मेरठ (03 जून 2026): उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में कानून व्यवस्था और पुलिस की रात्रि गश्त की पोल खोलती हुई एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शहर के सबसे व्यस्त, वीआईपी और सुरक्षित माने जाने वाले 'बेगमपुल मुख्य बाजार' में चोरों ने बीती रात एक बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। हैरानी की बात यह है कि यह चोरी उस जगह पर हुई है, जो सोती गंज और बेगम पुल पुलिस चौकी के बिल्कुल मध्य में स्थित है और यहाँ से पुलिस चौकी की दूरी मात्र 50 से 60 मीटर है। पुलिस की नाक के नीचे हुई इस दुस्साहसिक वारदात ने स्थानीय व्यापारियों और आम जनता के बीच दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।Read also:-मेरठ मर्डर केस में रोंगटे खड़े करने वाला खुलासा: 40 बीघा जमीन के लिए पिता ने रची खौफनाक साजिश, खाना देने के बहाने बुलाकर सगे बेटे को मारी गोली
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क्या है पूरा मामला?

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेरठ नगर निगम द्वारा बेगमपुल मुख्य बाजार में (कल्याण ज्वैलर्स और वी० आई० ऑफिस के मध्य) आम जनता और व्यापारियों की सुविधा के लिए एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा था। इस निर्माण कार्य का ठेका 'मैसर्स श्री बाँके बिहारी इन्फ्राबिल्ड' की प्रोपराइटर श्रीमती गीता शर्मा ने ले रखा है।
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शौचालय का निर्माण कार्य लगभग अपने अंतिम चरण में था और जल्द ही इसे जनता के उपयोग के लिए खोले जाने की तैयारी थी। इसी वजह से वहां फिटिंग के लिए काफी नया और कीमती सामान लाकर रखा गया था। लेकिन, मंगलवार (02-06-2026) की देर रात अज्ञात चोरों ने इस निर्माणाधीन साइट को अपना निशाना बना लिया।
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बुधवार, 3 जून 2026 की सुबह जब वी०आई० (VI) स्टोर के चपरासी ब्रहनपाल ड्यूटी पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि निर्माणाधीन शौचालय के दरवाजे बुरी तरह से टूटे हुए हैं और अंदर का सारा कीमती सामान गायब है। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना फोन के माध्यम से ठेकेदार गीता शर्मा को दी।
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चोरों ने की सफाई, उठा ले गए सब कुछ

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सूचना मिलते ही जब प्रोपराइटर गीता शर्मा मौके पर पहुंचीं, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। चोरों ने बड़ी ही तसल्ली से इस घटना को अंजाम दिया था। घटनास्थल के निरीक्षण के बाद यह बात सामने आई कि चोरों ने निम्नलिखित सामान पार कर दिया है:
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    शौचालय में पानी की सप्लाई के लिए लगाई गई कीमती पानी की मोटर।
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    फिटिंग के लिए रखा गया महंगा बिजली का सामान और उपकरण।
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    सेनेटरी का पूरा सामान जिसमें कई टोटियां, पाइप, कमोड (पॉट) और अन्य कीमती फिटिंग शामिल थी।
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    वी०आई० (VI) ऑफिस का नुकसान: चोर इतने बेखौफ थे कि उन्होंने केवल शौचालय को ही नहीं बल्कि पास ही स्थित वी०आई० (वोडाफोन-आइडिया) के ऑफिस को भी नुकसान पहुंचाया। शौचालय और ऑफिस के मध्य की दीवार पर लगा बिजली का पूरा मेन बोर्ड भी चोर उखाड़ कर अपने साथ ले गए।
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पहले भी हो चुकी है चोरी, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

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इस मामले में सबसे गंभीर बात यह है कि इस साइट पर चोरी की यह कोई पहली घटना नहीं है। ठेकेदार गीता शर्मा ने बताया कि इससे पहले भी इसी निर्माण स्थल से पानी की मोटर, ड्रम, फावड़े, तसले और मजदूरों के इस्तेमाल के अन्य उपकरण चोरी हो चुके हैं। उस समय भी इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण चोरों के हौसले बढ़ते गए और उन्होंने अब इस दूसरी और बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दे डाला।
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एक व्यस्त बाजार में, जहां रात भर वाहनों की आवाजाही रहती है और पुलिस चौकी महज चंद कदमों की दूरी पर है, वहां दरवाजों को तोड़कर भारी-भरकम मोटर और सेनेटरी का सामान चुरा ले जाना किसी एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकता। इसके लिए बकायदा किसी वाहन का प्रयोग किया गया होगा। ऐसे में पुलिस की रात्रिकालीन गश्त (Night Patrolling) और पिकेट ड्यूटी पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
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व्यापार संघ में भारी आक्रोश: "यह पुलिस की नाकामी है"

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इस घटना को लेकर बेगमपुल व्यापार संघ ने कड़ी नाराजगी जताई है। बेगम पुल व्यापार संघ के महामंत्री पुनीत शर्मा ने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "इतने व्यस्त सड़क मार्ग और पुलिस चौकी से मात्र 50-60 मीटर की दूरी पर चोरी की यह वारदात चोरों की हिम्मत नहीं, बल्कि पुलिस की नाकामी को दर्शाती है। यह स्थान सोती गंज और बेगम पुल चौकी के बिल्कुल मध्य का है, जिसे शहर का सबसे सुरक्षित इलाका माना जाना चाहिए। अगर मुख्य बाजार में पुलिस के साये में सरकारी संपत्तियों की यह हालत है, तो आम व्यापारी अपनी दुकानों को कैसे सुरक्षित माने?"
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व्यापार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पुलिस ने चोरों को नहीं पकड़ा और चोरी गया सामान बरामद नहीं किया, तो व्यापारी वर्ग आंदोलन करने को मजबूर होगा।
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क्या किसी साजिश का हिस्सा है यह चोरी?

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व्यापार संघ के महामंत्री पुनीत शर्मा और ठेकेदार ने इस चोरी के पीछे एक गहरी साजिश की आशंका भी जताई है। उन्होंने जानकारी दी कि जब इस सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा था, तब स्थानीय क्षेत्र के कुछ असामाजिक तत्वों ने इसका भारी विरोध किया था। वे नहीं चाहते थे कि इस स्थान पर शौचालय बने। उस समय मामला इतना बढ़ गया था कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था और पुलिस की कड़ी चेतावनी व फटकार के बाद ही निर्माण कार्य सुचारू रूप से शुरू हो सका था।
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शिकायतकर्ताओं का स्पष्ट रूप से मानना है कि हो सकता है कि चोरी की इस घटना के पीछे उन्हीं असामाजिक तत्वों का हाथ हो। यह सिर्फ चोरी का मामला नहीं, बल्कि निर्माण कार्य को बाधित करने और सरकारी काम में रुकावट डालने की एक सोची-समझी साजिश भी हो सकती है, ताकि शौचालय का निर्माण पूरा न हो सके और व्यापारियों व आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़े।
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आगे की कार्रवाई और पुलिस से मांग

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इस पूरी घटना के संबंध में मैसर्स श्री बाँके बिहारी इन्फ्राबिल्ड की प्रोपराइटर गीता शर्मा और व्यापार संघ के महामंत्री पुनीत शर्मा ने संयुक्त रूप से थाना सदर, मेरठ कैंट में लिखित तहरीर दे दी है। उनकी पुलिस प्रशासन से प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
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    अज्ञात चोरों और संदिग्ध असामाजिक तत्वों के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
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    आस-पास की दुकानों, कल्याण ज्वैलर्स और वी०आई० ऑफिस के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जाए ताकि चोरों की पहचान हो सके।
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    पूर्व में निर्माण का विरोध करने वाले लोगों से सख्ती से पूछताछ की जाए।
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    चोरी गया नगर निगम और ठेकेदार का पूरा सामान बरामद किया जाए।
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    निर्माण स्थल पर रात के समय सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि यह जनहित का कार्य जल्द से जल्द पूरा हो सके।
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अब देखना यह है कि मेरठ पुलिस, विशेषकर थाना सदर की टीम, इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है। मुख्य बाजार में हुई यह चोरी पुलिस के लिए एक सीधी चुनौती है। यदि इस मामले का जल्द पर्दाफाश नहीं हुआ, तो व्यापारियों का पुलिस प्रशासन से भरोसा उठना तय है। जनसुविधा के लिए बन रहे इस प्रोजेक्ट में हो रही देरी से अंततः नुकसान मेरठ की आम जनता और बाजार में आने वाले ग्राहकों का ही हो रहा है।
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