उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बारिश के मौसम में जलभराव के कारण एक बड़ा मेरठ अंडरपास हादसा हो गया है। लोहियानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बजौट रेलवे अंडरपास में शनिवार को यह दिल दहला देने वाली घटना घटी। यहां लगभग 10 फीट गहरे पानी में डूबने से एक बुजुर्ग तांगा चालक और उनके घोड़े की मौके पर ही मौत हो गई।READ ALSO:-यूपी में नौकरियों की बहार: 74 जिलों में 13 और 14 जुलाई को लगेगा महा रोजगार मेला, योगी सरकार का 'हर हाथ को हुनर, हर हुनर को रोजगार' का संकल्प
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बजौट रेलवे अंडरपास में कैसे हुआ यह भीषण हादसा?

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मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक मेरठ अंडरपास हादसा शनिवार दोपहर करीब 3 बजे के आसपास हुआ। बजौट रेलवे अंडरपास में पिछले कुछ दिनों की बारिश के कारण भारी जलभराव था। अंडरपास के अंदर पानी का स्तर लगभग 10 फीट तक पहुंच गया था।
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 Akkhepur(Sardhana)-Meerut News ( अक्खेपुर(सरधना) - मेरठ न्यूज़):  Akkhepur(Sardhana) - Meerut News Hindi Samachar, Latest News Headlines and  Breaking News - Dainik Bhaskar

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जलभराव के कारण यह अंडरपास एक छोटे और गहरे तालाब में तब्दील हो चुका था। दोपहर के समय जब तांगा चालक अपने घोड़े के साथ इस रास्ते से गुजरा, तो उसे पानी की वास्तविक गहराई का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं लगा।
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घोड़े को बचाने के प्रयास में गई तांगा चालक की जान

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रास्ते का सही अंदाजा न होने के कारण तांगा गहरे पानी में उतर गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब तांगा गहरे पानी में फंसा, तो घोड़ा डूबने लगा। चालक ने खुद की जान बचाने के बजाय अपने मूक पशु को बचाने का भरसक प्रयास किया।
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लेकिन, दुर्भाग्य से पानी इतना गहरा था कि वह खुद भी उसमें समा गया। इस हृदयविदारक मेरठ अंडरपास हादसा में दोनों की ही जान चली गई। 10 फीट गहरे पानी के दबाव के कारण चालक बाहर नहीं निकल सका।
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मृतक राकेश की पहचान और पारिवारिक जानकारी

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पुलिस जांच में मृतक की पहचान 60 वर्षीय राकेश के रूप में हुई है। वह मूल रूप से ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के गणेशपुरी खत्ता रोड के निवासी थे। उनके पिता का नाम पूरन सिंह बताया गया है। राकेश की मौत की खबर से उनके परिवार में कोहराम मच गया है।
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राकेश पेशे से एक डेयरी कर्मचारी थे। परिजनों के अनुसार, वह शनिवार सुबह पशुओं के लिए चारा लेने के वास्ते घर से निकले थे। चारा लेकर वापसी के दौरान उन्होंने इस अंडरपास का उपयोग किया, जो उनके लिए काल बन गया।
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चौकी इंचार्ज ने जान पर खेलकर निकाला शव

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इस बड़े मेरठ अंडरपास हादसा की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। तुरंत लोहियानगर पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस टीम कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गई।
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तांगा चालक का शव गहरे पानी में पूरी तरह लापता हो चुका था। ऐसे में स्थानीय चौकी इंचार्ज ने अदम्य साहस का परिचय दिया। अपनी जान जोखिम में डालकर उन्होंने 10 फीट गहरे पानी में छलांग लगा दी। काफी मशक्कत के बाद चालक राकेश के शव को बाहर निकाला जा सका।
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जलभराव से स्थानीय लोगों में आक्रोश, स्थायी समाधान की मांग

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बाद में पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की संयुक्त मदद से घोड़े और तांगा को भी पानी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने पंचनामा भरकर राकेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। लोहियानगर पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
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इस मेरठ अंडरपास हादसा के बाद आसपास के ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों ने बताया कि इस अंडरपास में लंबे समय से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए स्थायी समाधान की मांग की है।
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अंततः, यह मेरठ अंडरपास हादसा सिस्टम की लापरवाही का एक दुखद परिणाम है। जलभराव के कारण एक गरीब नागरिक और पशु को अपनी जान गंवानी पड़ी। अब स्थानीय प्रशासन की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह बजौट रेलवे अंडरपास में जल निकासी का स्थायी समाधान करे। ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
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