ग्रेटर नोएडा (क्राइम इन्वेस्टिगेशन डेस्क): अपराध की दुनिया में कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं, जो दिखने में सीधे तौर पर आत्महत्या (Suicide) या हादसा लगते हैं, लेकिन जब उनके पन्नों को पलटा जाता है, तो अंदर से हत्या (Murder) की एक गहरी और खौफनाक साजिश की बू आने लगती है। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में मेरठ निवासी 20 वर्षीय एलएलबी छात्र कार्तिक शर्मा की मौत का मामला भी कुछ ऐसा ही रहस्यमयी मोड़ लेता जा रहा है।READ ALSO:-मेरठ की राजनीति में बड़ा उबाल! BJYM महानगर अध्यक्ष पद की रेस हुई दिलचस्प, रोहित आनंद और पीयूष शर्मा के बीच कांटे की टक्कर
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बुधवार की सुबह कार्तिक की एक ऊंची इमारत की 5वीं मंजिल से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या के एंगल से देख रही है, लेकिन मृतक के परिवार ने कुछ ऐसे सुलगते हुए सवाल दागे हैं, जिन्होंने इस पूरी घटना की दिशा ही बदल कर रख दी है। सवाल यह है कि आखिर उस मनहूस सुबह कार्तिक के साथ उस 5वीं मंजिल पर क्या हुआ था?
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

वो 60 मिनट का खौफनाक खेल: मां की विदाई और बेटे की मौत

\r\n\r\n
इस पूरी घटना की टाइमलाइन (Timeline) बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली है। कार्तिक मूल रूप से मेरठ के दौराला (Daurala) कस्बे का रहने वाला था और नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) से लॉ (LLB) की पढ़ाई कर रहा था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मंगलवार को उसकी मां अर्चिता शर्मा (जो मेरठ में पीआरडी जवान हैं) अपने इकलौते बेटे से मिलने उसके गौड़ यमुना सिटी स्थित किराए के कमरे पर आई थीं। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश के मुताबिक, मंगलवार रात तक सब कुछ बिल्कुल सामान्य था। बुधवार सुबह मां-बेटे ने साथ में समय बिताया और अर्चिता वापस अपनी ड्यूटी के लिए मेरठ रवाना हो गईं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
लेकिन, मां के कमरे से निकलते ही अगले 60 मिनट के अंदर कुछ ऐसा हुआ जिसने सब कुछ खत्म कर दिया। सुबह करीब 8:30 बजे खबर आई कि कार्तिक ने एक निर्माणाधीन/ऊंची इमारत की 5वीं मंजिल से छलांग लगा दी है। रास्ते में लौट रही मां के कानों में जब यह खबर पड़ी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

2 किलोमीटर का वह अनसुलझा राज़, जिसने पुलिस को भी उलझाया

\r\n\r\n
कार्तिक के पिता पंकज और उसके ताऊ शिवकुमार ने पुलिस की 'सुसाइड थ्योरी' पर करारा प्रहार किया है। परिवार का सीधा आरोप है कि कार्तिक की सोची-समझी साजिश के तहत हत्या की गई है। इसके पीछे परिवार ने तीन ऐसे ठोस तर्क दिए हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    पैदल 2 किलोमीटर क्यों गया? सबसे बड़ा सवाल यह है कि कार्तिक जिस इमारत से नीचे गिरा, वह उसके अपने कमरे से करीब 2 किलोमीटर दूर है। एक युवक जिसे आत्महत्या करनी हो, वह अपना कमरा छोड़कर, पैदल या किसी वाहन से 2 किलोमीटर दूर एक दूसरी अनजान इमारत की 5वीं मंजिल पर क्यों जाएगा?
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    क्या किसी ने फोन कर बुलाया था? परिजनों को प्रबल आशंका है कि बुधवार सुबह कार्तिक के मोबाइल पर किसी का फोन आया था। उसी 'अज्ञात' कॉलर ने उसे उस दूसरी इमारत में बुलाया। वहां उनके बीच कोई तीखी बहस या हाथापाई हुई, जिसके बाद कार्तिक को 5वीं मंजिल से नीचे फेंक दिया गया।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    भविष्य को लेकर था उत्साहित: कार्तिक एक होनहार छात्र था। उसका सपना एक बड़ा वकील बनकर अपने परिवार का नाम रोशन करना था। परिवार के मुताबिक, वह किसी भी तरह के डिप्रेशन (Depression) या आर्थिक तंगी में नहीं था।
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सुसाइड नोट गायब, अब 'डिजिटल कुंडली' उगलेगी सच

\r\n\r\n
घटनास्थल पर पहुंची रबूपुरा थाना पुलिस (Rabupura Police) ने जब कार्तिक के कमरे और घटनास्थल की बारीकी से तलाशी ली, तो उन्हें कोई भी सुसाइड नोट (Suicide Note) या ऐसा दस्तावेज नहीं मिला जो इस मौत की वजह साफ कर सके।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
थाना प्रभारी श्याम शुक्ला का कहना है कि पुलिस अब इस मामले को पूरी तरह से 'साइंटिफिक और डिजिटल इन्वेस्टिगेशन' के जरिए सुलझाने की कोशिश कर रही है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सीडीआर (CDR) ही खोलेगी राज़: कार्तिक का मोबाइल फोन पुलिस के कब्जे में है। साइबर सेल उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकाल रही है ताकि पता चले कि बुधवार सुबह 7 बजे से 8:30 बजे के बीच उसने किससे बात की थी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सीसीटीवी का जाल: गौड़ यमुना सिटी सोसाइटी के सभी एंट्री/एग्जिट गेट और उस 5वीं मंजिल वाली इमारत की ओर जाने वाले रास्तों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इससे यह साफ हो जाएगा कि कार्तिक वहां अकेला गया था या उसके साथ कोई और भी चल रहा था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    दोस्ती या दुश्मनी? पुलिस गलगोटिया यूनिवर्सिटी के छात्रों, कार्तिक के रूममेट्स (यदि कोई थे) और उसकी महिला मित्रों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है ताकि प्रेम-प्रसंग या आपसी रंजिश के एंगल की भी जांच की जा सके।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

दौराला में इकलौते चिराग के बुझने से मचा हाहाकार

\r\n\r\n
मेरठ के दौराला स्थित कार्तिक के पैतृक घर पर बुधवार शाम से ही मातम पसरा हुआ है। जिस इकलौते बेटे के कंधों पर बुढ़ापे का सहारा टिका था, उसकी अर्थी उठते देख माता-पिता सुध-बुध खो बैठे हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
कार्तिक सिर्फ एक बेटा नहीं, बल्कि उस घर की उम्मीद था। उसकी मौत ने पूरे कस्बे को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने पहुंचे हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
कार्तिक शर्मा की मौत एक साधारण हादसा नहीं है। यह घटना कई ऐसे सवाल छोड़ गई है, जिनका जवाब मिलना बाकी है। क्या 5वीं मंजिल से गिरने से पहले कार्तिक को किसी ने धक्का दिया था? क्या उस 2 किलोमीटर के सफर में कोई उसके साथ था? इन सभी सवालों के जवाब अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साइबर सेल की जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे। फिलहाल, एक मां की गोद सूनी हो गई है और एक परिवार इंसाफ की आस में पुलिस की तरफ देख रहा है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन