इस्लामिक कैलेंडर के सबसे प्रमुख और पवित्र त्योहारों में से एक ईद-उल-अज़हा (बकरा ईद / Bakrid) को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। त्योहार के दौरान शहर से लेकर देहात तक शांति, कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव (Communal Harmony) बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी (DM) ने एक बेहद विस्तृत और सख्त एडवाइजरी (Advisory) जारी की है।READ ALSO:-बिजनौर में करोड़ों की GST चोरी का पर्दाफाश: फर्जी ITC क्लेम करने वाले गिरोह के 2 शातिर मुरादाबाद से गिरफ्तार, पुलिस के हत्थे चढ़े अहम सुराग
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यह एडवाइजरी सीधे तौर पर राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा सभी जिलों के आला अधिकारियों को दिए गए 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) के निर्देशों के आधार पर तैयार की गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहार का उल्लास और धार्मिक भावनाएं तो बनी रहें, लेकिन इससे आम जनजीवन, यातायात और शहर की स्वच्छता पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
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'नो न्यू ट्रेडिशन': किसी भी नई परंपरा की नहीं होगी अनुमति

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प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी है कि त्योहार के नाम पर किसी भी क्षेत्र में कोई नई परंपरा (New Tradition) शुरू करने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी।
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    पुराने नियमों का पालन: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं प्रथाओं और धार्मिक गतिविधियों की अनुमति होगी, जो पिछले कई वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से होती आ रही हैं।
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    सड़कों पर नमाज अता करने पर पूर्ण प्रतिबंध: ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए सख्त निर्देश हैं कि सड़कों, चौराहों या किसी भी सार्वजनिक मार्ग को रोककर नमाज अता नहीं की जाएगी। ईद की नमाज केवल ईदगाहों, मस्जिदों या पूर्व निर्धारित धार्मिक स्थलों के परिसर के भीतर ही अता की जानी चाहिए। यदि मस्जिदों में जगह भर जाती है, तो नमाजियों को शिफ्ट (Shifts) में नमाज पढ़ने की व्यवस्था मस्जिद कमेटियों द्वारा की जानी चाहिए।
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चप्पे-चप्पे पर होगी नजर: सुपर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात

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त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए पूरे जिले को अभेद्य सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है।
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    सेक्टर स्कीम लागू: जिले के सभी संवेदनशील और अति-संवेदनशील थाना क्षेत्रों को सुपर जोन, जोन और सेक्टर्स में बांट दिया गया है।
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    मजिस्ट्रेट और पुलिस का ज्वाइंट ऑपरेशन: हर सेक्टर में एक 'सेक्टर मजिस्ट्रेट' (Sector Magistrate) के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहेगा। स्थानीय पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त (Patrolling) करेंगे।
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    फ्लैग मार्च और संवाद: शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस बल द्वारा फ्लैग मार्च किया जा रहा है और मोहल्ला समितियों व धर्मगुरुओं के साथ पीस कमेटी (Peace Committee) की बैठकें कर संवाद स्थापित किया गया है।
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स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता: नालियों में खून और खुले में अवशेष फेंकने पर बैन

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बकरीद के अवसर पर साफ-सफाई प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य और नगर निगम विभाग के साथ मिलकर एक सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure - SOP) तैयार की है।
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1. नालियों में रक्त बहने पर सख्त पाबंदी:

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कुर्बानी के बाद पशुओं का रक्त (खून) सीधे सार्वजनिक नालियों या सीवर में बहाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। खून नालियों में बहने से न केवल भयंकर दुर्गंध फैलती है, बल्कि इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है और अन्य समुदायों की भावनाएं आहत हो सकती हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे इसके लिए उचित गड्ढे खोदकर मिट्टी से ढंकने की व्यवस्था करें।
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2. करकस (Carcass) का उचित निस्तारण और विशेष बैग:

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पशुओं के अवशेषों (हड्डियां, खाल और अन्य अपशिष्ट) को सड़कों के किनारे, खाली प्लॉटों या कूड़ेदानों में खुले में फेंकना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
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    प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी प्रकार के अवशेषों को 'विशेष प्रकार के काले बैग' (Special Garbage Bags) में ही पैक करके रखा जाए।
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    यह बैग पूरी तरह से सील होने चाहिए ताकि आवारा जानवर (कुत्ते, चील, कौवे) उन्हें सड़क पर न फैला सकें।
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रूट चार्ट (Route Chart) और नगर निगम की 'रैपिड एक्शन टीम'

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कचरे और अवशेषों के त्वरित उठान (Quick Lifting) के लिए नगर निगम ने एक फूलप्रूफ 'रूट चार्ट' तैयार किया है।
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    डोर-टू-डोर कलेक्शन: कूड़ा उठाने वाले विशेष वाहन तय समय और तय रूट के अनुसार हर मोहल्ले से गुजरेंगे।
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    त्वरित प्रतिक्रिया टीमें (QRTs): शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर निगम की दर्जनों क्विक रिस्पांस टीमें तैनात रहेंगी। कंट्रोल रूम के नंबर सार्वजनिक किए जा रहे हैं, जिन पर कॉल करके नागरिक अपने क्षेत्र में जमा अवशेषों को तुरंत उठवा सकेंगे।
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    संबंधित विभागों को चेतावनी दी गई है कि अवशेषों का उठान समय-समय पर सुनिश्चित किया जाए, यदि किसी क्षेत्र से गंदगी की शिकायत आती है, तो सीधे सफाई निरीक्षक (Sanitary Inspector) पर कार्रवाई होगी।
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बिजली और पानी की विशेष व्यवस्था: सुबह 7 से शाम 4 बजे तक निर्बाध आपूर्ति

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भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए, तथा नमाज और कुर्बानी की रस्मों में लोगों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए बिजली और जलकल विभाग को भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
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    नो पावर कट (No Power Cut): जिलाधिकारी ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया है कि बकरा ईद के पर्व के दिन सुबह 7:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक बिजली की पूरी तरह से निर्बाध (Uninterrupted) आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इस दौरान किसी भी प्रकार की अघोषित कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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    पर्याप्त पेयजल: नमाजियों के वजू करने और सफाई कार्यों के लिए जलापूर्ति (Water Supply) भी सामान्य से अधिक दबाव और उचित समय पर दी जाएगी।
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सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर (Cyber Vigilance)

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अक्सर त्योहारों के समय असामाजिक तत्व अफवाहें फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। इसे रोकने के लिए जिले का साइबर सेल (Cyber Cell) 24 घंटे एक्टिव मोड में रहेगा। फेसबुक, एक्स (ट्विटर), व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी ने भी भड़काऊ पोस्ट, आपत्तिजनक तस्वीरें (विशेषकर कुर्बानी से जुड़ी बिना ब्लर की गई तस्वीरें) या भ्रामक वीडियो शेयर किए, तो उसके खिलाफ आईटी एक्ट (IT Act) और रासुका (NSA) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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जिला प्रशासन ने अपनी तरफ से ईद-उल-अज़हा को शांतिपूर्ण, स्वच्छ और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी प्रशासनिक मशीनरी को झोंक दिया है। जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओं और प्रबुद्धजनों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी की गई इस एडवाइजरी और SOP का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराएं। आपसी भाईचारा, संयम और स्वच्छता ही इस पवित्र पर्व का असली संदेश है।
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