श्रावण (सावन) का पवित्र महीना शुरू होने में अब कुछ ही समय शेष है। इस पावन महीने में लाखों की संख्या में शिवभक्त कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मेरठ शहर इस विशाल धार्मिक आयोजन का मुख्य केंद्र बिंदु (Hub) माना जाता है। मेरठ कांवड़ यात्रा को सुगम, सुरक्षित और पूरी तरह से व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस महकमे और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने अपनी तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं।READ ALSO:-संभल में 'हुस्न के जाल' का भंडाफोड़: प्यार, धोखा और ब्लैकमेलिंग... लड़कों को फंसाकर लूटने वाली 'अरिशा गैंग' पर FIR
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चूंकि मेरठ से होकर ही दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और एनसीआर के अन्य हिस्सों के कांवड़िए गुजरते हैं, इसलिए यहां का ट्रैफिक मैनेजमेंट सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। शिवरात्रि के पावन पर्व को देखते हुए पूरे शहर का ट्रैफिक और परिवहन सिस्टम एक नए मास्टर प्लान के तहत काम करेगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस बार प्रशासन ने क्या नई व्यवस्थाएं की हैं।
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सोहराबगेट डिपो से होगा सभी रोडवेज बसों का संचालन

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कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ शहर के अंदर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन जाती है। इसे देखते हुए परिवहन निगम ने बड़ा फैसला लिया है। कांवड़ मेले के दौरान सभी प्रमुख रोडवेज बसों का संचालन केवल सोहराबगेट बस अड्डे से ही किया जाएगा।
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परिवहन अधिकारियों के अनुसार, महाशिवरात्रि से करीब चार-पांच दिन पहले भैसाली डिपो और मेरठ डिपो की सभी रोडवेज बसों को सोहराबगेट डिपो में पूरी तरह से मर्ज (Merge) कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, यात्रियों की भारी भीड़ और बसों की अतिरिक्त संख्या को प्रबंधित करने के लिए मेरठ रोड स्थित लोहियानगर में एक विशाल अस्थायी बस अड्डा भी बनाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर इस अस्थायी बस अड्डे का भी बैकअप के तौर पर भरपूर उपयोग किया जाएगा।
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गौरतलब है कि सोहराबगेट बस अड्डे को इसके जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण के लिए हाल ही में खाली कराया जाना था। लेकिन, कांवड़ मेले में यात्रियों की भारी संख्या और परिवहन की आवश्यकता को देखते हुए इस निर्माण कार्य को फिलहाल टाल दिया गया है। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) दीपक चौधरी ने बताया कि मेले के दौरान शिवभक्तों और आम यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी वजह से सभी बसों का संचालन सोहराबगेट बस अड्डे से सुचारू रूप से किया जाएगा।
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मेरठ कांवड़ यात्रा के लिए नया रूट प्लान और ट्रैफिक डायवर्जन

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मेरठ कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। परिवहन निगम ने पुलिस और ट्रैफिक विभाग के साथ मिलकर इसके लिए एक विस्तृत रूट प्लान तैयार कर लिया है। 
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संभावना जताई जा रही है कि इस महीने के आखिरी हफ्ते से सभी प्रमुख कांवड़ मार्गों पर बैरिकेडिंग (Barricading) का काम शुरू हो जाएगा। बैरिकेडिंग लगते ही दिल्ली रोड और रुड़की रोड (NH-58) पर भारी वाहनों (ट्रक, डंपर, बड़ी बसें) की आवाजाही पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कांवड़ियों को चलने के लिए एक सुरक्षित और बाधा रहित लेन मिल सके।
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इसके अलावा, मेरठ से हरिद्वार, हापुड़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली समेत विभिन्न शहरों के लिए चलने वाली रोडवेज बसों के रूट भी पूरी तरह से बदल दिए जाएंगे। बसों को शहर के बाहरी बाईपास और वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा ताकि शहर के अंदर कांवड़ियों की भीड़ में बसें न फंसें। अधिकारियों ने इन नई व्यवस्थाओं को लेकर जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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प्रशासनिक समीक्षा बैठक: विभागों को समन्वय के कड़े निर्देश

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मेरठ कांवड़ यात्रा को पूरी तरह से सुरक्षित और त्रुटिहीन बनाने के लिए सोमवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) नूपुर गोयल की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
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इस अहम बैठक में नगर निगम, पुलिस विभाग, विद्युत विभाग, विद्युत सुरक्षा, लोक निर्माण विभाग (PWD), सिंचाई विभाग, वन विभाग, जल निगम, पंचायती राज, खाद्य एवं रसद, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और आरआरटीएस (RRTS) सहित अन्य कई महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
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सीडीओ नूपुर गोयल ने सभी विभागों को आपसी समन्वय (Inter-departmental coordination) के साथ काम करने और तय समय सीमा के भीतर अपने-अपने कार्य पूरे करने के सख्त निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों पर जोर दिया गया:
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    सड़क सुरक्षा: सभी कांवड़ मार्गों को जल्द से जल्द गड्ढामुक्त (Pothole-free) करने के निर्देश दिए गए हैं। एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग की ओर से पैचवर्क कार्य की धीमी प्रगति पर सीडीओ ने गहरी नाराजगी जताई और काम में तेजी लाने को कहा।
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    साफ-सफाई और सुविधाएं: नगर निगम, बीडीओ, ईओ और डीपीआरओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे मार्गों पर शौचालय, मोबाइल टॉयलेट (Mobile Toilets), डिवाइडर की रंगाई-पुताई और स्वच्छता की मुकम्मल व्यवस्था समय से पहले पूरी करें।
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    निगरानी और चेतावनी: प्रमुख मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरे, सुरक्षा बल और उचित साइनेज (Signage) लगाने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ तत्काल और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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स्वास्थ्य और बिजली विभाग के लिए विशेष एक्शन प्लान

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किसी भी बड़ी यात्रा में स्वास्थ्य और सुरक्षा सबसे अहम होती है। (External link: source URL) स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह चिकित्सा शिविर (Medical Camps) लगाएं। इसके साथ ही, एंबुलेंस प्वाइंट निर्धारित करने, जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, मोबाइल बाइक एंबुलेंस (Mobile Bike Ambulance) चलाने, मोबाइल लाइट वैन की व्यवस्था करने और चौबीसों घंटे चिकित्सा कर्मियों की शिफ्ट वाइज तैनाती का विस्तृत प्लान तैयार करने को कहा गया है।
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दूसरी ओर, विद्युत विभाग (Electricity Department) को आदेश दिया गया है कि वे पूरे कांवड़ मार्ग पर लगे ट्रांसफार्मरों, बिजली के पोल और लटकते तारों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करें। बारिश के मौसम को देखते हुए नंगे तारों को सुरक्षित बनाने, आवश्यक स्थानों पर पॉलिथीन कवर (Polythene Cover) लगाने और करंट के जोखिम वाले सभी स्थानों को चिह्नित कर उन्हें दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
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इसके अलावा, सिंचाई विभाग को निर्देश मिला है कि वह गंगनहर पटरी के पास स्नान स्थलों का चिह्नांकन करे। वहां गहरे पानी के चेतावनी बोर्ड (Warning Boards) लगाए जाएं और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैनात किए गए गोताखोरों के नाम और उनके मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं।
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कुल मिलाकर, प्रशासन इस बार मेरठ कांवड़ यात्रा को लेकर पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। कांवड़ियों की भारी आमद को देखते हुए बसों के संचालन को सोहराबगेट शिफ्ट करना और भारी वाहनों को रोकना एक सराहनीय कदम है। विभागों के बीच उचित तालमेल, गड्ढामुक्त सड़कें, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और निर्बाध बिजली आपूर्ति यह सुनिश्चित करेगी कि शिवभक्तों को अपनी यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। आम जनता से भी अपील की जाती है कि वे प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक एडवायजरी (Traffic Advisory) का पालन करें और इस पवित्र यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में अपना पूरा सहयोग दें।
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श्रावण मास में आयोजित होने वाली विशाल मेरठ कांवड़ यात्रा के लिए प्रशासन और परिवहन निगम ने अपना मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। कांवड़ मेले के दौरान सभी बसों का संचालन सोहराबगेट डिपो से होगा और जरूरत पड़ने पर लोहियानगर के अस्थायी बस अड्डे का इस्तेमाल किया जाएगा। सीडीओ नूपुर गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुलिस, PWD, NHAI, स्वास्थ्य और बिजली विभाग को कांवड़ मार्गों को गड्ढामुक्त करने, चिकित्सा शिविर लगाने, मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, दिल्ली और रुड़की रोड पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा।
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