। गोली नैन सिंह के सिर को भेदकर दीवार से टकराई और फिर कमर में जा घुसी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। करीब 1:50 बजे हत्या करने के बाद तीनों वहां से फरार हो गए।
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शाम को पता चला कत्ल का राज

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हैरानी की बात यह है कि नैन सिंह की हत्या 27 मार्च की रात हुई, लेकिन घरवालों को 28 मार्च की शाम करीब 4 बजे इसका पता चला। एसपी देहात ने बताया कि जवान जब घर आता था, तो वह अक्सर सोता रहता था, इसलिए घरवाले उसे जल्दी उठाते नहीं थे। 28 मार्च की शाम तक जब नैन सिंह नहीं उठा, तो उसकी भाभी पिंकी जगाने पहुंची। दरवाजा खोलते ही पिंकी की चीख निकल गई; बिस्तर पर नैन सिंह का शव खून से लथपथ पड़ा था। पिता गरीबदास की शिकायत पर इंचोली थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
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पड़ोसियों से थी रंजिश, लेकिन Call Details ने खोला राज

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शुरुआत में यह मामला पुलिस के लिए एक ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री था। एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि घरवालों ने पहले पड़ोसी पर हत्या का शक जताया था, क्योंकि नैन सिंह के परिवार का उनसे जमीन को लेकर पुराना झगड़ा चल रहा था। पुलिस ने 4 पड़ोसियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन जांच में पता चला कि वारदात के वक्त वे सभी अपने काम पर गए थे और उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
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इसके बाद पुलिस ने जांच का रुख घर के अंदरूनी कलह की ओर मोड़ा। पुलिस को पता चला था कि नैन सिंह और कोमल के बीच मनमुटाव था और मारपीट होती थी। पुलिस ने वारदात के समय मायके में मौजूद कोमल की कॉल डिटेल (CDR) खंगाली। सीडीआर एनालिसिस में कई संदिग्ध नंबर सामने आए। पुलिस ने उस नंबर को खोज निकाला जिस पर वारदात वाले दिन कोमल की सबसे अधिक बार बात हुई थी।
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यह नंबर नैन सिंह के मौसेरे भाई गुलशन का था। पुलिस ने शक के आधार पर गुलशन को गिरफ्तार कर लिया। गुलशन ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया और कोमल के साथ अवैध संबंधों व हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। गुलशन के बयान के बाद पुलिस ने कोमल को भी गिरफ्तार कर लिया। जब दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई, तो कोमल रोने लगी और उसने भी सच उगल दिया। इसके बाद पुलिस ने सुपारी लेने वाले तीनों शूटरों राहुल, गुड्डू और मोंटू को भी धर दबोचा।
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पुलिस टीम को 25000 का इनाम

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मात्र 6 दिन के भीतर इस हाई-प्रोफाइल और पेचीदा हत्याकांड का खुलासा करने पर एसएसपी अविनाश पांडे ने पुलिस टीम की जमकर सराहना की। उन्होंने स्वॉट टीम (Swat Team) और इंचौली थाना पुलिस के सराहनीय कार्य के लिए मौके पर ही 25 हजार रुपए का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। एसएसपी ने टीम का कुशल नेतृत्व करने वाले सीओ सदर देहात सुधीर सिंह और अंडर ट्रेनी आईपीएस बजरंग प्रसाद की भी पीठ थपथपाई।
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मेरठ का यह मेरठ बीएसएफ जवान हत्या कांड समाज में रिश्तों के गिरते स्तर का एक भयावह उदाहरण है। एक पत्नी ने महज अपनी शारीरिक जरूरतों और शादी की चाहत के लिए अपने पति, जो देश की सीमाओं की रक्षा करता था, का निर्दयतापूर्वक कत्ल करा दिया। पुलिस की मुस्तैदी और वैज्ञानिक जांच (कॉल डिटेल एनालिसिस) ने इस जटिल मामले को सुलझा दिया और कातिल पत्नी व उसके प्रेमियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। इस खबर ने पूरे मेरठ और बीएसएफ परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
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मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र में बीएसएफ जवान नैन सिंह की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जवान की पत्नी कोमल ने अपने प्रेमी और जवान के मौसेरे भाई गुलशन के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। दोनों शादी करना चाहते थे, जिसका नैन सिंह विरोध कर रहा था। कोमल ने अपने जेवर बेचकर गुलशन के जरिए तीन शूटरों को 6 लाख रुपए की सुपारी दी थी। 27 मार्च की रात शूटरों ने घर में घुसकर नैन सिंह को गोली मार दी। पुलिस ने कोमल और गुलशन समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सच सामने आते ही कातिल पत्नी कोमल बेहोश हो गई। पुलिस टीम को 25000 का इनाम मिला है।
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