आगामी 30 जुलाई 2026 से शुरू हो रही भगवान शिव की आस्था के महापर्व 'कांवड़ यात्रा' (Kanwar Yatra 2026) को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और मेरठ जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान बजने वाले विशालकाय डीजे (DJ) और म्यूजिक सिस्टम को लेकर अक्सर विवाद और हादसों का खतरा बना रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, सोमवार को मेरठ की पुलिस लाइन में जिले के लगभग 250 डीजे और म्यूजिक सिस्टम संचालकों के साथ पुलिस प्रशासन की एक बेहद अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस ने डीजे के आकार, आवाज और बजने वाले गानों को लेकर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं।READ ALSO:-यूपी में मानसून की धमाकेदार एंट्री: आज 1 जुलाई को मेरठ-सहारनपुर समेत 69 जिलों में भारी बारिश का महा-अलर्ट, तपती गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत!
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डीजे की ऊंचाई और चौड़ाई पर लगी लगाम

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कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्त बड़े-बड़े ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर विशालकाय म्यूजिक सिस्टम बांधकर चलते हैं। लेकिन इस बार प्रशासन ने इन विशालकाय डीजे (DJ) के आकार पर कैंची चला दी है। एसपी सिटी विनायक भोसले, एसपी देहात अभिजीत कुमार और एडीएम सिटी ब्रिजेश सिंह की मौजूदगी में हुई इस बैठक में स्पष्ट किया गया कि अब डीजे की मनमानी ऊंचाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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नए मानकों के अनुसार:

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    अधिकतम ऊंचाई: डीजे की ऊंचाई जमीन से 10 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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    अधिकतम चौड़ाई: डीजे की चौड़ाई 12 फीट तक ही सीमित रखनी होगी।
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    गत वर्ष से तुलना: पिछले वर्ष (2025) डीजे की ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 14 फीट तय की गई थी। यानी इस साल सुरक्षा को देखते हुए दोनों पैमानों में 2-2 फीट की भारी कटौती की गई है।
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राली चौहान हादसे से लिया गया सबक

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प्रशासन द्वारा डीजे की ऊंचाई कम करने का यह फैसला बिना कारण नहीं लिया गया है। एसपी सिटी विनायक भोसले ने डीजे संचालकों को स्पष्ट रूप से याद दिलाया कि दो साल पहले मेरठ के ही राली चौहान गांव में एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ था। कांवड़ियों का एक ऊंचा म्यूजिक सिस्टम गांव के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन (High Tension) विद्युत लाइन से टकरा गया था। इस हादसे में करंट लगने से 6 कांवड़ियों की झुलसकर मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी तरह की हृदयविदारक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ही इस बार 10 फीट का सख्त मानक तय किया गया है।
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ध्वनि प्रदूषण पर रोक: 75 डेसिबल रहेगी आवाज की सीमा

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बड़े और ऊंचे डीजे के साथ-साथ प्रशासन ने कानफोड़ू आवाज पर भी नकेल कसी है। बैठक में सख्त आदेश दिया गया है कि म्यूजिक सिस्टम की आवाज किसी भी हाल में 75 डेसिबल (Decibel) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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गानों और गूंज को लेकर सख्त नियम:

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    कोई अश्लीलता नहीं: यात्रा के दौरान केवल धार्मिक, भक्ति और शिव महिमा वाले गीत ही बजाए जा सकेंगे। कोई भी अश्लील (Vulgar), फूहड़ या किसी अन्य धर्म की भावनाओं को भड़काने वाला (Provocative) गीत कतई नहीं बजाया जाएगा।
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    कोई प्रतियोगिता नहीं: अक्सर देखा जाता है कि कांवड़ मार्गों पर दो अलग-अलग डीजे वाले आपस में आवाज की प्रतियोगिता (Competition) करने लगते हैं। पुलिस ने ऐसी किसी भी प्रतियोगिता पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है।
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    अस्पतालों के पास नो-डीजे जोन: सभी संचालकों को हिदायत दी गई है कि वे अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और स्कूलों के आसपास अपना म्यूजिक सिस्टम न बजाएं और न ही वहां वाहन खड़ा करें, ताकि मरीजों और एंबुलेंस की आवाजाही में कोई रुकावट न आए।
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नियमों की अनदेखी पर 168 बीएनएस के तहत होगी कार्रवाई

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मेरठ पुलिस ने इस बार केवल मौखिक चेतावनी नहीं दी है, बल्कि सभी 250 म्यूजिक सिस्टम संचालकों को नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 168 के तहत लिखित नोटिस (Notice) भी तामील करा दिया है।
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अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसी भी डीजे मालिक, संचालक या कर्मचारी ने तय मानकों (10x12 फीट और 75 डेसिबल) का उल्लंघन किया, तो यात्रा के दौरान ही डीजे को सीज (Seize) कर लिया जाएगा। इतना ही नहीं, पुलिस ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि नियम तोड़ने वालों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी और कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद विशेष टीमें गठित कर आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी भी की जाएगी।
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Kanwar Yatra 2026 को लेकर मेरठ पुलिस का यह सख्त रवैया स्वागत योग्य है। कांवड़ यात्रा आस्था और भक्ति का पर्व है, इसे हुड़दंग या शक्ति प्रदर्शन का अखाड़ा नहीं बनने दिया जा सकता। राली चौहान जैसी त्रासदियों को रोकने के लिए प्रशासन के इन सुरक्षा मानकों का पालन करना हर कांवड़िये और डीजे संचालक का नैतिक व कानूनी कर्तव्य है। आम जनता और शिव भक्तों को भी चाहिए कि वे प्रशासन का सहयोग करें ताकि यह महापर्व बिना किसी दुर्घटना और विवाद के अपनी पूरी दिव्यता के साथ संपन्न हो सके।
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30 जुलाई 2026 से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा के लिए मेरठ प्रशासन ने 250 डीजे संचालकों के साथ बैठक कर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। राली चौहान में हुए पिछले हादसे से सबक लेते हुए डीजे की ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट तय की गई है। आवाज की अधिकतम सीमा 75 डेसिबल होगी। केवल धार्मिक गीत ही बजाए जा सकेंगे और अस्पतालों के पास डीजे बजाने पर पूर्ण रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर बीएनएस की धारा 168 के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।
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